हरमनप्रीत कौर ने सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ी, खिलाड़ी के रूप में जारी रहेगा सफर
नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का ऐलान किया। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर भावुक संदेश साझा करते हुए इस फैसले की जानकारी दी। लंबे समय तक भारतीय टीम का नेतृत्व करने वाली हरमनप्रीत ने स्पष्ट किया कि वह खिलाड़ी के रूप में अपना क्रिकेट सफर जारी रखेंगी। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी ने भी उनके कप्तानी छोड़ने की पुष्टि की है। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
हरमनप्रीत के इस निर्णय के साथ भारतीय महिला क्रिकेट में नेतृत्व के एक लंबे अध्याय का समापन हुआ है। अब टीम की अगली कप्तान को लेकर सवाल उठ रहा है। हालांकि, कप्तानी छोड़ने की घोषणा और नए कप्तान की नियुक्ति अलग विषय हैं। उत्तराधिकारी के नाम को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार रहेगा।
सोशल मीडिया पर साझा किया भावुक संदेश
हरमनप्रीत ने अपने संदेश में बताया कि कप्तानी छोड़ने का निर्णय उनके लिए आसान नहीं था। इस जिम्मेदारी के साथ वर्षों की यादें, भावनाएं, संघर्ष और त्याग जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम का नेतृत्व करना उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी का विषय रहा।
उन्होंने बताया कि टीम के हित को प्राथमिकता देने के लिए कई अवसरों पर उन्हें अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं और खेल से जुड़ी आकांक्षाओं को पीछे रखना पड़ा। उनका प्रयास हमेशा टीम को बेहतर बनाने और साथी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर देने का रहा। उनके संदेश में कप्तान की जिम्मेदारी के साथ जुड़े व्यक्तिगत अनुभव भी सामने आए।
कठिन फैसलों और आलोचनाओं का भी किया उल्लेख
अपने नेतृत्व के सफर पर बात करते हुए हरमनप्रीत ने कठिन निर्णयों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कप्तान के तौर पर लिए गए सभी फैसलों को हमेशा समझा नहीं गया और कुछ निर्णय व्यक्तिगत रूप से भी चुनौतीपूर्ण रहे। इसके बावजूद उनकी प्राथमिकता खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ाना और टीम को मजबूत बनाना थी।
उन्होंने असफलताओं, आलोचनाओं और निराशाजनक दौर के साथ जीत तथा देश का प्रतिनिधित्व करने के गौरव को भी याद किया। उनके अनुसार, टीम के साथ हासिल सफलताओं ने कठिन परिस्थितियों में किए गए प्रयासों को सार्थक बनाया। कप्तानी छोड़ते समय उन्होंने अपने भीतर भावनाओं के साथ संतोष होने की बात भी कही।
क्रिकेट से संन्यास नहीं, बल्लेबाज के रूप में रहेंगी उपलब्ध
हरमनप्रीत का फैसला कप्तानी की जिम्मेदारी से अलग होने का है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा नहीं की है। वह भारतीय टीम के लिए सभी फॉर्मेट में खिलाड़ी के रूप में उपलब्ध रहेंगी। अपने संदेश में उन्होंने खेल के प्रति प्रेम के साथ आगे बढ़ने की इच्छा जताई।
उन्होंने टीम की वर्तमान स्थिति और भविष्य को लेकर भरोसा भी व्यक्त किया। उनके अनुसार, भारतीय टीम में प्रतिभा, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की क्षमता मौजूद है। उन्होंने साथियों, प्रशिक्षकों, सहयोगी स्टाफ, प्रबंधन, बीसीसीआई, परिवार और प्रशंसकों के समर्थन के लिए आभार जताया।
विश्व कप जीत रही कप्तानी की सबसे बड़ी उपलब्धि
हरमनप्रीत के नेतृत्व की सबसे बड़ी उपलब्धियों में भारत का पहला महिला वनडे विश्व कप खिताब शामिल है। भारतीय टीम ने वर्ष 2025 में घरेलू मैदान पर आयोजित टूर्नामेंट के फाइनल में दक्षिण अफ्रीका को हराकर इतिहास रचा था। इससे पहले सेमीफाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पराजित किया था।
यह सफलता भारतीय महिला क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक पड़ाव बनी। हरमनप्रीत उस भारतीय महिला टीम की कप्तान रहीं, जिसने पहली बार विश्व कप ट्रॉफी अपने नाम की। उनके नेतृत्व का अंतिम अभियान पिछले महीने एशियाई खेलों में भारतीय टीम की लगातार दूसरी स्वर्ण पदक जीत के साथ समाप्त हुआ।
तीनों फॉर्मेट में संभाली भारतीय टीम की कमान
आईसीसी के अनुसार, हरमनप्रीत ने भारत का नेतृत्व पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में किया। वह अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में 150 से अधिक मैचों में कप्तानी करने वाली पहली खिलाड़ी बनीं। यह रिकॉर्ड महिला और पुरुष, दोनों वर्गों को मिलाकर है।
उनकी कप्तानी में भारत ने 2020 महिला टी20 विश्व कप का फाइनल खेला और 2018 तथा 2023 में सेमीफाइनल तक पहुंचा। टीम ने 2022 राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक भी हासिल किया। ये परिणाम अलग-अलग प्रतियोगिताओं में उनके लंबे नेतृत्व कार्यकाल की झलक प्रस्तुत करते हैं।
अब नए नेतृत्व पर रहेंगी निगाहें
हरमनप्रीत के कप्तानी छोड़ने के बाद भारतीय महिला टीम के सामने नेतृत्व परिवर्तन का महत्वपूर्ण चरण है। अगली कप्तान को टीम की उपलब्धियों को आगे बढ़ाने, खिलाड़ियों के बीच तालमेल बनाए रखने और आगामी प्रतियोगिताओं की तैयारी की जिम्मेदारी संभालनी होगी।
नए कप्तान के नाम पर आधिकारिक पुष्टि होने तक किसी खिलाड़ी की नियुक्ति को तय मानना उचित नहीं होगा। फिलहाल हरमनप्रीत की घोषणा से स्पष्ट है कि नेतृत्व की जिम्मेदारी बदल रही है, जबकि भारतीय क्रिकेट के साथ उनका सफर जारी रहेगा।
