आठनेर में 25 सितंबर को होगा ‘नमामि भारतम्–वन्दे मातरम्’ सामूहिक गायन
आठनेर। विकास नगर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 25 सितंबर 2026 को ‘नमामि भारतम्–वन्दे मातरम् सामूहिक गायन’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। विद्यालय परिवार के अनुसार, आयोजन विद्या भारती मध्य भारत प्रांत एवं योग मित्र मंडल समिति के तत्वावधान में होगा। इसमें विद्यार्थी, आचार्य परिवार और आमंत्रित अतिथि एक साथ वन्दे मातरम् का गायन करेंगे। विद्यालय ने अभिभावकों, गणमान्य नागरिकों और क्षेत्रवासियों से भी कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया है।
विद्यालय परिवार ने बताया कि आयोजन वन्दे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में रखा गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज में राष्ट्रभक्ति, राष्ट्रीय एकता, अखंडता तथा मातृभूमि के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना है। सामूहिक गायन के माध्यम से विद्यालय सभी प्रतिभागियों को एक मंच पर लाना चाहता है, ताकि वे एक साथ राष्ट्र के प्रति अपने भाव व्यक्त कर सकें।
एक समय, एक ध्वनि, एक स्वर में होगा गायन
आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण वन्दे मातरम् का सामूहिक गायन होगा। विद्यार्थी, आचार्य परिवार और आमंत्रित अतिथि ‘एक समय, एक ध्वनि, एक स्वर’ की भावना के साथ इसमें भाग लेंगे। विद्यालय परिवार का कहना है कि जब अलग-अलग आयु और पृष्ठभूमि के लोग एक साथ गायन करते हैं, तो सहभागिता और एकता का संदेश प्रभावी ढंग से सामने आता है।
विद्यालय में इस आयोजन को विद्यार्थियों के लिए सामूहिक गतिविधि के रूप में भी देखा जा रहा है। पढ़ाई के साथ ऐसे कार्यक्रम उन्हें सार्वजनिक सहभागिता का अवसर देते हैं। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम के जरिए विद्यार्थी अपने शिक्षकों और अतिथियों के साथ मिलकर राष्ट्रीय एकता तथा मातृभूमि के प्रति सम्मान की भावना व्यक्त करेंगे।
स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े महत्व को करेंगे याद
विद्यालय परिवार ने कहा कि वन्दे मातरम् ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान जनमानस में राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति की भावना जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसी ऐतिहासिक महत्व को याद करते हुए सामूहिक गायन का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को गीत से जुड़ी भावनाओं और देश के प्रति अपने कर्तव्यों पर विचार करने का अवसर मिलेगा।
आयोजकों का कहना है कि राष्ट्रभक्ति की भावना को केवल शब्दों तक सीमित रखने के बजाय उसे जिम्मेदार व्यवहार से भी जोड़ना चाहिए। विद्यार्थियों में एकता, परस्पर सम्मान और सामूहिक जिम्मेदारी का भाव विकसित करना विद्यालय की गतिविधियों का हिस्सा है। विद्यालय परिवार के अनुसार, वन्दे मातरम् का सामूहिक गायन इन्हीं मूल्यों को साझा करने का एक अवसर बनेगा।
विद्यार्थियों के साथ समाज की भागीदारी पर जोर
कार्यक्रम में विद्यालय के विद्यार्थियों और आचार्य परिवार के साथ आमंत्रित अतिथियों की सहभागिता रहेगी। विद्यालय परिवार ने अभिभावकों और क्षेत्रवासियों को भी शामिल होने का निमंत्रण दिया है। आयोजकों के अनुसार, समाज की उपस्थिति से विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ेगा और कार्यक्रम का संदेश विद्यालय परिसर से आगे पहुंचेगा।
विद्यालय ने कहा कि अभिभावक बच्चों के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब वे विद्यालय के कार्यक्रमों में शामिल होते हैं, तो विद्यार्थियों को अपनी गतिविधियों को परिवार और समाज के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। सामूहिक गायन में उनकी भागीदारी बच्चों के लिए प्रोत्साहन का काम करेगी। विद्यालय परिवार ने स्थानीय गणमान्य नागरिकों से भी इस आयोजन में उपस्थित रहने की अपील की है।
भारतीय संस्कृति और कर्तव्यबोध का संदेश
विद्यालय परिवार के अनुसार, ‘नमामि भारतम्–वन्दे मातरम् सामूहिक गायन’ के माध्यम से भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। आयोजक चाहते हैं कि कार्यक्रम में शामिल लोग राष्ट्र के प्रति सम्मान के साथ अपने कर्तव्यों पर भी विचार करें। इस उद्देश्य से विद्यार्थियों, शिक्षकों और समाज के सदस्यों को एक साथ आमंत्रित किया गया है।
25 सितंबर को होने वाले कार्यक्रम की जानकारी देते हुए विद्यालय परिवार ने सभी से सहभागिता की अपील की है। विद्यालय का कहना है कि सामूहिक गायन का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को एक स्वर में जोड़ना है। अभिभावकों और क्षेत्रवासियों की उपस्थिति से आयोजन में विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ेगा तथा राष्ट्रीय एकता का संदेश व्यापक रूप से पहुंचेगा।
