नवरात्रि से पुरानी कृषि उपज मंडी में शुरू होगी सब्जी-फल नीलामी मंडी
मंडी सचिव और व्यापारियों की बैठक में निर्णय, प्रतिभूति राशि जमा कराने के निर्देश
संवाददाता : प्रमोद कुमार जैन
Nagda। शहर के मध्य स्थित पुरानी कृषि उपज मंडी परिसर में नवरात्रि से सब्जी और फल की नीलामी मंडी शुरू होगी। इसे लेकर सोमवार को कृषि उपज मंडी समिति के सभा कक्ष में मंडी सचिव भूपत परते और व्यापारियों की बैठक आयोजित की गई। करीब एक घंटे चली चर्चा के बाद नवरात्रि से नीलामी मंडी शुरू करने पर सहमति बनी।
व्यापारियों ने मांगी थीं मूलभूत सुविधाएं
सब्जी और फल नीलामी मंडी शुरू करने को लेकर इससे पहले भी व्यापारियों की बैठक आयोजित की गई थी। इसमें व्यापारियों ने मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ गोदाम या भूखंड आवंटित करने की मांग रखी थी।
सोमवार की बैठक में मंडी सचिव भूपत परते ने व्यापारियों को मप्र कृषि उपज मंडी (भूमि एवं संरचना का आवंटन) नियम, 2009, यथासंशोधित 22 जुलाई 2026 के प्रावधानों के तहत गोदाम और भूखंड आवंटन की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमों के अनुसार पात्र व्यापारी गोदाम या भूखंड प्राप्त कर सकेंगे।
इसके अलावा व्यापारियों को नीलामी मंडी में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण भी कराया गया। इनमें नीलामी शेड, कैंटीन, पेयजल, बिजली, सुलभ शौचालय और वाहन पार्किंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
प्रतिभूति राशि जमा कराने के निर्देश
मंडी सचिव ने बैठक में उन व्यापारियों से प्रतिभूति राशि जमा कराने को कहा, जिन्होंने अभी तक राशि जमा नहीं कराई है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि से शुरू होने वाली सब्जी और फल नीलामी में भाग लेने के लिए निर्धारित प्रक्रिया पूरी करना आवश्यक होगा।
उन्होंने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि नीलामी मंडी शुरू होने के बाद यदि किसी प्रकार की समस्या सामने आती है तो उसका तत्काल निराकरण कराने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक में मंडी इंस्पेक्टर रायसिंग गुर्जर, नागेंद्र सिंह राठौड़ सहित मंडी स्टाफ और 60 से अधिक व्यापारी मौजूद रहे।
नीलामी मंडी शुरू होने से मंडी को मिलेगा राजस्व
महिदपुर रोड पर नई कृषि उपज मंडी का निर्माण और संचालन शुरू होने के बाद शहर के बीच स्थित पुरानी कृषि उपज मंडी परिसर का उपयोग कम हो गया था। इसके चलते मंडी को इस परिसर से राजस्व प्राप्त नहीं हो रहा था।
वहीं, दूसरी ओर सब्जी मंडी की नीलामी खुले और कीचड़युक्त स्थान पर होने के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब पुरानी कृषि उपज मंडी परिसर में सब्जी और फल की नीलामी शुरू होने से किसानों को व्यवस्थित स्थान मिलने की उम्मीद है।
इसके साथ ही मंडी समिति को भी राजस्व प्राप्त होगा। व्यापारियों के अनुसार, आढ़तिया प्रथा बंद होने से किसानों को अपनी उपज के संबंध में अतिरिक्त राशि टैक्स के रूप में देने की आवश्यकता नहीं होगी। नवरात्रि से शुरू होने वाली नीलामी मंडी के संचालन को लेकर व्यापारियों और मंडी समिति ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
