दिगौड़ा हत्याकांड: 24 घंटे में तीन आरोपी गिरफ्तार, हथियार और बाइक जब्त
तुलसीदास अहिरवार की हत्या के मामले में पुलिस की कार्रवाई; जमीन को लेकर पुरानी रंजिश का आरोप
खूब चन्द्र लोधी
रिपोर्टर टीकमगढ़
दिगौड़ा, 24 अक्टूबर। तुलसीदास अहिरवार की हत्या के मामले में दिगौड़ा पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, वारदात के 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी शिवाजी राजा परमार, उसके पिता और एक अन्य साथी को पकड़ा गया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल देशी पिस्टल और वारदात में प्रयुक्त अपाचे मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया है।
दुकान के पास गोली मारने का आरोप
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार 23 अक्टूबर की सुबह करीब 8:15 बजे तुलसीदास अहिरवार (51) अपनी दुकान के पास खड़े थे। इसी दौरान शिवाजी राजा परमार ने कथित तौर पर देशी पिस्टल से उन पर तीन गोलियां चलाईं। गोली लगने से तुलसीदास गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
प्रारंभिक जानकारी में वारदात के पीछे करीब 22 साल पुरानी जमीन संबंधी रंजिश की बात सामने आई है। पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है। घटना के बाद दिगौड़ा कस्बे में तनाव और दहशत का माहौल बन गया था।
मुखबिर तंत्र की मदद से गिरफ्तारी
घटना के बाद दिगौड़ा थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की। पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया और संभावित ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई के दौरान तीनों आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में शिवाजी राजा परमार (30), पिता नारायण सिंह, निवासी परमार गार्डन, दिगौड़ा, वर्तमान पता उत्तमपुरा, टीकमगढ़ शामिल है। दूसरे आरोपी नारायण सिंह उर्फ तुलसी राजा परमार (60), पिता वीर सिंह परमार, निवासी परमार गार्डन, दिगौड़ा, वर्तमान पता उत्तमपुरा, टीकमगढ़ बताए गए हैं। तीसरा आरोपी अनिकेत राजपूत (21), पिता रमेश राजपूत, निवासी ग्राम विघा टपरन, थाना दिगौड़ा है।
पिस्टल और अपाचे बाइक जब्त
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान शिवाजी राजा परमार की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई देशी पिस्टल बरामद की गई। अनिकेत राजपूत की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त अपाचे मोटरसाइकिल जब्त की गई है। पुलिस ने दोनों वस्तुओं को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1), 296(बी), 351(3) और 3(5) के साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
पुलिस टीम की भूमिका
कार्रवाई में थाना प्रभारी मनीष मिश्रा के साथ प्रधान आरक्षक राकेश घोष, अभय वर्मा, फूलचन्द तिवारी, घनश्याम खटीक, विकास रजक और सचिन शामिल रहे। आरक्षक हरिओम, रविन्द्र, अरुण चौहान, अजीत सिंह, अक्षय सिंह, नीलू सिंह, अंकित साहू और राघवेन्द्र लोधी ने भी कार्रवाई में सहयोग किया।
पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया है। जमीन संबंधी पुरानी रंजिश और वारदात में प्रत्येक आरोपी की भूमिका को लेकर विवेचना जारी है।
