Sarangpur Ganeshotsav: बड़ी होली में मिट्टी के गणेश बने आकर्षण का केंद्र, बच्चों ने लालबाग के राजा की तर्ज पर सजाया पंडाल
Sarangpur Ganeshotsav: सारंगपुर नगर में गणेशोत्सव की धूम दिखाई दे रही है। विभिन्न स्थानों पर भगवान गणेश की आकर्षक प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं और प्रतिदिन पूजा-अर्चना एवं महाआरती के कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। इसी क्रम में बड़ी होली गणेश उत्सव समिति द्वारा स्थापित मिट्टी की गणेश प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। बच्चों एवं युवाओं की सक्रिय सहभागिता से आयोजित किया जा रहा यह उत्सव आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक एकता का संदेश भी दे रहा है।
मिट्टी से बनाई गई भगवान गणेश की प्रतिमा
बड़ी होली गणेश उत्सव समिति ने इस वर्ष पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए मिट्टी से निर्मित भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की है। प्रतिमा को भगवान श्रीकृष्ण के माखन खाते हुए बाल स्वरूप की भाव-भंगिमा में सजाया गया है। भगवान गणेश का यह मनमोहक और बालसुलभ स्वरूप श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित कर रहा है।
प्रतिमा के दर्शन करने के लिए बड़ी होली क्षेत्र के साथ नगर के अन्य इलाकों से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। गणपति भक्त प्रतिमा के अनूठे स्वरूप की सराहना कर रहे हैं। समिति का कहना है कि मिट्टी की प्रतिमा स्थापित करने का उद्देश्य धार्मिक आयोजन के माध्यम से लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है।
पर्यावरण-अनुकूल गणेशोत्सव का संदेश
समिति ने मिट्टी की प्रतिमा स्थापित कर यह संदेश देने का प्रयास किया है कि धार्मिक परंपराओं का पालन पर्यावरण की सुरक्षा के साथ भी किया जा सकता है। मिट्टी से बनी प्रतिमाएं प्राकृतिक रूप से पानी में घुल जाती हैं और उनसे जल प्रदूषण का खतरा अपेक्षाकृत कम रहता है।
समिति के सदस्यों ने नागरिकों से पर्यावरण-अनुकूल सामग्री का उपयोग करने और गणेशोत्सव के दौरान स्वच्छता बनाए रखने की अपील की है। यह आयोजन श्रद्धा के साथ प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा भी दे रहा है।
बच्चों ने स्वयं तैयार किया आकर्षक पंडाल
इस आयोजन की सबसे खास बात यह है कि बड़ी होली क्षेत्र के बच्चों ने पंडाल निर्माण और उसकी सजावट की जिम्मेदारी स्वयं संभाली है। नगरपालिका अध्यक्ष पंकज पालीवाल के मार्गदर्शन में बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता, कला और मेहनत से लालबाग के राजा की तर्ज पर भव्य एवं आकर्षक पंडाल तैयार किया है।
पंडाल को सजाने में बच्चों को वरिष्ठजनों का मार्गदर्शन और स्थानीय युवाओं का भरपूर सहयोग मिला। बच्चों द्वारा तैयार की गई सजावट में उनकी रचनात्मकता साफ दिखाई देती है। श्रद्धालु पंडाल की सुंदरता और बच्चों के प्रयास की प्रशंसा कर रहे हैं।
युवाओं ने संभाली आयोजन की व्यवस्थाएं
गणेशोत्सव को व्यवस्थित और सफल बनाने में क्षेत्र के युवा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। युवाओं ने पंडाल निर्माण से लेकर पूजा, महाआरती, श्रद्धालुओं की व्यवस्था और प्रसाद वितरण तक की जिम्मेदारियां संभाली हैं। इससे आयोजन में सामूहिक सहभागिता का भाव देखने को मिल रहा है।
वरिष्ठ नागरिकों के अनुभव, युवाओं की ऊर्जा और बच्चों की रचनात्मकता ने आयोजन को विशेष बना दिया है। गणेश उत्सव समिति के सदस्य भी व्यवस्थाओं पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, ताकि दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
महाआरती में गूंज रहा गणपति बप्पा का जयघोष
बड़ी होली में गणेशोत्सव के दौरान प्रतिदिन पूजा-अर्चना और महाआरती की जा रही है। महाआरती के समय घंटियों की गूंज, आरती की ज्योति और “गणपति बप्पा मोरया” के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो जाता है। बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष, युवा और बच्चे आरती में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त कर रहे हैं।
महाआरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाता है। आयोजन के कारण क्षेत्र में लगातार उत्साह और धार्मिक उल्लास का वातावरण बना हुआ है।
सामुदायिक एकता का उदाहरण बना आयोजन
नगरपालिका अध्यक्ष पं. पंकज पालीवाल ने कहा कि बड़ी होली के युवा पूरे उत्साह और समर्पण के साथ आयोजन में सहयोग कर रहे हैं। वरिष्ठजनों का मार्गदर्शन, युवाओं की सक्रियता और बच्चों की सृजनशीलता ने गणेशोत्सव को श्रद्धा, संस्कार एवं सामुदायिक एकता का पर्व बना दिया है।
उन्होंने बच्चों और युवाओं के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को धार्मिक परंपराओं से जोड़ने के साथ सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण की भावना भी विकसित करते हैं। बड़ी होली गणेश उत्सव समिति का यह प्रयास नगर में आस्था, रचनात्मकता और पर्यावरण जागरूकता का सुंदर उदाहरण बन गया है।
