‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर उज्जैन में कांग्रेस का पैदल मार्च, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग
तरण ताल से निर्वाचन कार्यालय और कलेक्ट्रेट तक पहुंचे कार्यकर्ता; SIR में पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर सौंपा ज्ञापन
प्रियंका गुजराती
उज्जैन। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को लेकर बुधवार को उज्जैन में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। जिला शहर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने तरण ताल से निर्वाचन कार्यालय एवं कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला। मार्च के बाद निर्वाचन प्रक्रिया, मतदाता सूची और मताधिकार की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेस ने इन विषयों पर पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। पार्टी का आरोप है कि निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची से संबंधित मामलों में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल हैं। कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया पर अपनी आपत्तियां रखते हुए कहा कि किसी भी पात्र मतदाता का अधिकार प्रभावित नहीं होना चाहिए। ‘वोट चोरी’ संबंधी बातें कांग्रेस के आरोप हैं; साझा विवरण में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या निर्वाचन अधिकारियों का जवाब उपलब्ध नहीं है।
तरण ताल से कलेक्ट्रेट तक निकाला पैदल मार्च
कांग्रेस कार्यकर्ता तरण ताल से पैदल मार्च करते हुए निर्वाचन कार्यालय और कलेक्ट्रेट पहुंचे। जिला शहर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में पार्टी के विभिन्न संगठनों और प्रकोष्ठों के पदाधिकारी शामिल हुए। कांग्रेस ने मार्च के माध्यम से मतदाता सूची के पुनरीक्षण और निर्वाचन व्यवस्था से जुड़ी अपनी आपत्तियों को प्रशासन के सामने रखा।
प्रदर्शन के बाद सौंपे गए ज्ञापन में मतदाता अधिकारों की सुरक्षा और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में मतदान का अधिकार प्रत्येक पात्र नागरिक के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रियाओं में नागरिकों की भागीदारी और उनकी आपत्तियों के निस्तारण को पर्याप्त महत्व मिलना चाहिए।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। पार्टी ने निर्वाचन प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े विषयों पर सवाल उठाते हुए जवाबदेही सुनिश्चित करने की बात कही। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव व्यवस्था के प्रति मतदाताओं का विश्वास बनाए रखने के लिए उठ रही आपत्तियों का स्पष्ट समाधान होना आवश्यक है।
कांग्रेस ने ‘वोट चोरी’ के मुद्दे को मताधिकार की सुरक्षा से जोड़ते हुए अपनी बात रखी। हालांकि, उपलब्ध विवरण में किसी विशिष्ट मतदाता का नाम काटे जाने, किसी निश्चित संख्या में नाम प्रभावित होने या किसी स्थानीय प्रकरण के दस्तावेजों का उल्लेख नहीं है। प्रदर्शन में मुख्य रूप से प्रक्रिया की पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों को लेकर मांगें उठाई गईं।
SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर
कांग्रेस ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। नेताओं ने कहा कि सूची में संशोधन या पुनरीक्षण के दौरान पात्र मतदाताओं को अपने नाम और विवरण की जांच करने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। किसी जानकारी को लेकर आपत्ति होने पर उसे दर्ज कराने और समाधान प्राप्त करने की व्यवस्था भी स्पष्ट होनी चाहिए।
पार्टी ने मांग की कि पूरी प्रक्रिया इस तरह संचालित हो, जिससे पात्र नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, मतदाता सूची से संबंधित कामकाज में पारदर्शिता रहने से लोगों की आशंकाओं का समाधान होगा। उन्होंने पुनरीक्षण के प्रत्येक चरण में निष्पक्षता और जवाबदेही बनाए रखने की आवश्यकता बताई।
प्रत्येक पात्र मतदाता के अधिकार की सुरक्षा की मांग


कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक मत का महत्व है और पात्र मतदाता को अपने अधिकार का उपयोग करने का अवसर मिलना चाहिए। पार्टी ने मतदाता सूची में नाम तथा विवरण की जांच और आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया को नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मतदाता अधिकारों से जुड़े सवालों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से यह मांग रखी कि निर्वाचन प्रक्रिया के प्रति भरोसा बनाए रखने के लिए शिकायतों और आपत्तियों का निष्पक्ष निस्तारण हो। पार्टी ने अपनी मांगों को लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ा विषय बताया।
महेश परमार सहित विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता शामिल
प्रदर्शन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं तराना विधायक महेश परमार सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेता और शहर कांग्रेस के पदाधिकारी मौजूद रहे। सेवादल, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) और IT सेल के कार्यकर्ताओं ने भी पैदल मार्च में भाग लिया।
इसके अलावा ब्लॉक अध्यक्ष, प्रभारी, पार्षद, विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी और मंडलम अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन शामिल हुए। अलग-अलग संगठनात्मक इकाइयों की भागीदारी के साथ कांग्रेस ने मतदाता सूची और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ी मांगों को सामूहिक रूप से सामने रखा।
सड़क से सदन तक मुद्दा उठाने की बात


कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ‘हर मत की रक्षा’ और निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता के मुद्दे पर पार्टी का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने मतदाता अधिकारों से जुड़े सवालों को सड़क से सदन तक उठाने की बात कही। पार्टी ने स्पष्ट किया कि इन विषयों पर वह लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।
उज्जैन में आयोजित पैदल मार्च और ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचाईं। फिलहाल साझा विवरण में ज्ञापन पर निर्वाचन कार्यालय अथवा प्रशासन की प्रतिक्रिया शामिल नहीं है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद इन मांगों और आपत्तियों पर उनकी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
