Jyotiraditya Scindia Guna Visit: “गाड़ी में मत रहिए, दोनों मेरी ड्यूटी पर हैं”, कलेक्टर और SP पर नाराज हुए सिंधिया
अधिकारियों को मौके पर मौजूद रहने के निर्देश, आम लोगों की समस्याएं सुनकर तत्काल कार्रवाई करने को कहा
गुना। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को अपने गुना दौरे के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। एक कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के मौके पर दिखाई नहीं देने पर सिंधिया ने उन्हें तत्काल बुलाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे गाड़ी में न रहें और जनता के बीच मौके पर मौजूद रहकर अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
इस घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सिंधिया अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सवाल करते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने पहले कलेक्टर के बारे में पूछा और इसके बाद पुलिस अधीक्षक को भी मौके पर उपस्थित रहने को कहा। सिंधिया ने सख्त लहजे में कथित रूप से कहा, “गाड़ी में मत रहिए, दोनों मेरी ड्यूटी पर हैं।”
उनकी टिप्पणी का आशय था कि उनके प्रवास और सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को मौके पर सक्रिय रहना चाहिए। सिंधिया ने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याएं सुनने और उनका निराकरण करने में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
कलेक्टर को तत्काल बुलाने के निर्देश
कार्यक्रम के दौरान जब ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आसपास कलेक्टर को नहीं देखा तो उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि कलेक्टर कहां हैं। इसके बाद कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल को मौके पर बुलाया गया। रिपोर्टों के अनुसार, सूचना मिलने के बाद कलेक्टर तत्काल उनके पास पहुंचे।
इसके बाद सिंधिया ने पुलिस अधीक्षक हितिका वासल से भी गाड़ी में नहीं रहने और कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित रहने को कहा। इस दौरान उनका स्वर नाराजगी भरा था। उन्होंने अधिकारियों को जनता और कार्यक्रम से जुड़े लोगों के बीच मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करने के निर्देश दिए।
सिंधिया ने कहा कि क्षेत्र के दौरे का उद्देश्य केवल औपचारिक कार्यक्रमों में भाग लेना नहीं, बल्कि मौके पर जाकर वास्तविक परिस्थितियों और जनसमस्याओं को समझना है। इसलिए संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति और सक्रियता आवश्यक है।
चार दिवसीय गुना प्रवास पर हैं सिंधिया
ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्यप्रदेश के चार दिवसीय प्रवास के अंतर्गत गुना जिले के विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। उनके निर्धारित कार्यक्रमों में विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन, जनसंपर्क, हितग्राहियों से संवाद और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का निरीक्षण शामिल है।
सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्राम बरखेड़ा गिर्द में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की राशन दुकान का निरीक्षण, आंगनवाड़ी केंद्र का भ्रमण और नमो ड्रोन दीदियों से संवाद जैसे कार्यक्रम भी निर्धारित किए गए। सिंधिया ने जमीनी स्तर पर योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं, इसकी जानकारी लेने पर जोर दिया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं से संबंधित शिकायतों का केवल आश्वासन देकर नहीं, बल्कि निर्धारित समय में समाधान किया जाए। सरकारी व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को सुविधा उपलब्ध कराना है और इसमें लापरवाही करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
खाद की समस्या लेकर पहुंचे थे किसान
गुना प्रवास के दौरान बड़ी संख्या में किसानों ने भी सिंधिया से मुलाकात कर खाद नहीं मिलने की शिकायत की। किसानों ने बताया कि खेती के महत्वपूर्ण समय में उन्हें आवश्यक मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। कुछ किसानों ने ऑनलाइन टोकन प्रणाली और वितरण केंद्रों की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
एक किसान ने सिंधिया के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि स्वागत और माला पहनाने का क्रम तो लगातार चलता है, लेकिन उसे खेत के लिए दो बोरी खाद तक नहीं मिल पा रही। किसान की शिकायत सुनने के बाद सिंधिया ने मौके पर मौजूद कलेक्टर को सभी शिकायतकर्ताओं के नाम और मोबाइल नंबर लिखने के निर्देश दिए।
जब प्रशासन की ओर से कार्रवाई का सामान्य आश्वासन दिया गया तो सिंधिया ने कलेक्टर से कहा कि केवल “ठीक है” कहने के बजाय पेन और कागज लेकर किसानों का पूरा विवरण दर्ज करें। इसके बाद अधिकारियों ने किसानों की जानकारी लिखनी शुरू की।
की रिपोर्ट के अनुसार, किसानों ने खाद वितरण के ऑनलाइन टोकन कुछ ही सेकंड में समाप्त होने और कथित कालाबाजारी की आशंका भी जताई। सिंधिया ने मामले की जांच कर गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का भरोसा दिया।
“मैं अपनी ड्यूटी पर हर बात नोट करता हूं”
किसानों की समस्या सुनते हुए सिंधिया ने प्रशासनिक अधिकारियों से कहा कि वे प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से दर्ज करें। उन्होंने कहा कि जब वह अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए हर बात नोट करते हैं तो अधिकारियों को भी जनता की समस्याओं का रिकॉर्ड बनाकर समाधान करना चाहिए।
उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि किसानों की शिकायतों की सूची बनाकर खाद उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जाए। ऑनलाइन वितरण व्यवस्था में यदि कोई तकनीकी समस्या या अनियमितता सामने आती है तो उसकी जांच कर तत्काल सुधार किया जाए।
किसानों ने आरोप लगाया कि खाद वितरण केंद्रों पर व्यवस्था पारदर्शी नहीं है और कई बार पात्र लोगों को समय पर टोकन नहीं मिल पाता। सिंधिया ने प्रशासन से खाद की उपलब्धता, वितरण और ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था की निगरानी करने को कहा।
जनता के बीच सक्रियता का संदेश
कलेक्टर और एसपी को लगाई गई फटकार के माध्यम से सिंधिया ने प्रशासनिक अमले को जनता के बीच उपस्थित रहने का संदेश दिया। उन्होंने अधिकारियों को केवल सुरक्षा घेरे या वाहनों तक सीमित रहने के बजाय कार्यक्रम स्थल की वास्तविक व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने को कहा।
सिंधिया का यह अंदाज सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। सामने आए वीडियो में वह अधिकारियों को तत्काल मौके पर बुलाते और जिम्मेदारी से काम करने की हिदायत देते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इस घटनाक्रम को लेकर कलेक्टर अथवा पुलिस अधीक्षक की ओर से कोई अलग आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
रक्तदाताओं से भी की मुलाकात
जनसुनवाई और प्रशासनिक कार्यक्रमों के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया जिला अस्पताल पहुंचे। वहां सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित रक्तदान शिविर में उन्होंने रक्तदाताओं से मुलाकात की और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने रक्तदान करने वाले लोगों को अपने हाथों से जूस भी पिलाया।
सिंधिया ने कहा कि रक्तदान मानव सेवा का महत्वपूर्ण कार्य है। एक व्यक्ति द्वारा दिया गया रक्त किसी जरूरतमंद मरीज का जीवन बचा सकता है। उन्होंने युवाओं और स्वस्थ नागरिकों से समय-समय पर रक्तदान करने की अपील की।
गुना दौरे के दौरान सिंधिया विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं, स्वास्थ्य कार्यक्रमों और जनसमस्याओं को लेकर लगातार अधिकारियों एवं नागरिकों से संवाद कर रहे हैं। कलेक्टर और एसपी को दी गई उनकी सख्त हिदायत ने प्रशासनिक जवाबदेही के मुद्दे को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
