दशलक्षण महापर्व के समापन पर तपस्वियों और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान
इंदौर। दिगम्बर जैन नरसिंगपुरा समाज मंदिर पंचायत ट्रस्ट की ओर से पर्वाधिराज दशलक्षण महापर्व के समापन पर तपस्वियों का बहुमान एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। कार्यक्रम रामचंद्र नगर, एयरपोर्ट रोड स्थित आदिनाथ बाग में आयोजित हुआ। आचार्यश्री 108 सुनील सागरजी महाराज के परम शिष्य मुनिश्री 108 संप्रभसागरजी एवं मुनिश्री शांतनू सागरजी महाराज के पावन आशीर्वाद से हुए आयोजन में समाजजन शामिल हुए।
कार्यक्रम में तप आराधना करने वाले तपस्वियों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियां प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। आयोजन के माध्यम से धर्म, संस्कार और शिक्षा के महत्व का संदेश दिया गया।
तप आराधना के प्रति व्यक्त किया सम्मान
दशलक्षण महापर्व के समापन पर आयोजित कार्यक्रम में तपस्वियों की साधना का बहुमान किया गया। समाज की ओर से उनके तप और आराधना के प्रति श्रद्धा व्यक्त की गई। धार्मिक साधना में समर्पित तपस्वियों का सम्मान आयोजन का प्रमुख हिस्सा रहा।
प्रचार प्रमुख प्रवीण जैन ने बताया कि तपस्वियों की तप आराधना का बहुमान समाज के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन आने वाली पीढ़ी को धर्म और संस्कारों से जुड़ने का संदेश देते हैं। तप के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ धार्मिक मूल्यों को जीवन में स्थान देने की प्रेरणा भी मिलती है।
विद्यार्थियों का सम्मान कर बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। शिक्षा के क्षेत्र में उनके प्रयासों और उपलब्धियों को महत्व देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया गया। तपस्वियों के बहुमान के साथ विद्यार्थियों का सम्मान करने से आयोजन में धार्मिक संस्कारों और शिक्षा, दोनों को स्थान मिला।
प्रवीण जैन ने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान आने वाली पीढ़ी को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा। उन्होंने बताया कि धर्म, संस्कार और शिक्षा में प्रगति समाज के लिए महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को सम्मानित करने की पहल इसी भावना से जुड़ी रही।
नम्रता त्रिपाठी, वीरेंद्र जैन और हर्ष जैन रहे उपस्थित
आयोजन में कस्तूरबा कन्या विद्यालय की उपप्राचार्या नम्रता त्रिपाठी की उपस्थिति रही। शिक्षा के क्षेत्र में समाज का गौरव बढ़ाने वाली त्रिपाठी के साथ जीएसटी कमिश्नर वीरेंद्र जैन और मुनिभक्त हर्ष जैन भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
अतिथियों की मौजूदगी में तपस्वियों और विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। समाज ने उनकी उपस्थिति को आयोजन की गरिमा बढ़ाने वाला बताया। कार्यक्रम में शिक्षा से जुड़ी उपलब्धियों और धार्मिक साधना के प्रति सम्मान का भाव प्रमुख रहा।
धर्म, संस्कार और शिक्षा की प्रेरणा
प्रचार प्रमुख प्रवीण जैन ने कहा कि तपस्वियों तथा विद्यार्थियों का सम्मान समाज की अगली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। उन्होंने धर्म और संस्कारों के साथ शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
उनके अनुसार, तप आराधना का बहुमान धार्मिक समर्पण को सम्मान देता है, जबकि विद्यार्थियों का सम्मान उनकी शैक्षणिक प्रगति को प्रोत्साहित करता है। दोनों को एक आयोजन में स्थान देकर समाज ने साधना और शिक्षा के प्रति अपनी भावना व्यक्त की। कार्यक्रम का संदेश आने वाली पीढ़ी को इन क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना रहा।
समाज पदाधिकारियों और महिला मंडल की सहभागिता
कार्यक्रम में समाज अध्यक्ष मुकेश जैन सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे। मुख्य रूप से दिलीप जैन, डॉ. दिनेश जैन, वनमाला जैन, पंकजलता जैन, सरेश कुलथाना और विदर्भ जैन ने सहभागिता की।
आशीष जैन, पवन जैन, किरनमल जैन तथा प्रकाश जैन भी आयोजन में शामिल हुए। महिला मंडल से कल्पना जैन और संगीता जैन की उपस्थिति रही। समाज के पदाधिकारियों, महिलाओं और अन्य सदस्यों की सहभागिता के बीच सम्मान कार्यक्रम संपन्न हुआ।
संजय जैन ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया
कार्यक्रम के अंत में संजय जैन ने उपस्थित अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयोजन में शामिल लोगों को धन्यवाद दिया। दशलक्षण महापर्व के समापन पर हुए इस कार्यक्रम में तपस्वियों की आराधना और विद्यार्थियों की प्रतिभा को सम्मान मिला। समाज की ओर से धर्म, संस्कार और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देने का संदेश प्रस्तुत किया गया।
