धरना स्थगित होने के बाद महू पहुंचे उज्जैन महापौर मुकेश टटवाल, आंबेडकर जन्मस्थली पर मांगी ‘संघर्ष की शक्ति’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद उज्जैन के टावर चौक पर प्रस्तावित धरना टला; रविवार को महापौर के महू पहुंचने से उनके अगले कदम को लेकर चर्चा तेज
महापौर के इस कदम के बाद राजनीतिक हलकों में उनके रुख को लेकर फिर चर्चा शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री से मिले आश्वासन के बाद धरना स्थगित करने और अगले ही दिन महू पहुंचकर ‘संघर्ष की शक्ति’ मांगने को अलग-अलग तरह से देखा जा रहा है। फिलहाल महापौर ने किसी नए धरने या आंदोलन की घोषणा नहीं की है।
पहले टावर चौक जाने का किया था ऐलान
महापौर टटवाल ने पहले कहा था कि वे रविवार को उज्जैन के टावर चौक स्थित बाबा साहब डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष जाएंगे। वहां प्रार्थना कर अपनी बात रखने के उनके ऐलान के बाद प्रस्तावित धरने को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई थीं। लोगों की नजर इस बात पर थी कि रविवार को महापौर क्या कदम उठाते हैं।
इस बीच शनिवार दोपहर महापौर की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात हुई। मुलाकात के बाद टटवाल ने उज्जैन में प्रस्तावित धरना स्थगित कर दिया। धरना टलने के साथ तत्काल प्रदर्शन की स्थिति समाप्त हो गई, लेकिन महापौर के अगले कदम को लेकर उत्सुकता बनी रही।
रविवार को बदला कार्यक्रम, महू पहुंचे महापौर
रविवार को महापौर टावर चौक नहीं गए। इसके बजाय वे महू स्थित डॉ. आंबेडकर की जन्मस्थली पहुंचे और वहां प्रार्थना की। इस तरह उन्होंने उज्जैन में धरने का कार्यक्रम स्थगित रखा, लेकिन बाबा साहब के प्रति अपनी बात व्यक्त करने के लिए महू जाने का निर्णय लिया।
महापौर ने कहा कि उन्होंने बाबा साहब से संघर्ष करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। उनके बयान का राजनीतिक अर्थ निकाला जा रहा है, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि आगे इस विषय पर वे कोई कार्यक्रम करेंगे या नहीं। ऐसे में उनके महू दौरे को किसी नए आंदोलन की घोषणा मानना जल्दबाजी होगी।
मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद क्या बदला?
शनिवार की मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री से मिले आश्वासन को महापौर के धरना स्थगित करने की प्रमुख वजह माना जा रहा है। इस घटनाक्रम से इतना स्पष्ट है कि रविवार को उज्जैन में प्रस्तावित धरना नहीं हुआ। लेकिन मुलाकात में किन मुद्दों पर बात हुई और आश्वासन के बाद उन पर आगे क्या कार्रवाई होगी, इसे लेकर दिए गए विवरण में कोई जानकारी नहीं है।
इसी कारण महापौर के महू पहुंचने और वहां दिए बयान पर ध्यान केंद्रित हो गया है। राजनीतिक हलकों में एक पक्ष धरना स्थगित होने को बातचीत के जरिए समाधान की दिशा में कदम मान रहा है। वहीं, दूसरे पक्ष की नजर महापौर के ‘संघर्ष की शक्ति’ वाले बयान पर है। दोनों ही आकलन चर्चाओं का हिस्सा हैं; महापौर के अगले कदम की पुष्टि उनकी ओर से किसी स्पष्ट घोषणा के बाद ही होगी।
अगले कदम पर बनी रहेगी नजर
महापौर के इस पूरे कार्यक्रम में दो बातें सामने आई हैं। पहली, मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद उन्होंने टावर चौक पर धरने का फैसला स्थगित किया। दूसरी, रविवार को महू जाकर उन्होंने बाबा साहब के समक्ष प्रार्थना की और संघर्ष की शक्ति मांगने की बात कही।
अब सवाल यह है कि मुख्यमंत्री से मिले आश्वासन के बाद मामला किस दिशा में बढ़ेगा। क्या महापौर अपनी बात बातचीत के माध्यम से आगे रखेंगे, या आने वाले दिनों में कोई और सार्वजनिक कदम उठाएंगे? फिलहाल इसका जवाब महापौर की अगली घोषणा या संबंधित पक्षों की ओर से सामने आने वाली जानकारी से ही मिलेगा।
उज्जैन का प्रस्तावित धरना टल चुका है। इसके बाद भी महू दौरे ने महापौर टटवाल के रुख को लेकर राजनीतिक चर्चा बनाए रखी है।
