कोटवार संघ ने सौंपा ज्ञापन, मांगें पूरी नहीं होने पर काम बंद और अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
सारंगपुर। मध्यप्रदेश आजाद कोटवार कर्मचारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष दीपक भिलाला के नेतृत्व में सोमवार को कोटवारों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार रणधीर मीणा को ज्ञापन सौंपा। संघ ने कोटवारों को स्थायी शासकीय कर्मचारी घोषित करने सहित सेवा, मानदेय, पदोन्नति और आर्थिक सहायता से जुड़ी मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया। ज्ञापन में प्रदेश के करीब 38 हजार कोटवारों की मांगों का निराकरण करने की बात कही गई है।
संघ ने मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है। घोषित कार्यक्रम के अनुसार 2 से 21 अक्टूबर तक काली पट्टी बांधकर विरोध, 22 अक्टूबर से जिला स्तर पर धरना एवं काम बंद आंदोलन और 30 अक्टूबर से भोपाल में अनिश्चितकालीन धरना प्रस्तावित है।
स्थायी शासकीय कर्मचारी घोषित करने की मांग
ज्ञापन में कोटवारों को स्थायी शासकीय कर्मचारी का दर्जा देने की प्रमुख मांग रखी गई। संघ ने कहा कि लंबे समय से लंबित मांगों पर शासन को शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए। कोटवारों की सेवा से संबंधित विषयों का समाधान करने के लिए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।
ब्लॉक अध्यक्ष दीपक भिलाला के नेतृत्व में पहुंचे कोटवारों ने अपनी मांगें नायब तहसीलदार रणधीर मीणा के समक्ष रखीं। ज्ञापन के माध्यम से स्थायी कर्मचारी के दर्जे के साथ अन्य सेवा संबंधी सुविधाओं पर भी निर्णय लेने का आग्रह किया गया।
दस वर्ष की सेवा पर पदोन्नति का लाभ
संघ ने दस वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके कोटवारों को उनकी योग्यता के अनुसार पदोन्नति का लाभ देने की मांग की। ज्ञापन में सहायक पटवारी, भृत्य, वाहन चालक, कंप्यूटर ऑपरेटर, सहायक ग्रेड-3 तथा अन्य समकक्ष पदों का उल्लेख किया गया है।
इसके साथ भविष्य में होने वाली भर्तियों में कोटवारों के लिए आरक्षण की मांग भी रखी गई। संघ ने सेवा अवधि और योग्यता के आधार पर आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने का आग्रह किया। पदोन्नति तथा भर्ती संबंधी मांगों को ज्ञापन में अलग-अलग विषयों के रूप में प्रस्तुत किया गया।
सेवा भूमि और मानदेय वृद्धि का मुद्दा
ज्ञापन में सेवा भूमि का स्वामित्व पुनः कोटवारों के नाम दर्ज करने की मांग की गई। संघ ने भूमिधारी कोटवारों को भी प्रतिवर्ष 500 रुपये मानदेय वृद्धि का लाभ देने का आग्रह किया।
कोटवारों ने सेवा भूमि और मानदेय से संबंधित मांगों को अपनी लंबित समस्याओं में शामिल किया। ज्ञापन के माध्यम से शासन से इन विषयों पर सकारात्मक निर्णय की अपेक्षा की गई। संघ ने सभी संबंधित मांगों का शीघ्र निराकरण करने की बात रखी।
सीयूजी सिम और वर्दी राशि की मांग
संघ ने कोटवारों को सीयूजी सिम उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अलावा वर्दी की राशि पूर्व की तरह सीधे उनके बैंक खातों में जमा कराने का आग्रह किया गया।
ज्ञापन में नगरीय क्षेत्रों में कोटवार पद समाप्त करने संबंधी आदेश निरस्त करने की मांग भी शामिल रही। संघ ने सेवा से जुड़े इन विषयों पर कार्रवाई करते हुए कोटवारों को संबंधित सुविधाएं उपलब्ध कराने की अपेक्षा व्यक्त की।
अनुग्रह और सेवानिवृत्ति राशि बढ़ाने का आग्रह
मृतक कोटवार के परिवार को 10 लाख रुपये अनुग्रह राशि देने की मांग रखी गई। साथ ही सेवानिवृत्ति राशि पांच लाख रुपये करने का आग्रह किया गया। दोनों मांगें कोटवारों और उनके परिवारों की आर्थिक सहायता से संबंधित हैं।
संघ ने ज्ञापन में इन राशियों का स्पष्ट उल्लेख करते हुए शासन से निर्णय लेने की मांग की। सेवा के दौरान मृत्यु होने पर परिवार को सहायता तथा सेवानिवृत्ति के समय आर्थिक राशि को मांगपत्र का हिस्सा बनाया गया।
चरणबद्ध आंदोलन की दी चेतावनी
संघ ने स्पष्ट किया कि सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर घोषित कार्यक्रम के अनुसार आंदोलन किया जाएगा। पहले चरण में काली पट्टी बांधकर विरोध, इसके बाद जिला स्तर पर धरना और काम बंद तथा अंत में भोपाल में अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी गई है।
ज्ञापन सौंपने वालों में रंगलाल वर्मा, मनीष भिलाला, देवकरण बागरी, राधेश्याम नागर, भगीरथ वर्मा और राजेश भिलाला सहित अन्य कोटवार उपस्थित रहे।
