Ravan Dahan 2026: इंदौर में 121 फीट, भोपाल में 105 फीट के रावण का दहन; कुछ जगह बारिश ने डाला खलल
मध्यप्रदेश में मंगलवार को विजयादशमी का पर्व उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। प्रदेश के अलग-अलग शहरों में रावण दहन, रामलीला, आतिशबाजी और शस्त्र पूजन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इंदौर में 121 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन हुआ, जबकि भोपाल में 105 फीट और उज्जैन में 101 फीट ऊंचे रावण के पुतले को जलाया गया। इंदौर के आयोजन में नशे के खिलाफ संदेश देने के लिए नशासुर का पुतला भी जलाया गया।
कई जगहों पर दशहरा उत्सव के दौरान लोगों ने परिवार के साथ कार्यक्रमों में भाग लिया। हालांकि, प्रदेश के कुछ इलाकों में हुई बारिश ने उत्सव के रंग में खलल डाला। बारिश के असर और शहरों में हुए आयोजनों के कारण विजयादशमी इस बार उत्सव और मौसम, दोनों वजहों से चर्चा में रही।
इंदौर में 121 फीट के रावण का दहन
इंदौर में दशहरे के अवसर पर 121 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। ऊंचे पुतले और आयोजन ने लोगों का ध्यान खींचा। रावण दहन विजयादशमी का प्रमुख आकर्षण रहा। इस दौरान नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश देने के लिए नशासुर का पुतला भी जलाया गया।
नशासुर के पुतले के जरिए लोगों को नशे से दूर रहने और इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया। इस तरह उत्सव में पारंपरिक रावण दहन के साथ सामाजिक संदेश भी शामिल रहा। इंदौर में विजयादशमी के कार्यक्रमों में रामलीला, आतिशबाजी और अन्य आयोजन भी किए गए।
भोपाल में 105 फीट ऊंचे पुतले का दहन
राजधानी भोपाल में 105 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन हुआ। विजयादशमी के अवसर पर शहर में उत्सव का माहौल रहा। रामलीला और रावण दहन जैसे कार्यक्रमों में लोगों ने हिस्सा लिया। पुतले के दहन के साथ बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया गया।
भोपाल में शस्त्र पूजन सहित दशहरे से जुड़े पारंपरिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। विजयादशमी पर कई लोग मंदिरों और आयोजन स्थलों पर पहुंचे। अलग-अलग स्थानों पर हुए आयोजनों में पूजा-पाठ, रामलीला और आतिशबाजी ने उत्सव का माहौल बनाया।
उज्जैन में 101 फीट के रावण का पुतला जला
उज्जैन में 101 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। शहर में दशहरे पर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए। रावण दहन के साथ लोगों ने विजयादशमी का पर्व मनाया। इस अवसर पर रामलीला और आतिशबाजी भी उत्सव का हिस्सा रही।
इंदौर, भोपाल और उज्जैन में रावण के पुतलों की ऊंचाई अलग-अलग रही, लेकिन तीनों शहरों में दहन कार्यक्रम पर्व के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहा। पुतलों का दहन बुराई पर अच्छाई की जीत और अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक माना जाता है।
बारिश ने कुछ जगहों पर प्रभावित किया उत्सव
प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश होने से दशहरे के आयोजन प्रभावित हुए। बारिश के कारण लोगों को कार्यक्रम स्थलों तक पहुंचने में परेशानी हुई और कुछ जगहों पर उत्सव का माहौल प्रभावित हुआ। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उन स्थानों का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है जहां बारिश का असर सबसे अधिक रहा।
मौसम की वजह से आयोजन में बदलाव या असुविधा के बावजूद कई शहरों में विजयादशमी के कार्यक्रम आयोजित किए गए। रावण दहन देखने के लिए लोग आयोजन स्थलों पर पहुंचे और पर्व की परंपरा निभाई। बारिश ने कुछ जगहों पर उत्सव का रंग फीका किया, जबकि अन्य शहरों में कार्यक्रम धूमधाम से संपन्न हुए।
बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश
विजयादशमी का पर्व भगवान श्रीराम की रावण पर विजय की स्मृति में मनाया जाता है। रावण दहन के माध्यम से बुराई, अहंकार और अन्याय के अंत का प्रतीकात्मक संदेश दिया जाता है। मध्यप्रदेश के शहरों में आयोजित कार्यक्रमों में यह परंपरा एक बार फिर दिखाई दी।
इस वर्ष इंदौर, भोपाल और उज्जैन में ऊंचे रावण के पुतलों का दहन आकर्षण का केंद्र रहा। वहीं इंदौर में नशासुर का पुतला जलाकर सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया गया। बारिश के कारण कुछ स्थानों पर आयोजन प्रभावित हुए, लेकिन प्रदेशभर में विजयादशमी का पर्व उत्साह और परंपरा के साथ मनाया गया।
