पराली प्रबंधन के लिए प्रशासन और किसान मिलकर करेंगे प्रयास: कलेक्टर
रायसेन में किसान संगठनों के साथ बैठक; सिंचाई बिजली, खाद वितरण और खेतों में झूलते बिजली तारों की समस्याओं पर भी हुई चर्चा
ब्यूरो चीफ : उमेश चौबे
रायसेन। जिले में पराली जलाने की घटनाओं को रोकने और किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन और किसान संगठन मिलकर प्रयास करेंगे। कलेक्टर रोहित सिसोनिया ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में किसान संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर पराली प्रबंधन, खाद वितरण और सिंचाई के लिए बिजली आपूर्ति सहित कई मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने कृषि कार्यों के दौरान आ रही परेशानियों से कलेक्टर को अवगत कराया। उन्होंने सिंचाई के लिए विद्युत आपूर्ति, खाद की उपलब्धता, खेतों में नीचे लटकती बिजली लाइनों और आड़े-तिरछे लगे विद्युत पोलों से जुड़ी समस्याएं रखीं। किसानों ने कहा कि इन समस्याओं के कारण खेतों में काम करने और फसलों की सिंचाई करने में दिक्कत होती है।
कलेक्टर रोहित सिसोनिया ने कहा कि किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए प्रशासन तत्पर है। कृषि कार्यों को सुगम बनाने और किसानों को अनावश्यक परेशानी से बचाने के लिए विभागों और किसान संगठनों के बीच समन्वय आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से किसानों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर ध्यान देकर समाधान की दिशा में कार्रवाई करने को कहा।
पराली जलाने से पर्यावरण और स्वास्थ्य पर असर
बैठक में फसल कटाई के बाद खेतों में बचने वाले अवशेषों के प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है और इसका असर आमजन के स्वास्थ्य तथा आसपास के वातावरण पर पड़ता है। इसलिए फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करना और उन्हें जलाने से बचना जरूरी है।
उन्होंने किसान संगठनों के पदाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों को जागरूक करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसानों को पराली जलाने के नुकसान समझाए जाएं और फसल अवशेषों के प्रबंधन के वैकल्पिक उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ कृषि भूमि की गुणवत्ता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
कार्ययोजना में किसान संगठनों की भागीदारी
कलेक्टर ने जिले में पराली प्रबंधन के लिए बनाई जा रही कार्ययोजना पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान और पर्यावरण संरक्षण दोनों प्रशासन की प्राथमिकता हैं। इन विषयों पर नियमित संवाद से किसानों की जरूरतों को समझने और व्यावहारिक समाधान तय करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने किसान संगठनों से प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की। संगठन अपने क्षेत्रों में किसानों तक जानकारी पहुंचाने और पराली प्रबंधन के लिए जागरूकता बढ़ाने में भूमिका निभा सकते हैं। प्रशासन और किसान संगठनों की सक्रिय भागीदारी से पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के प्रयासों को गति मिलेगी।
कलेक्टर ने मोबाइल से दिखाया ई-टोकन बनाना
बैठक के दौरान कलेक्टर रोहित सिसोनिया ने अपने मोबाइल से खाद के लिए ई-टोकन जनरेट करने की प्रक्रिया करके दिखाई। उन्होंने उपस्थित किसान प्रतिनिधियों को इसकी प्रक्रिया समझाई और किसानों को ई-टोकन सुविधा का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे प्रक्रिया को आसानी से पूरा कर सकें।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमल सोलंकी सहित कृषि, सहकारिता, विद्युत और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से अपील की गई कि वे किसानों की समस्याओं और पराली प्रबंधन से जुड़े विषयों पर प्रशासन से संवाद बनाए रखें।
