—Advertisement—

स्वर्गीय सुंदरलाल कोचर दादा की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा आयोजित

Author Picture
Published On: 22 October 2026
aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

—Advertisement—

स्वर्गीय सुंदरलाल कोचर दादा की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा आयोजित

जावरा के जनता परिसर में प्रबुद्धजनों, समाजसेवियों और नागरिकों ने दी श्रद्धांजलि; धर्म और समाज के प्रति उनके योगदान को किया याद

जावरा। धर्मनिष्ठ, समाजसेवी और मिलनसार व्यक्तित्व के धनी स्वर्गीय सुंदरलाल कोचर दादा के शोक निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत जनता परिसर, जावरा में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। सभा में नगर के प्रबुद्धजन, गणमान्य नागरिक, समाजसेवी, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि और परिजन शामिल हुए। उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके व्यक्तित्व और समाज के प्रति योगदान का स्मरण किया।

सभा में वक्ताओं ने कहा कि सुंदरलाल कोचर दादा अपने धर्म के प्रति गहरी आस्था रखने वाले व्यक्ति थे। उनका जीवन धार्मिक निष्ठा, सामाजिक सेवाओं और सद्भाव से जुड़ा रहा। वे हंसमुख स्वभाव के थे और सभी से सहजता से मिलते थे। उनके सकारात्मक व्यवहार और आत्मीयता के कारण वे परिचितों और समाज के लोगों के बीच सम्मान और स्नेह पाते थे।

वक्ताओं ने किया सेवाभावी जीवन का स्मरण

aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaश्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं को याद किया। उन्होंने कहा कि सुंदरलाल कोचर दादा ने अपने व्यवहार और कार्यों से समाज में एक सकारात्मक पहचान बनाई। धर्म और समाज के प्रति उनकी समर्पण भावना लोगों के लिए प्रेरणादायी रही। वे धार्मिक गतिविधियों और सामाजिक कार्यों से जुड़े रहते थे तथा अपने संपर्क में आने वाले लोगों के साथ सद्भावपूर्ण व्यवहार करते थे।

वक्ताओं ने उनके मिलनसार और जिंदादिल स्वभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि वे कठिन परिस्थितियों में भी सकारात्मक बने रहते थे। उनकी सहजता, आत्मीयता और दूसरों के प्रति सम्मान का भाव लोगों को उनसे जोड़ता था। सभा में उपस्थित जनों ने कहा कि उनका निधन परिवार और समाज, दोनों के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके जाने से जो रिक्तता बनी है, उसे भर पाना कठिन है।

परिवार की सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में भागीदारी

स्वर्गीय सुंदरलाल कोचर दादा के सुपुत्र मनीष कोचर विभिन्न संस्थाओं में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे वर्धमान स्वाध्याय मंडल के पूर्व अध्यक्ष और लायंस क्लब के पूर्व पदाधिकारी रह चुके हैं। वर्तमान में वे अष्टापद तीर्थ के कोषाध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं। सभा में उनके परिवार की धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी भूमिका का भी उल्लेख किया गया।

उनके छोटे भाई अतुल कोचर सहित पूरा परिवार धार्मिक और सामाजिक कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। वक्ताओं ने कहा कि परिवार ने समाजसेवा और धर्म से जुड़े कार्यों में निरंतर भागीदारी की है। ऐसे कार्यों से समाज में सहयोग और सद्भाव की भावना मजबूत होती है।

सेवा और सद्भाव के आदर्श आगे बढ़ाने का संकल्प

सभा के दौरान उपस्थित लोगों ने दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने स्वर्गीय सुंदरलाल कोचर दादा के जीवन से प्रेरणा लेने और उनके द्वारा स्थापित सेवा, धर्म तथा सद्भाव के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। श्रद्धांजलि सभा में परिजनों और समाजजनों ने उनके साथ बिताए समय तथा उनसे जुड़े संस्मरणों को भी याद किया।

शोक निवारण कार्यक्रम में शामिल लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सभा का वातावरण श्रद्धा और भावुकता से भरा रहा। उपस्थित जनों ने कहा कि सुंदरलाल कोचर दादा का सरल स्वभाव, धर्म के प्रति निष्ठा और समाज के लिए किए गए कार्य लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बने रहेंगे।

श्रद्धांजलि सभा की जानकारी जैन समाज मीडिया प्रभारी, महिदपुर रोड के सचिन भंडारी ने दी।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp