Delhi SIR Protest: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच सौरभ भारद्वाज हिरासत में, 11 मेट्रो स्टेशनों के गेट बंद
नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज को पुलिस ने हिरासत में लिया। वे जंतर-मंतर पर आयोजित विरोध में शामिल होने पहुंचे थे। प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद पुलिस ने इलाके में बैरिकेडिंग की और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई। दिल्ली के अलावा मुंबई में भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया गया है।
जंतर-मंतर पहुंचने पर पुलिस की कार्रवाई
जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध के मद्देनजर पुलिस पहले से तैनात थी। सौरभ भारद्वाज के वहां पहुंचने के बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। प्रदर्शन स्थल पर जुटे अन्य लोगों को भी पुलिस ने हटाया। अधिकारियों ने क्षेत्र में आवाजाही नियंत्रित करने के लिए बैरिकेड लगाए।
हिरासत में लिए जाने के दौरान भारद्वाज ने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने विरोध जताने को संवैधानिक अधिकार बताते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनके बयान और हिरासत से जुड़े वीडियो भी सामने आए हैं। हालांकि, हिरासत की कार्रवाई को गिरफ्तारी या किसी आरोप में दोष सिद्ध होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
11 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास प्रभावित
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो के 11 स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस व्यवस्था से संबंधित स्टेशनों का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई। विरोध कार्यक्रम के लिए जुटने वाली भीड़ को देखते हुए यह कदम उठाया गया।
मेट्रो यात्रियों के लिए स्टेशन के गेट बंद होने और पूरी रेल सेवा बंद होने के बीच अंतर समझना जरूरी है। उपलब्ध जानकारी प्रवेश और निकास पर रोक से संबंधित है। इसलिए यात्रा करने वाले लोगों को अपने स्टेशन की वर्तमान स्थिति देखकर निकलना चाहिए। गेट दोबारा खुलने के समय के लिए दिल्ली मेट्रो की ताजा सूचना देखना उपयोगी रहेगा।
नई दिल्ली जिले में निषेधाज्ञा
प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू किए जाने की जानकारी दी गई है। जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्र में पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई तथा लोगों के जुटने पर निगरानी रखी।
प्रदर्शनकारियों और पुलिस की कार्रवाई के कारण इलाके में तनावपूर्ण स्थिति की खबरें सामने आईं। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचने वाले लोगों को रोकने और वहां मौजूद भीड़ को हटाने की कार्रवाई की गई। इस दौरान सौरभ भारद्वाज सहित आम आदमी पार्टी से जुड़े लोगों की हिरासत ने राजनीतिक विरोध को और चर्चा में ला दिया।
मुंबई में भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध
दिल्ली के समानांतर मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का आयोजन किया। संगठन से जुड़े अभिजीत दिपके ने मुंबई में विरोध कार्यक्रम रखा। प्रदर्शन के केंद्र में निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग है।
मुंबई में विरोध के लिए शिवाजी पार्क में लोगों के जुटने की खबर भी सामने आई है। दिल्ली और मुंबई के कार्यक्रमों से यह मुद्दा दो प्रमुख महानगरों में चर्चा का विषय बना है। हालांकि, अलग-अलग आयोजकों के कार्यक्रम, भागीदारी और मांगों को उनके संबंधित बयानों के आधार पर ही समझा जाना चाहिए।
मतदाता सूची की प्रक्रिया पर उठ रहे सवाल
विरोध करने वाले समूहों ने मतदाता सूची में नाम हटाए जाने और पुनरीक्षण की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पात्र मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। ये आरोप प्रदर्शनकारियों के हैं और इन्हें स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
निर्वाचन आयोग का पक्ष है कि मतदाता सत्यापन प्रक्रिया का उद्देश्य दोहराव वाले और अपात्र नामों की पहचान करना है। इस विवाद में मतदाता सूची की शुद्धता, पात्र नागरिकों के मतदान अधिकार और प्रक्रिया की पारदर्शिता मुख्य विषय हैं। दिल्ली में हिरासत तथा मेट्रो गेट बंद होने की कार्रवाई के बीच अब संबंधित संस्थाओं के आगामी बयान और प्रदर्शन की आगे की स्थिति पर नजर रहेगी।
