सारंगपुर चोरी और गृह-अतिचार मामले में तीन दोषियों को सात-सात साल की सजा
वरिष्ठ भाजपा नेता पुरुषोत्तम दंडवानी के निवास पर हुई वारदात में अदालत का फैसला, तीनों दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया
सारंगपुर। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं व्यवसायी पुरुषोत्तम दंडवानी और गोकुल दंडवानी के निवास पर हुई चोरी और गृह-अतिचार के मामले में सारंगपुर न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश तरुण सिंह की अदालत ने मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर यह फैसला सुनाया।
अदालत ने दोषी पाए गए साहिल पिता समरथ मोंगिया, समरथ पिता मुकद्दर पारदी और मुकद्दर पिता अर्जुन पारदी, तीनों निवासी पारदी चक, ग्राम मुरादपुर, थाना धरनावदा, जिला गुना, को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा दी। इसके साथ ही साहिल पर 6,500 रुपये तथा समरथ और मुकद्दर पर 5,500-5,500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास का प्रावधान रखा गया है।
रात में घर में घुसकर वारदात का आरोप
मामला थाना सारंगपुर क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, आरोपियों ने रात के समय दंडवानी परिवार के निवास में प्रवेश कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। इस दौरान घर में मौजूद लोगों के साथ मारपीट किए जाने की बात भी सामने आई थी। प्रतिष्ठित व्यवसायी और भाजपा नेता के घर हुई इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया था।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 763/25 दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया और आवश्यक कार्रवाई के बाद न्यायालय में चालान पेश किया गया।

बीएनएस की धाराओं में चला मामला
न्यायालयीन विचारण के दौरान आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 312 और 331(6) के तहत प्रकरण चलाया गया। मुख्य अपराध धारा 312 बीएनएस के तहत सिद्ध होने के बाद अदालत ने तीनों दोषियों को सात-सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष की ओर से मामले में प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, पुलिस विवेचना से संबंधित दस्तावेज और आरोपियों से जब्त सामग्री सहित अन्य साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। अभियोजन पक्ष के अनुसार, प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपियों को दोषी माना।
अभियोजन की प्रभावी पैरवी
मामले में अभियोजन की ओर से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी बृज किशोर चौहान ने पैरवी की। पुलिस द्वारा की गई विवेचना और न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर मामले में फैसला सुनाया गया।
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच राजगढ़ पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी के निर्देशन में की गई थी। जांच के दौरान पुलिस टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार कर प्रकरण को न्यायालय तक पहुंचाया।
दंडवानी ने जताया न्याय व्यवस्था पर भरोसा
फैसले के बाद वरिष्ठ भाजपा नेता एवं व्यवसायी पुरुषोत्तम दंडवानी ने न्यायालय और पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मामले में आया फैसला आम लोगों और व्यापारी वर्ग के बीच न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास को मजबूत करने वाला है।
उन्होंने कहा कि अपराध के मामलों में त्वरित जांच और न्यायिक प्रक्रिया से लोगों का कानून व्यवस्था पर भरोसा कायम होता है।
