बैतूल-परतवाड़ा की जर्जर सड़क पर टोल वसूली का विरोध, कोथलकुंड टोल बंद करने की मांग
रिपोर्ट: राकेश सिंह
ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट यूनियन ने सड़क विकास निगम को भेजा ज्ञापन, स्थानीय वाहनों से नकद वसूली पर आंदोलन की चेतावनी
बैतूल। बैतूल-परतवाड़ा मार्ग की खराब हालत और टोल वसूली को लेकर बैतूल ट्रक एंड ट्रांसपोर्ट यूनियन ने विरोध जताया है। यूनियन ने कोथलकुंड टोल प्लाजा को तत्काल बंद करने की मांग करते हुए मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम, भोपाल के प्रबंध संचालक को ज्ञापन भेजा है। पदाधिकारियों का कहना है कि सड़क की स्थिति में सुधार किए बिना वाहन संचालकों से टोल लेना उचित नहीं है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि स्थानीय वाहनों से जबरन नकद टोल वसूली दोबारा शुरू होने पर नागरिकों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।
क्षतिग्रस्त सड़क से दुर्घटनाओं और नुकसान का आरोप
यूनियन अध्यक्ष शैलेन्द्र उर्फ संजू राठौर के अनुसार, बैतूल-परतवाड़ा मार्ग लंबे समय से खराब स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह क्षतिग्रस्त हिस्से होने के कारण वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि मार्ग की बदहाली के कारण आए दिन वाहन दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।
राठौर का कहना है कि खराब सड़क से वाहन संचालकों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। यूनियन ने सड़क की स्थिति को अपनी मांग का प्रमुख आधार बनाया है। पदाधिकारियों के अनुसार, मार्ग का उपयोग करने वाले वाहन चालकों की परेशानियों को देखते हुए मरम्मत और सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
करीब 15 वर्षों से पर्याप्त मरम्मत नहीं होने का दावा
ज्ञापन में यूनियन ने आरोप लगाया है कि करीब 15 वर्षों से सड़क के सुदृढ़ीकरण और पर्याप्त मरम्मत का काम नहीं हुआ है। इसके बावजूद मार्ग पर टोल वसूली जारी रहने पर पदाधिकारियों ने नाराजगी जताई है।
यूनियन का कहना है कि वाहन संचालक सड़क का उपयोग करने के बदले टोल चुकाते हैं, इसलिए मार्ग की स्थिति भी आवागमन के अनुकूल होनी चाहिए। पदाधिकारियों ने सड़क की बदहाली और टोल वसूली के मुद्दे को एक साथ उठाते हुए संबंधित निगम से कार्रवाई की मांग की है। पर्याप्त मरम्मत नहीं होने संबंधी बातें यूनियन के आरोप हैं।
स्थानीय वाहनों से दोबारा नकद टोल का मुद्दा
यूनियन पदाधिकारियों के अनुसार, पिछले दो महीनों से स्थानीय वाहनों से टोल नहीं लिया जा रहा था। उनका आरोप है कि अब स्थानीय वाहन संचालकों पर दोबारा नकद टोल देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर यूनियन ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
पदाधिकारियों का कहना है कि सड़क की मौजूदा हालत में स्थानीय वाहनों से वसूली शुरू करना उनकी परेशानियां बढ़ाएगा। यूनियन ने स्पष्ट किया कि जबरन नकद वसूली किए जाने की स्थिति में ट्रांसपोर्टरों के साथ स्थानीय नागरिक भी विरोध में शामिल होंगे। ज्ञापन के माध्यम से इस आपत्ति को निगम के प्रबंध संचालक तक पहुंचाया गया है।
टोल अनुबंध की अवधि समाप्त होने का दावा
यूनियन ने कोथलकुंड टोल प्लाजा की निर्धारित अनुबंध अवधि समाप्त होने का दावा भी किया है। इसी आधार पर टोल प्लाजा तत्काल बंद करने की मांग रखी गई है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में अनुबंध की अवधि से संबंधित दस्तावेज या संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया शामिल नहीं है।
ऐसे में अनुबंध समाप्त होने की बात फिलहाल यूनियन के दावे के रूप में सामने आई है। टोल संचालन और अनुबंध की वास्तविक स्थिति संबंधित रिकॉर्ड से स्पष्ट होगी। यूनियन ने अपने ज्ञापन में सड़क की हालत के साथ इस विषय पर भी ध्यान देने की मांग की है।
कलेक्टर को पहले भी कराया गया अवगत
पदाधिकारियों के अनुसार, सड़क और टोल वसूली से जुड़े मामले में बैतूल कलेक्टर को पूर्व में भी अवगत कराया जा चुका है। अब सड़क विकास निगम को ज्ञापन भेजकर कोथलकुंड टोल बंद करने की मांग दोहराई गई है।
यूनियन का कहना है कि ट्रांसपोर्टरों और स्थानीय नागरिकों ने सड़क की स्थिति सुधरने तक इस मार्ग पर टोल नहीं देने का निर्णय लिया है। यह यूनियन द्वारा घोषित विरोध का रुख है। मांगों पर कार्रवाई नहीं होने और स्थानीय वाहनों से जबरन वसूली शुरू होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।
ज्ञापन में इन पदाधिकारियों और सदस्यों की सहभागिता
ज्ञापन में अध्यक्ष शैलेन्द्र (संजू) राठौर, उपाध्यक्ष राजा अली, कोषाध्यक्ष मुनावर भाई और सचिव चिंटू गौर शामिल रहे। इनके साथ सूरज दुबे, दीनु पंवार, मनोज तलेड़ा, दिनेश राठौर, बंटी राठौर, राजू मालवीय, राम महेश्वरी, श्याम सोनी और कमल सेनानी की भी सहभागिता रही। सभी ने सड़क की बदहाली तथा टोल वसूली पर आपत्ति जताते हुए मांगों पर कार्रवाई का आग्रह किया।
