युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद 8 पुलिसकर्मी लाइन अटैच, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
कोमल अहिरवार (जिला ब्यूरो चीफ)
दैनिक स्वराज वाणी…
Damoh /हिंडोरिया। दमोह जिले के हिंडोरिया थाना क्षेत्र की बांदकपुर चौकी अंतर्गत ग्राम हिनौती में जुआ खेलने की सूचना पर पहुंची पुलिस की कार्रवाई के दौरान 47 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए दमोह पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी देर रात हिंडोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए आठ पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया।
जानकारी के अनुसार, बांदकपुर चौकी पुलिस को ग्राम हिनौती में जुआ खेले जाने की सूचना मिली थी। सूचना पर चौकी प्रभारी एएसआई राजेंद्र मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस को देखकर वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। इसी दौरान 47 वर्षीय शिवराज सिंह लोधी के भागते समय गिरकर बेहोश होने की बात सामने आई। पुलिसकर्मी उसे शासकीय अस्पताल हिंडोरिया लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मौत की खबर मिलते ही अस्पताल पहुंचे परिजन
शिवराज सिंह लोधी की मौत की जानकारी मिलते ही उसके परिजन, रिश्तेदार और बड़ी संख्या में ग्रामीण हिंडोरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए। घटना को लेकर लोगों में नाराजगी देखी गई और देर रात तक अस्पताल परिसर में हंगामे जैसी स्थिति बनी रही।
मृतक के बेटे और परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए चौकी प्रभारी राजेंद्र मिश्रा सहित अन्य पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का आरोप है कि पुलिस अभिरक्षा के दौरान शिवराज सिंह के साथ मारपीट की गई, जिसके कारण उसकी मौत हुई। उन्होंने पुलिस के इस कथित घटनाक्रम पर भी सवाल उठाया कि युवक भागते समय गिरा और उसकी मौत हो गई।
हालांकि, पुलिस पर लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद स्पष्ट होने की उम्मीद है।
एसपी ने 8 पुलिसकर्मियों को किया लाइन अटैच
घटना की सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी देर रात हिंडोरिया अस्पताल पहुंचे। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों से घटना की जानकारी ली और अस्पताल में मौजूद लोगों से भी पूरे घटनाक्रम के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
इसके बाद एसपी ने प्रारंभिक प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए आठ पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच कर दिया। इनमें दो सहायक उपनिरीक्षक, पांच प्रधान आरक्षक और एक आरक्षक शामिल हैं।
लाइन अटैच किए गए पुलिसकर्मियों में बांदकपुर चौकी प्रभारी एएसआई राजेंद्र मिश्रा, एएसआई रामकुमार सिंह, प्रधान आरक्षक संजय पाठक, वीरेंद्र मिश्रा, अविनाश जाट, देवेंद्र ठाकुर, दीपचंद्र चौधरी और आरक्षक शिवसदन शामिल हैं।
यह कार्रवाई मामले की जांच के बीच प्रारंभिक प्रशासनिक कदम के तौर पर की गई है। लाइन अटैच किए जाने से पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगाए गए आरोप स्वतः सिद्ध नहीं होते। मामले में आगे की स्थिति जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगी।

पांच डॉक्टरों की निगरानी में होगा पोस्टमार्टम
मृतक शिवराज सिंह लोधी के शव का पोस्टमार्टम शासकीय चिकित्सालय सागर में पांच चिकित्सकों की निगरानी में कराया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत के कारण और शरीर पर किसी चोट आदि के संबंध में चिकित्सकीय जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
घटना के बाद बांदकपुर क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क है। जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में चक्काजाम और विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
अधिकारी और पुलिस बल मौके पर मौजूद
पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी के साथ एसडीओपी प्रिया सिंधी, नायब तहसीलदार प्रीतम सिंह, टीआई अंजलि अग्निहोत्री, पटेरा थाना प्रभारी रचना मिश्रा और उपनिरीक्षक धर्मेंद्र गुर्जर सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।
फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और घटनाक्रम से जुड़े अन्य साक्ष्यों के आधार पर युवक की मौत की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है। वहीं, मृतक के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच भी मामले में महत्वपूर्ण होगी।
