भोपाल गोपालक सम्मेलन में दुग्ध उत्पादकों को सौगात, 15.10 करोड़ रुपये के लाभांश वितरण का प्रावधान
दैनिक स्वराज वाणी
भोपाल। भेल दशहरा मैदान में आयोजित गोपालक सम्मेलन में दुग्ध उत्पादकों और सहकारी समितियों के सदस्यों को आर्थिक लाभ देने की पहल प्रमुख रही। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की सहभागिता वाले इस कार्यक्रम में भोपाल और इंदौर दुग्ध संघों के सदस्यों को सिंगल क्लिक से बोनस वितरण की व्यवस्था की गई। साथ ही डेयरी सहकारी समितियों के सदस्यों के लिए कुल 15.10 करोड़ रुपये के लाभांश वितरण का उल्लेख आधिकारिक कार्यक्रम विवरण में किया गया है।
15.10 करोड़ रुपये लाभांश की राशि
सहकारिता मंत्रालय की ओर से जारी जानकारी में बोनस और लाभांश का अलग-अलग उल्लेख है। भोपाल तथा इंदौर दुग्ध संघों के सदस्यों को बोनस वितरण निर्धारित था, जबकि 15.10 करोड़ रुपये की राशि डेयरी सहकारी समितियों के सदस्यों के बीच लाभांश के रूप में वितरित किए जाने की जानकारी दी गई।
इसलिए पूरी 15.10 करोड़ रुपये की राशि को केवल बोनस बताना आधिकारिक विवरण से मेल नहीं खाता। उपलब्ध सरकारी सूचना राशि के उद्देश्य को स्पष्ट करती है। हालांकि, इससे प्रत्येक लाभार्थी के खाते में भुगतान जमा होने की व्यक्तिगत पुष्टि नहीं होती। कार्यक्रम में वितरण और लाभार्थी के खाते में राशि प्राप्त होने की स्थिति अलग-अलग स्तर पर जांची जाती है।
भोपाल और इंदौर दुग्ध संघों के उत्पादकों को लाभ
सम्मेलन के कार्यक्रम में भोपाल और इंदौर दुग्ध संघों से जुड़े दूध उत्पादकों के लिए बोनस भुगतान शामिल था। सिंगल क्लिक के माध्यम से वितरण की व्यवस्था इसका प्रमुख हिस्सा रही। आयोजन में दुग्ध उत्पादकों के साथ सहकारी समितियों के सदस्यों की सहभागिता भी निर्धारित थी।
आकाशवाणी की कार्यक्रम संबंधी रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न जिलों के पशुपालकों को सम्मेलन से जोड़ा गया। भोपाल, सीहोर, बैतूल, राजगढ़, हरदा, गुना, अशोकनगर और विदिशा सहित कई जिलों से प्रतिभागियों के आने की अपेक्षा थी।
गौशालाओं को आर्थिक सहायता
गोपालक सम्मेलन में गौशालाओं के लिए वित्तीय सहायता वितरण भी शामिल किया गया। आधिकारिक कार्यक्रम में इस सहायता को सिंगल क्लिक से उपलब्ध कराने का उल्लेख था। इस तरह आयोजन का आर्थिक लाभ वितरण वाला हिस्सा दुग्ध उत्पादकों और सहकारी सदस्यों के साथ गौशालाओं से भी संबंधित रहा।
सरकारी विवरण में इन पहलों को सहकारी क्षेत्र के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने और पशुपालकों की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से जोड़ा गया।
महिला गोपालकों के योगदान को सम्मान
पशुपालन में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिला गोपालकों के सम्मान का कार्यक्रम भी रखा गया। ‘गोपालक दीदियों’ की भूमिका को सामने लाने के साथ डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र देने की व्यवस्था शामिल थी।
महिला पशुपालकों का सम्मान सम्मेलन के उस हिस्से में रहा, जिसमें डेयरी व्यवसाय और सहकारी गतिविधियों में उनके योगदान को पहचान देने पर ध्यान दिया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सहभागिता भी निर्धारित थी।
डेयरी परियोजनाएं भी कार्यक्रम का हिस्सा
सम्मेलन से जुड़े विकास कार्यों में उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले दूध प्रसंस्करण संयंत्र का डिजिटल भूमिपूजन शामिल था। इसकी निर्धारित क्षमता तीन लाख लीटर प्रतिदिन है।
भोपाल में दुग्ध उत्पाद संयंत्र, राज्य स्तरीय केंद्रीय प्रयोगशाला और शिवपुरी के मिनी डेयरी प्लांट के सुदृढ़ीकरण कार्य भी कार्यक्रम के एजेंडे में रहे। इन सुविधाओं के माध्यम से दूध प्रसंस्करण और गुणवत्ता जांच की व्यवस्था मजबूत करने का उद्देश्य बताया गया।
भुगतान की जानकारी संबंधित दुग्ध संघ से लें
लाभार्थी अपने खाते में राशि प्राप्त होने की स्थिति बैंक विवरण या पासबुक से जांच सकते हैं। भुगतान का विवरण स्पष्ट नहीं होने पर संबंधित दुग्ध सहकारी समिति अथवा दुग्ध संघ से जानकारी लेना उपयोगी होगा। कार्यक्रम में घोषित कुल राशि को प्रत्येक सदस्य के लिए समान भुगतान नहीं समझना चाहिए। व्यक्तिगत भुगतान की राशि और उसका विवरण संबंधित संस्था के रिकॉर्ड से स्पष्ट होगा। खबर का प्रमुख तथ्य यह है कि आधिकारिक कार्यक्रम में बोनस वितरण और 15.10 करोड़ रुपये के लाभांश को अलग मदों में रखा गया है।
