मध्य प्रदेश में अब तक 908 मिमी बारिश, सामान्य से 37.2 मिमी कम; कई शहरों में बदला तापमान
दैनिक स्वराज वाणी | भोपाल। मध्य प्रदेश में सितंबर के अंतिम दिनों में मौसम का मिजाज बदल रहा है। प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक 908 मिलीमीटर, यानी लगभग 35.75 इंच बारिश दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि की सामान्य बारिश 945.2 मिलीमीटर है। इस तरह प्रदेश में सामान्य के मुकाबले 37.2 मिलीमीटर, लगभग चार प्रतिशत कम वर्षा हुई है। इसी बीच कई शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज हुआ है, जबकि कुछ स्थानों पर पारा सामान्य से ऊपर रहा।
बारिश के आंकड़े क्या बताते हैं?
प्रदेश के कुल वर्षा आंकड़े में सामान्य से मामूली कमी दिखाई देती है, लेकिन इससे हर जिले की स्थिति एक जैसी नहीं मानी जा सकती। राज्य का औसत कई स्थानों पर हुई बारिश को जोड़कर बनता है। किसी जिले में अच्छी वर्षा हुई हो सकती है, जबकि दूसरे जिले में अपेक्षाकृत कम पानी गिरा हो। इसलिए अपने क्षेत्र की स्थिति समझने के लिए जिला स्तर पर दर्ज बारिश और स्थानीय मौसम सूचना देखना जरूरी है।
मिलीमीटर और इंच में दिए आंकड़े भी एक ही वर्षा को दो अलग इकाइयों में बताते हैं। 908 मिलीमीटर लगभग 35.75 इंच के बराबर है। प्रकाशित शीर्षक में इसे 35.74 इंच बताया गया है; यह रूपांतरण में दशमलव के अंतर का मामला है। सामान्य बारिश 945.2 मिलीमीटर, यानी लगभग 37.21 इंच होती है। दोनों आंकड़ों के बीच करीब 1.46 इंच का अंतर है।
कहीं दिन का पारा गिरा, कहीं सामान्य से ऊपर
बारिश के साथ प्रदेश के शहरों में तापमान का रुख भी अलग-अलग रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, कई शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। वहीं कुछ इलाकों में तापमान सामान्य से ऊपर रहा। इसका अर्थ है कि एक ही दिन पूरे मध्य प्रदेश के मौसम को एक जैसा बताना सही नहीं होगा।
अधिकतम तापमान दिन में दर्ज सबसे ऊंचा तापमान होता है। किसी शहर में यह सामान्य से कम होने पर दोपहर का मौसम अपेक्षाकृत ठंडा महसूस हो सकता है। हालांकि तापमान के साथ नमी और हवा की स्थिति भी लोगों को महसूस होने वाले मौसम पर असर डालती है। जिन शहरों में पारा सामान्य से ऊपर है, वहां दिन में गर्मी महसूस हो सकती है। उपलब्ध सामग्री में शहरों के नाम या उनके तापमान के आंकड़े नहीं दिए गए हैं, इसलिए किसी खास शहर के लिए तापमान में गिरावट का दावा नहीं किया जा सकता।
प्रदेश का औसत और आपके जिले का मौसम अलग जानकारी हैं
प्रदेश में अब तक कितनी बारिश हुई है, यह आंकड़ा पूरे मध्य प्रदेश की स्थिति का एक संक्षिप्त संकेत देता है। अपने जिले में आज बारिश होगी या नहीं, यह जानने के लिए अलग से जिला-वार पूर्वानुमान देखना होगा। इसी तरह राज्य की कुल वर्षा से यह भी तय नहीं किया जा सकता कि आपके शहर में अगले कुछ घंटों के दौरान मौसम कैसा रहेगा।
मौसम विभाग जिला-वार चेतावनी और पूर्वानुमान उपलब्ध कराता है। इन सूचनाओं में तारीख और जिला देखकर अपने क्षेत्र की जानकारी ली जा सकती है। मौसम चेतावनी समय के साथ बदल सकती है, इसलिए यात्रा, बाहरी कार्यक्रम या खेत से जुड़े काम की योजना बनाते समय नवीनतम सूचना देखना उपयोगी रहेगा।
बारिश कम होने का मतलब क्या है?
मौजूदा आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में सामान्य से करीब चार प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। यह अंतर राज्य स्तर के औसत का है। इसे किसी एक शहर में पानी की कमी या पूरे प्रदेश में एक समान सूखे की स्थिति के रूप में नहीं पढ़ना चाहिए। स्थानीय असर समझने के लिए यह देखना आवश्यक है कि संबंधित जिले में कितनी वर्षा हुई, बारिश किन दिनों में हुई और हाल के दिनों में उसका क्या रुख रहा।
सितंबर के अंतिम सप्ताह में मौसम संबंधी आंकड़े भी नए अवलोकन के साथ बदलते रहते हैं। इसलिए आज बताई गई संचयी वर्षा को पूरे मानसून का अंतिम आंकड़ा नहीं माना जाना चाहिए। आगे की बारिश दर्ज होने पर कुल वर्षा और सामान्य से उसका अंतर, दोनों बदल सकते हैं।
अपने जिले का अपडेट कैसे देखें?
पाठकों के लिए सबसे उपयोगी जानकारी उनके जिले का ताजा पूर्वानुमान, बारिश का रिकॉर्ड और जारी चेतावनी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के भोपाल मौसम केंद्र की जिला-वार चेतावनी में संबंधित जिले और तारीख का चयन कर सूचना देखी जा सकती है। किसी चेतावनी का उल्लेख करते समय उसकी वैध तारीख पर ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि पुराने अलर्ट को आज के मौसम पर लागू नहीं किया जा सकता।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी से इतना स्पष्ट है कि मध्य प्रदेश में सीजन की कुल बारिश सामान्य से कुछ कम है और शहरों के तापमान में एक समान रुख नहीं है। किसी खास जिले के लिए आज बारिश का अलर्ट है या नहीं, इसकी पुष्टि ताजा जिला-वार बुलेटिन से ही की जानी चाहिए।
