27 अक्टूबर से बदलेगा श्रीरामराजा मंदिर में दर्शन का समय
सर्दियों के लिए नई व्यवस्था लागू; सुबह 9 से दोपहर 1 बजे और शाम 7 से रात 9:30 बजे तक खुलेगा दरबार
रिपोर्टर: खूब चन्द्र लोधी
धार्मिक एवं पर्यटन नगरी के विश्व प्रसिद्ध श्रीरामराजा मंदिर में 27 अक्टूबर से दर्शन के समय में बदलाव किया जाएगा। शरद पूर्णिमा के दूसरे दिन सुबह से सर्दियों के लिए नई समय-सारिणी लागू होगी। मंदिर के प्रधान पुजारी श्री रमाकांत शरण महाराज ने बताया कि अब श्रीरामराजा सरकार का दरबार सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक और शाम 7 बजे से रात 9:30 बजे तक खुलेगा।
समय में बदलाव के बाद मंदिर में बाल भोग आरती सुबह 9 बजे होगी। इसके बाद श्रद्धालु दोपहर 1 बजे तक दर्शन कर सकेंगे। राजभोग आरती के बाद मंदिर का पट बंद हो जाएगा। शाम को दरबार फिर 7 बजे खुलेगा और संध्या आरती होगी। रात 9:30 बजे ब्यारी के बाद श्रीरामराजा सरकार शयन करेंगे।
मौसम के अनुसार बदलती है मंदिर की समय-सारिणी
मंदिर की प्राचीन परंपरा के अनुसार वर्ष में मौसम के अनुरूप दरबार खुलने और आरती का समय तय किया जाता है। गर्मी और बारिश के आठ महीनों में फाल्गुन से लेकर अश्विन महीने की शरद पूर्णिमा तक मंदिर का दरबार सुबह 8 बजे से खुलता है। इस अवधि में बाल भोग आरती के बाद दोपहर 12:30 बजे राजभोग आरती होती है। राजभोग आरती के बाद मंदिर बंद कर दिया जाता है।
वर्तमान व्यवस्था में शाम 8 बजे संध्या आरती होती है और रात 10:30 बजे श्रीरामराजा सरकार का शयन कराया जाता है। अब सर्दियों के मौसम को देखते हुए सुबह और शाम के दर्शन का समय बदला जा रहा है। नई व्यवस्था में सुबह दरबार एक घंटे देर से खुलेगा और रात का शयन भी पहले होगा।
सुबह 9 बजे बाल भोग आरती से खुलेंगे पट
प्रधान पुजारी श्री रमाकांत शरण महाराज के अनुसार, 27 अक्टूबर से सुबह 9 बजे बाल भोग आरती के साथ दरबार के पट खुलेंगे। श्रद्धालु दोपहर 1 बजे तक दर्शन कर सकेंगे। इसके बाद राजभोग आरती होगी और मंदिर का दरबार बंद हो जाएगा।
शाम की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। सर्दियों की नई समय-सारिणी के अनुसार शाम 7 बजे संध्या आरती होगी। इसके बाद रात 9:30 बजे ब्यारी के बाद श्रीरामराजा सरकार शयन करेंगे। इस प्रकार शाम का दर्शन समय रात 9:30 बजे तक रहेगा।
श्रद्धालु नई व्यवस्था के अनुसार करें दर्शन की योजना
समय-सारिणी में बदलाव का असर मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की दर्शन योजना पर भी पड़ेगा। सुबह दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को अब 9 बजे पट खुलने का ध्यान रखना होगा। दोपहर में मंदिर 1 बजे राजभोग आरती के बाद बंद रहेगा। शाम को दर्शन के लिए दरबार 7 बजे खुलेगा और रात 9:30 बजे तक ही उपलब्ध रहेगा।
मंदिर प्रबंधन की ओर से श्रद्धालुओं से नई समय-सारिणी के अनुसार दर्शन की योजना बनाने की अपेक्षा की गई है। विशेष रूप से दूर-दराज से आने वाले भक्तों के लिए सुबह और शाम के बदले हुए समय की जानकारी रखना उपयोगी होगा, ताकि वे दर्शन के लिए सही समय पर पहुंच सकें।
27 अक्टूबर से लागू होगी नई व्यवस्था
मंदिर के प्रधान पुजारी ने स्पष्ट किया कि नई समय-सारिणी 27 अक्टूबर की सुबह से प्रभावी होगी। इसके बाद सर्दियों के मौसम में श्रीरामराजा सरकार का दरबार सुबह 9 से दोपहर 1 बजे और शाम 7 से रात 9:30 बजे तक खुलेगा। आरती और शयन की व्यवस्थाएं भी इसी समय के अनुसार होंगी।
श्रीरामराजा मंदिर धार्मिक आस्था के साथ पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र है। यहां स्थानीय श्रद्धालुओं के अलावा दूर-दराज से भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मौसम के अनुसार मंदिर की समय-सारिणी में होने वाला यह बदलाव श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है। मंदिर आने वाले भक्त 27 अक्टूबर से नई व्यवस्था का ध्यान रखकर दर्शन कर सकेंगे।
