बांदकपुर में पेट्रोल पंप बंद होने से किसान परेशान, मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
15–20 गांवों के लोगों ने नया पंप शुरू कराने या मोबाइल टैंकर से ईंधन उपलब्ध कराने की मांग की
कोमल अहिरवार, जिला ब्यूरो चीफ
दमोह बांदकपुर क्षेत्र में पेट्रोल पंप बंद होने से किसानों और आमजन को हो रही परेशानी को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम दमोह कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में क्षेत्र में ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नया पेट्रोल पंप शुरू कराने, मोबाइल टैंकर से आपूर्ति करने अथवा बंद पड़े पंप को दोबारा चालू कराने की मांग की गई है।
ग्रामीणों के अनुसार, बांदकपुर सिद्धधाम आसपास के लगभग 15 से 20 गांवों का प्रमुख केंद्र है। यहां श्री जागेश्वरधाम ट्रस्ट की जमीन पर एक पेट्रोल पंप संचालित था। उसकी लीज अवधि समाप्त होने के बाद पंप बंद कर दिया गया। इसके बाद से बांदकपुर सहित आसपास के गांवों के लोगों को पेट्रोल और डीजल के लिए दूर जाना पड़ रहा है। सिद्ध क्षेत्र में आने-जाने वाले श्रद्धालु भी ईंधन की उपलब्धता न होने से परेशान हो रहे हैं।
खेती के जरूरी काम के समय बढ़ी परेशानी
ज्ञापन देने पहुंचे हाकम सिंह लोधी ने बताया कि इस समय खेतों में कटाई, जुताई और बोवनी जैसे महत्वपूर्ण कृषि कार्य चल रहे हैं। ऐसे में किसानों को ट्रैक्टर और अन्य कृषि कार्यों के लिए ईंधन की जरूरत है। बांदकपुर में पंप बंद होने के कारण ग्रामीणों को दमोह-कटनी रोड पर रेलवे लाइन के दूसरी ओर स्थित पेट्रोल पंप तक जाना पड़ता है। यह पंप क्षेत्र से लगभग चार से पांच किलोमीटर दूर है।
ग्रामीणों के मुताबिक, दूसरे पेट्रोल पंप पर लोगों की भीड़ बढ़ गई है। इसके अलावा रेलवे की तीसरी लाइन शुरू होने के बाद रेलवे गेट अधिकतर समय बंद रहता है। किसानों को रेलवे गेट के दोनों ओर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। इससे आने-जाने में समय लगता है और अतिरिक्त ईंधन भी खर्च होता है। किसानों का कहना है कि खेती के व्यस्त समय में यह देरी उनके कामकाज को प्रभावित कर रही है। जुताई और बोवनी समय पर पूरी नहीं होने से फसल पर असर पड़ने की आशंका भी बनी हुई है।
बोतलों में महंगे दाम पर मिल रहा पेट्रोल
ग्रामीणों ने ज्ञापन में यह भी बताया कि बांदकपुर में पेट्रोल पंप बंद होने के बाद कुछ दुकानदार कथित रूप से अवैध तरीके से पेट्रोल बेच रहे हैं। उनके अनुसार, बोतल में लगभग 900 ग्राम पेट्रोल 140 से 150 रुपये तक में दिया जा रहा है। जरूरत के कारण लोगों को महंगे दाम पर पेट्रोल खरीदना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय स्तर पर नियमित और उचित व्यवस्था नहीं होने से आम लोगों को परेशानी हो रही है। किसानों को खेतों तक पहुंचने और कृषि कार्य करने के लिए ईंधन चाहिए, जबकि अन्य नागरिकों और श्रद्धालुओं को भी आवागमन के लिए पेट्रोल की जरूरत पड़ती है। ऐसे में बंद पंप के कारण क्षेत्र के लोगों को अतिरिक्त खर्च और समय की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
तीन विकल्पों में से किसी एक पर जल्द कार्रवाई की मांग
ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने समस्या के समाधान के लिए तीन विकल्प सुझाए हैं। उन्होंने बांदकपुर में नया पेट्रोल पंप तत्काल शुरू कराने, किसानों और आमजन को मोबाइल टैंकर के माध्यम से ईंधन उपलब्ध कराने अथवा लीज समाप्त होने के कारण बंद किए गए पुराने पेट्रोल पंप को फिर से चालू कराने की मांग की है।
ज्ञापन देने वालों ने कहा कि क्षेत्र में ईंधन की सुचारू व्यवस्था होने से किसानों को जुताई और बोवनी समय पर पूरी करने में मदद मिलेगी। इससे कृषि कार्य प्रभावित होने की आशंका कम होगी और आसपास के गांवों के नागरिकों तथा बांदकपुर आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलेगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस समस्या का शीघ्र समाधान कराने का आग्रह किया है।
मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन के दौरान हाकम सिंह लोधी, भारत सिंह, मुकेश सिंह, ब्रजेश सिंह, विकास नामदेव, राकेश सेन, सरमन अहिरवार, दर्शन सिंह, रमेश प्रजापति, चंदू सिंह राजगौड़, बाबूलाल यादव, हेमराज सिंह, तख्त सिंह, देवी राय और किरण राजपूत सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
