पथराड़ में राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर आयुष शिविर, 46 ग्रामीणों और विद्यार्थियों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण
मंडलेश्वर। महेश्वर विकासखंड के ग्राम पथराड़ स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) में 11वां राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस मनाया गया। ‘स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद’ थीम पर आयोजित कार्यक्रम में भगवान धन्वंतरि का पूजन, मंत्रोच्चार और आरती की गई। इसके बाद ग्राम सरपंच अहिल्याबाई वर्मा ने औषधालय परिसर में ‘एला’ यानी इलायची का पौधा लगाया। दिवस के अवसर पर शासकीय प्राथमिक विद्यालय, पुरानी पथराड़ में निःशुल्क आयुष स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया, जिसमें 46 ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं का परीक्षण किया गया।
आयोजन से जुड़े स्वास्थ्य दल के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को आयुर्वेद और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जानकारी देना था। शिविर में पहुंचे लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद उन्हें आवश्यकता के अनुसार निःशुल्क औषधियां दी गईं। स्वास्थ्य दल ने उपस्थित ग्रामीणों तथा विद्यार्थियों से मौसमी खान-पान और दैनिक जीवन में स्वास्थ्य संबंधी आदतों पर भी बातचीत की।
पूजन और पौधारोपण से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस का कार्यक्रम भगवान धन्वंतरि के विधिवत पूजन के साथ शुरू हुआ। मंत्रोच्चार और आरती के दौरान आयुष स्वास्थ्य दल के सदस्य तथा स्थानीय लोग उपस्थित रहे। आयोजन में आयुर्वेद से जुड़े स्वास्थ्य जागरूकता के संदेश के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी स्थान दिया गया।
ग्राम सरपंच श्रीमती अहिल्याबाई वर्मा ने औषधालय परिसर में इलायची का पौधा रोपा। आयोजकों ने बताया कि पौधारोपण के माध्यम से लोगों को पौधों के संरक्षण और अपने आसपास के वातावरण की देखभाल के प्रति प्रेरित करने का प्रयास किया गया। आयुर्वेद दिवस पर औषधीय पौधा लगाने को कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया।
सरपंच की सहभागिता से कार्यक्रम में ग्राम पंचायत और स्वास्थ्य दल का साझा संदेश भी सामने आया। उपस्थित लोगों को बताया गया कि स्वास्थ्य से जुड़े आयोजनों में समुदाय की भागीदारी आवश्यक है। औषधालय परिसर में पौधारोपण के बाद कार्यक्रम के अन्य चरणों में ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने भाग लिया।
पुरानी पथराड़ के विद्यालय में लगा स्वास्थ्य शिविर
कार्यक्रम के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक विद्यालय, पुरानी पथराड़ में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। स्वास्थ्य दल के अनुसार, शिविर में कुल 46 ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं का परीक्षण हुआ। परीक्षण के बाद जरूरत के अनुसार उन्हें औषधियां निःशुल्क उपलब्ध कराई गईं।
विद्यालय में शिविर लगाए जाने से विद्यार्थियों को स्वास्थ्य दल से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। ग्रामीण भी जांच के लिए पहुंचे और अपनी स्वास्थ्य संबंधी बातों को दल के सदस्यों के सामने रखा। आयोजकों ने बताया कि शिविर में परीक्षण के साथ लोगों को दैनिक स्वास्थ्य देखभाल के विषय में जानकारी देना भी कार्यक्रम का उद्देश्य था।
शिविर में उपस्थित लोगों को मौसमी खान-पान के बारे में मार्गदर्शन दिया गया। स्वास्थ्य दल ने बताया कि मौसम के अनुसार खान-पान और नियमित दिनचर्या जैसे विषयों पर ग्रामीणों तथा विद्यार्थियों से चर्चा की गई। यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिए दी गई; जिन लोगों को औषधि की आवश्यकता थी, उन्हें परीक्षण के आधार पर दवाएं वितरित की गईं।
आयुष स्वास्थ्य दल ने संभाली व्यवस्थाएं
कार्यक्रम को आयोजित करने और शिविर में सेवाएं देने में आयुष स्वास्थ्य दल के विभिन्न सदस्यों ने भाग लिया। डॉ. पिंकी कटारे (CAMO) ने स्वास्थ्य परीक्षण में योगदान दिया। उनके साथ औषधि संयोजक दिनेश पटेल, महिला आयुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता श्रीमती लता पिपल्दे और दवासाज शिवचरण रोकड़े ने शिविर की व्यवस्थाओं में सहयोग किया।
योग प्रशिक्षक आशुतोष पाटीदार और योग सहायक राधेश्याम देवकते भी आयोजन में शामिल रहे। आयोजकों ने बताया कि स्वास्थ्य परीक्षण, औषधि वितरण और जागरूकता गतिविधियों को संपन्न कराने में सभी सदस्यों की भूमिका रही। टीम ने ग्रामीणों तथा विद्यार्थियों तक कार्यक्रम की जानकारी पहुंचाने और शिविर की गतिविधियों को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने में सहयोग किया।
पथराड़ में आयोजित राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस का समापन स्वास्थ्य जागरूकता के संदेश के साथ हुआ। भगवान धन्वंतरि के पूजन से शुरू हुए कार्यक्रम में पौधारोपण, स्वास्थ्य परीक्षण और औषधि वितरण जैसी गतिविधियां हुईं। आयोजकों के अनुसार, 46 लोगों ने निःशुल्क शिविर का लाभ लिया। ग्राम सरपंच, आयुष स्वास्थ्य दल, ग्रामीणों और विद्यार्थियों की भागीदारी से आयोजन संपन्न हुआ।
