भोपाल में राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन, अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी डेयरी विकास की सौगातें
संदीप सिंह, जिला संवाददाता भोपाल
भोपाल। राजधानी के भेल स्थित दशहरा मैदान में राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि अध्यक्षता मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने की। सम्मेलन में पशुपालकों और दुग्ध उत्पादकों के आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रम हुए। गोपालकों को बोनस राशि वितरित की गई तथा डेयरी और पशुपालन क्षेत्र से संबंधित परियोजनाओं का शुभारंभ एवं लोकार्पण किया गया।
इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली गोपालक दीदियों का सम्मान किया गया। साथ ही डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के पात्र हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र सौंपे गए। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए गोपालकों, पशुपालकों एवं दुग्ध उत्पादकों की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। सम्मेलन के दौरान ग्रामीण अर्थव्यवस्था में दुग्ध उत्पादन और सहकारिता की भूमिका पर जोर दिया गया।
गोपालकों और पशुपालकों को बोनस राशि का वितरण
सम्मेलन के दौरान मंच से प्रदेश के गोपालकों एवं पशुपालकों को बोनस राशि वितरित की गई। आयोजन में दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक सहयोग और उनके कार्य को प्रोत्साहन देने का विषय प्रमुख रहा। पशुपालन से जुड़े परिवारों के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से यह गतिविधि सम्मेलन में शामिल की गई।
दुग्ध उत्पादन ग्रामीण परिवारों की आजीविका से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्य है। सम्मेलन में इसी क्षेत्र से जुड़े लोगों की सहभागिता के साथ आर्थिक प्रोत्साहन का संदेश दिया गया। बोनस वितरण के माध्यम से गोपालकों और पशुपालकों को लाभ पहुंचाया गया। कार्यक्रम में उनके योगदान को प्रदेश के डेयरी क्षेत्र के विकास से जोड़कर प्रस्तुत किया गया।
उत्कृष्ट कार्य करने वाली गोपालक दीदियों का सम्मान
कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली गोपालक दीदियों को सम्मानित किया गया। पशुपालन और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में उनके योगदान को सार्वजनिक मंच पर पहचान दी गई। सम्मेलन में महिला सहभागिता का यह पहलू विशेष रूप से सामने आया।
गोपालक दीदियों के सम्मान के माध्यम से डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय भूमिका को प्रोत्साहन मिला। ग्रामीण स्तर पर पशुपालन से जुड़ी गतिविधियों में महिलाओं का योगदान महत्वपूर्ण होता है। आयोजन में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मान देकर उनके प्रयासों की सराहना की गई। यह कार्यक्रम सम्मेलन की प्रमुख गतिविधियों में शामिल रहा।
कामधेनु योजना के हितग्राहियों को मिले स्वीकृति पत्र
सम्मेलन में डॉ. भीमराव आंबेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र सौंपे गए। पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने और संबंधित हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित हुआ।
स्वीकृति पत्र वितरण के साथ सम्मेलन में योजनाओं के लाभ को पात्र लोगों तक पहुंचाने पर ध्यान दिया गया। पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को आर्थिक सशक्तिकरण के माध्यम के रूप में प्रस्तुत किया गया। आयोजन में बोनस वितरण, महिला गोपालकों के सम्मान और योजना के स्वीकृति पत्र वितरण जैसी गतिविधियां एक साथ संपन्न हुईं।
डेयरी परियोजनाओं का शुभारंभ और लोकार्पण
दुग्ध प्रसंस्करण तथा पशुपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नवीन डेयरी परियोजनाओं का शुभारंभ एवं लोकार्पण किया गया। इन परियोजनाओं को प्रदेश के डेयरी क्षेत्र के विकास से जुड़ी सौगातों के रूप में प्रस्तुत किया गया।
सम्मेलन में दुग्ध क्षेत्र के आधुनिकीकरण की आवश्यकता पर भी जोर रहा। उत्पादन के साथ प्रसंस्करण से संबंधित सुविधाओं का विकास इस क्षेत्र की प्रगति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कार्यक्रम के दौरान शुरू और लोकार्पित की गई परियोजनाओं से डेयरी गतिविधियों को गति मिलने की अपेक्षा व्यक्त की गई।
सहकारिता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत बनाने पर जोर
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि दुग्ध क्षेत्र का आधुनिकीकरण और सहकारिता मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने पशुपालकों और किसानों की आय बढ़ाने में इन प्रयासों की भूमिका पर चर्चा की।
वक्ताओं के अनुसार, योजनाओं और डेयरी विकास से जुड़े कार्यों से प्रदेश में श्वेत क्रांति को नई गति मिलेगी। उन्होंने किसानों एवं पशुपालकों की आय में वृद्धि की उम्मीद जताई। सम्मेलन में दुग्ध उत्पादकों की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने और ग्रामीण आजीविका को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।
प्रदेशभर से आए पशुपालकों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, क्षेत्रीय विधायक, जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। प्रदेशभर से आए गोपालकों एवं पशुपालकों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया।
भेल दशहरा मैदान में आयोजित सम्मेलन में बोनस वितरण, गोपालक दीदियों का सम्मान, कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र वितरण तथा डेयरी परियोजनाओं के शुभारंभ और लोकार्पण की गतिविधियां संपन्न हुईं। आयोजन के माध्यम से पशुपालन, दुग्ध प्रसंस्करण और सहकारिता को ग्रामीण विकास से जोड़ने पर जोर दिया गया।
