अखिल आर्यावर्त संघ अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थी परिषद का महा सदस्यता अभियान 5 अक्टूबर से, एक महीने तक छात्रों से होगा संपर्क
भोपाल। अखिल आर्यावर्त संघ अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थी परिषद के मध्य भारत प्रांत द्वारा 5 अक्टूबर 2026 से महा सदस्यता अभियान शुरू किया जाएगा। यह अभियान 5 नवंबर 2026 तक चलेगा। संगठन के अनुसार, अभियान का उद्देश्य अधिक से अधिक छात्र-छात्राओं को संगठन से जोड़ना, उन्हें संगठन की विचारधारा और गतिविधियों से परिचित कराना तथा छात्रहित के विषयों पर संवाद स्थापित करना है। इसके लिए शैक्षणिक संस्थानों में संपर्क, सहायता डेस्क और सोशल मीडिया के माध्यम से विद्यार्थियों तक पहुंचने की तैयारी की गई है।
प्रांतीय अध्यक्ष राजकुमार विश्वकर्मा ने राजधानी भोपाल से प्रेस को जानकारी देते हुए अभियान की रूपरेखा बताई। उन्होंने कहा कि मध्य भारत प्रांत के दूर-दराज के अंचलों और शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचकर विद्यार्थियों को संगठन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। संगठन ने सदस्यता शुल्क 10 रुपये निर्धारित किया है, ताकि विभिन्न वर्गों के छात्र-छात्राओं की सहभागिता सुगम हो सके।
5 अक्टूबर से 5 नवंबर तक चलेगा अभियान
संगठन द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, महा सदस्यता अभियान की शुरुआत 5 अक्टूबर को होगी और इसका संचालन 5 नवंबर 2026 तक किया जाएगा। इस अवधि में विद्यार्थियों से संपर्क कर उन्हें सदस्यता अभियान की जानकारी दी जाएगी। संगठन ने इसे राष्ट्रव्यापी एवं प्रांतीय स्तर पर विद्यार्थियों को जोड़ने की पहल बताया है।
मध्य भारत प्रांत में अभियान के संचालन के लिए जिला पदाधिकारियों और सक्रिय कार्यकर्ताओं की सहभागिता पर जोर दिया गया है। प्रांतीय नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं से विद्यार्थियों तक पहुंचने और अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। एक महीने की निर्धारित अवधि में शैक्षणिक परिसरों और दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों से संवाद अभियान का प्रमुख हिस्सा रहेगा।
शासकीय और अशासकीय संस्थानों में होगा संपर्क
महा सदस्यता अभियान मध्य भारत प्रांत के अंतर्गत आने वाले शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों तथा महाविद्यालयों में संचालित करने की योजना है। संगठन का प्रयास इन संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं तक अभियान की जानकारी पहुंचाना होगा। इसके साथ ही दूर-दराज के अंचलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी संपर्क अभियान से जोड़ने पर ध्यान दिया जाएगा।
राजकुमार विश्वकर्मा के अनुसार, अभियान का उद्देश्य केवल प्रमुख शैक्षणिक केंद्रों तक सीमित रहना नहीं है। संगठन विभिन्न क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक अपनी पहुंच बढ़ाना चाहता है। विद्यालयों और महाविद्यालयों में प्रत्यक्ष संपर्क के माध्यम से छात्र-छात्राओं को संगठन के उद्देश्यों, वैचारिक दिशा और कार्यों से अवगत कराया जाएगा।
विद्यार्थियों से सीधे संवाद पर रहेगा जोर
अभियान की रूपरेखा में सक्रिय जनसंपर्क और विद्यार्थियों से सीधे संवाद को प्रमुख स्थान दिया गया है। संगठन के अनुसार, शैक्षणिक परिसरों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से संपर्क स्थापित कर उन्हें राष्ट्रनिष्ठ विचारधारा, छात्रहित से जुड़े संघर्षों और रचनात्मक गतिविधियों की जानकारी दी जाएगी।
