शहडोल में गणेश उत्सव के समापन पर सोन नदी में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया। सुरक्षा के लिए पुलिस, प्रशासन और SDRF की टीम तैनात रही।
सोन नदी में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने किया गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन
‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से गूंजा घाट, सुरक्षा के लिए पुलिस-प्रशासन और SDRF की टीम रही तैनात
शहडोल। संभागीय ब्यूरो चीफ सुनील रैदास। गणेश उत्सव के समापन अवसर पर सोन नदी के घाट पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। भगवान गणेश की प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिवार और गणेश उत्सव समितियों के साथ घाट पर पहुंचे। इस दौरान पूरा क्षेत्र ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारों से गूंजता रहा।
विधि-विधान से पूजा के बाद किया विसर्जन
श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की प्रतिमाओं की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और इसके बाद सोन नदी में प्रतिमाओं का विसर्जन किया। सुबह से ही घाट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी, जो दिनभर जारी रही।
गणेश उत्सव समितियां ढोल-नगाड़ों और जयकारों के साथ प्रतिमाओं को लेकर विसर्जन स्थल पहुंचीं। श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश से सुख-समृद्धि की कामना करते हुए अगले वर्ष पुनः आगमन की प्रार्थना की।
पुलिस-प्रशासन ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था
विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस एवं प्रशासन की टीम घाट पर मुस्तैद रही। भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से विसर्जन कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं।
नदी में सुरक्षा के मद्देनजर SDRF की टीम भी मौके पर तैनात रही। टीम ने घाट और नदी क्षेत्र पर निगरानी रखी तथा श्रद्धालुओं को गहरे पानी में नहीं जाने और सावधानी बरतने की समझाइश दी।
भक्तिमय माहौल में गणपति को दी विदाई
गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान सोन नदी का घाट भक्तिमय माहौल में नजर आया। श्रद्धालुओं ने भावुक मन से भगवान गणेश को विदाई देते हुए अगले वर्ष फिर आने की कामना की। विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
रिपोर्ट — सुनील रैदास, संभागीय ब्यूरो चीफ, दैनिक स्वराज वाणी
