MP Weather Today: मध्यप्रदेश में फिर तेज बारिश का दौर, 27 सितंबर तक अलर्ट;
भोपाल। MP में एक बार फिर बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम हिस्से में बना डीप डिप्रेशन उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट की ओर बढ़ा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार इस मौसम प्रणाली का असर मध्यप्रदेश में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं के रूप में दिखाई दे सकता है।
अर्नब तूफान को लेकर क्या है IMD का अपडेट?
इन दिनों मौसम से जुड़ी खबरों में ‘अर्नब तूफान’ का नाम चर्चा में है, लेकिन IMD के आधिकारिक बुलेटिन में मौजूदा सिस्टम को Deep Depression के रूप में दर्ज किया गया है। 23 सितंबर को जारी IMD के अपडेट के मुताबिक यह सिस्टम उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट की ओर बढ़ रहा था और विशाखापत्तनम तथा गोपालपुर के बीच तट पार करने की संभावना जताई गई थी।
इसलिए मध्यप्रदेश के मौसम के संदर्भ में आधिकारिक पूर्वानुमान के लिए IMD की चेतावनियों को आधार माना जाना चाहिए।
23-24 सितंबर को पूर्वी MP में बारिश
IMD के 23 सितंबर के सब-डिविजन वार्निंग अपडेट के अनुसार पूर्वी मध्यप्रदेश में 23 और 24 सितंबर को भारी बारिश की चेतावनी थी। वहीं पश्चिमी मध्यप्रदेश में 24 सितंबर को उपखंड स्तर पर भारी बारिश की चेतावनी नहीं थी।
पूर्वी मध्यप्रदेश के कई जिलों में इस दौरान बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। जबलपुर, मंडला, डिंडोरी, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया और आसपास के क्षेत्रों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।
25-26 सितंबर को बढ़ेगा बारिश का असर
IMD के 23 सितंबर के विस्तृत चेतावनी अपडेट के अनुसार 25 और 26 सितंबर को पूर्वी मध्यप्रदेश में बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई थी। इसी दौरान पश्चिमी मध्यप्रदेश में भी भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना जताई गई।
इन दिनों सतना, कटनी, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, पन्ना, दमोह, सागर, उमरिया और आसपास के जिलों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है। स्थानीय स्तर पर बारिश की तीव्रता अलग-अलग हो सकती है।
भोपाल समेत पश्चिमी MP में भी बदलेगा मौसम
बारिश का असर केवल पूर्वी मध्यप्रदेश तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। IMD के अनुसार 25 और 26 सितंबर को पश्चिमी मध्यप्रदेश में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी है।
इसके चलते भोपाल, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सीहोर, बैतूल, इंदौर, उज्जैन, रतलाम और आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि किसी जिले में बारिश की वास्तविक स्थिति स्थानीय मौसम प्रणाली और तात्कालिक चेतावनी पर निर्भर करेगी।
27 सितंबर तक बारिश का दौर
IMD के अनुसार 27 सितंबर को पूर्वी मध्यप्रदेश में फिर भारी बारिश की चेतावनी है। पश्चिमी मध्यप्रदेश में भी इस दिन गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। इसके बाद 28 सितंबर से दोनों उपखंडों के लिए इस चेतावनी में कमी दिखाई गई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए बारिश प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को स्थानीय प्रशासन और IMD की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है। विशेषकर तेज बारिश और आंधी-गरज के दौरान खुले स्थानों तथा कमजोर संरचनाओं से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