प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों को संगठन की सदस्यता और उससे जुड़ने की प्रक्रिया समझाई जाएगी। अभियान के दौरान संगठन अपने कार्यों और छात्रहित के प्रति अपनी भूमिका को विद्यार्थियों के सामने रखेगा। इस संपर्क प्रक्रिया का उद्देश्य छात्रों को संगठन से परिचित कराना और उन्हें अभियान में सहभागिता के लिए प्रेरित करना है। प्रांतीय नेतृत्व ने व्यापक छात्र संपर्क को अभियान की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है।
सदस्यता शुल्क रखा गया 10 रुपये
विद्यार्थियों की सुगमता और व्यापक सहभागिता को ध्यान में रखते हुए सदस्यता शुल्क 10 रुपये तय किया गया है। संगठन का कहना है कि न्यूनतम शुल्क रखने का उद्देश्य हर वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए सदस्यता लेना आसान बनाना है।
इस अभियान के माध्यम से संगठन विभिन्न सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों को जोड़ना चाहता है। निर्धारित शुल्क की जानकारी भी संपर्क गतिविधियों के दौरान छात्रों तक पहुंचाई जाएगी। सदस्यता अभियान में संगठन से जुड़ने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों को इसकी रूपरेखा से अवगत कराने पर जोर रहेगा। कम शुल्क और व्यापक संपर्क को संगठन ने सहभागिता बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा बताया है।
सोशल मीडिया और सहायता डेस्क का लिया जाएगा सहारा
युवाओं तक पहुंचने के लिए संगठन ने डिजिटल माध्यमों और मैदानी संपर्क, दोनों का उपयोग करने की तैयारी की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से अभियान की जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचाई जाएगी। इसके साथ कॉलेज परिसरों में विशेष सहायता डेस्क और संपर्क टोलियों के जरिए छात्रों से प्रत्यक्ष संपर्क किया जाएगा।
संगठन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, सहायता डेस्क और संपर्क टोलियां बनाई गई हैं। इनके माध्यम से विद्यार्थियों को सदस्यता अभियान से परिचित कराया जाएगा। सोशल मीडिया पर जानकारी उपलब्ध कराने और परिसर में सीधे संवाद करने की संयुक्त रणनीति से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचने का प्रयास होगा। अभियान की अवधि में इन माध्यमों की भूमिका छात्र संपर्क बढ़ाने में प्रमुख रहेगी।
जिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से सहभागिता की अपील
प्रांतीय अध्यक्ष राजकुमार विश्वकर्मा ने मध्य भारत प्रांत के सभी जिला पदाधिकारियों और सक्रिय कार्यकर्ताओं से महा सदस्यता अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया है। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों से भी अभियान का हिस्सा बनने की अपील की।
विश्वकर्मा ने कहा कि “छात्र शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है” और युवाओं के नेतृत्व से सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अभियान को व्यापक बनाने के लिए सक्रियता के साथ विद्यार्थियों तक पहुंचने का आग्रह किया। संगठन की ओर से अभियान को सफल बनाने के लिए प्रांतीय स्तर पर सामूहिक सहभागिता पर जोर दिया गया है।
युवा सहभागिता बढ़ाना अभियान का प्रमुख उद्देश्य
महा सदस्यता अभियान के माध्यम से अखिल आर्यावर्त संघ अंतर्राष्ट्रीय विद्यार्थी परिषद छात्र-छात्राओं के बीच अपनी पहुंच और संगठनात्मक सहभागिता बढ़ाने का प्रयास करेगा। संगठन ने विद्यार्थियों को अपनी वैचारिक धारा से जोड़ने के साथ छात्रहित और रचनात्मक कार्यों से परिचित कराने को अभियान का मुख्य उद्देश्य बताया है।
5 अक्टूबर से शुरू होने वाले इस अभियान में शैक्षणिक संस्थानों में संपर्क, दूरस्थ अंचलों तक पहुंच, न्यूनतम सदस्यता शुल्क और डिजिटल प्रचार प्रमुख घटक होंगे। प्रांतीय नेतृत्व ने विद्यार्थियों, जिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से एक महीने तक चलने वाली इस पहल में सक्रिय योगदान देने की अपील की है।
