हनुमान प्रसाद गर्ग के निधन पर दिग्विजय सिंह ने दी श्रद्धांजलि, परिजनों से मिलकर जताई शोक संवेदना
सारंगपुर स्थित निवास पर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री, पुराने पारिवारिक एवं राजनीतिक संबंधों को किया याद
सारंगपुर। पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष, पूर्व जिला प्रभारी एवं मंत्री रहे हनुमान प्रसाद गर्ग के निधन पर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने गहरा शोक व्यक्त किया है। बुधवार को दिग्विजय सिंह सारंगपुर स्थित गर्ग के निवास पर पहुंचे और उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने दिवंगत हनुमान प्रसाद गर्ग के पुत्र दुर्गेश गर्ग सहित परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
दिग्विजय सिंह ने शोकाकुल परिवार के साथ कुछ समय बिताया और हनुमान प्रसाद गर्ग के व्यक्तित्व, सामाजिक योगदान तथा उनके साथ रहे पुराने संबंधों को याद किया। उन्होंने परिवार के सदस्यों को इस कठिन समय में धैर्य बनाए रखने की बात कही। इस दौरान निवास पर उपस्थित लोगों ने भी हनुमान प्रसाद गर्ग को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके निधन को क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया।
गर्ग के चित्र पर अर्पित किए श्रद्धासुमन
सारंगपुर पहुंचने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सीधे हनुमान प्रसाद गर्ग के निवास पर पहुंचे। वहां उन्होंने दिवंगत गर्ग के चित्र के समक्ष श्रद्धासुमन अर्पित किए और कुछ समय मौन रहकर उन्हें याद किया। इस दौरान वातावरण भावुक हो गया। परिवार के सदस्यों और परिचितों ने गर्ग के जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंग साझा किए।
श्रद्धांजलि देने के बाद दिग्विजय सिंह ने उनके पुत्र दुर्गेश गर्ग एवं अन्य परिजनों से बातचीत की। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि किसी अपने का जाना परिवार के लिए अत्यंत पीड़ादायक होता है। ऐसी परिस्थिति में शब्दों से दुख को कम करना संभव नहीं है, लेकिन दिवंगत व्यक्ति के विचार, कार्य और स्मृतियां हमेशा परिवार एवं समाज के बीच जीवित रहती हैं।
पुराने संबंधों और स्मृतियों को किया याद
परिजनों से बातचीत के दौरान दिग्विजय सिंह ने बताया कि हनुमान प्रसाद गर्ग के साथ उनके संबंध केवल राजनीतिक परिचय तक सीमित नहीं थे। दोनों के बीच लंबे समय से पारिवारिक और आत्मीय संबंध रहे। राजनीतिक विचारधाराएं अलग होने के बावजूद व्यक्तिगत संबंधों में सदैव सम्मान और आत्मीयता बनी रही।
उन्होंने गर्ग के साथ अपने राजनीतिक जीवन से जुड़ी कई पुरानी स्मृतियों को याद किया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक होते हैं, लेकिन आपसी सम्मान और निजी संबंधों की गरिमा बनाए रखना महत्वपूर्ण है। हनुमान प्रसाद गर्ग के साथ उनका ऐसा ही आत्मीय संबंध रहा, जिसे वह हमेशा याद रखेंगे।
राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में रही सक्रिय भूमिका
हनुमान प्रसाद गर्ग ने अपने राजनीतिक जीवन के दौरान पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष और पूर्व जिला प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण दायित्व संभाले थे। उन्होंने मंत्री के रूप में भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। विभिन्न पदों पर रहते हुए वह संगठनात्मक गतिविधियों और क्षेत्रीय मामलों में सक्रिय रहे।
उनके निधन के बाद राजनीतिक, सामाजिक एवं स्थानीय स्तर पर शोक की लहर है। अलग-अलग राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग उनके निवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। गर्ग से जुड़े लोगों का कहना है कि वह अपने स्पष्ट विचारों, संगठनात्मक अनुभव और लोगों से आत्मीयता के साथ मिलने के लिए जाने जाते थे।
उनके निधन से न केवल परिवार, बल्कि उनसे जुड़े राजनीतिक कार्यकर्ताओं, समर्थकों और परिचितों को भी गहरा दुख पहुंचा है। उनके साथ लंबे समय तक कार्य करने वाले लोग लगातार परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
वैचारिक भिन्नता के बावजूद रिश्तों में रही आत्मीयता
दिग्विजय सिंह का हनुमान प्रसाद गर्ग के निवास पर पहुंचना राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में बने पुराने व्यक्तिगत संबंधों की एक महत्वपूर्ण मिसाल के रूप में देखा गया। दोनों नेता अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं से जुड़े रहे, लेकिन उनके बीच पारिवारिक एवं व्यक्तिगत संबंध लंबे समय तक बने रहे।
शोक व्यक्त करते हुए दिग्विजय सिंह ने इस बात को विशेष रूप से याद किया कि सार्वजनिक एवं राजनीतिक जीवन में सक्रिय रहने के बावजूद गर्ग ने व्यक्तिगत रिश्तों को हमेशा महत्व दिया। उन्होंने कहा कि पुराने संबंध और साथ बिताए गए पल व्यक्ति के चले जाने के बाद स्मृतियों के रूप में सदैव बने रहते हैं।
दिग्विजय सिंह ने परिजनों से कहा कि दुख की इस घड़ी में वह परिवार के साथ हैं। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए परिवार को यह गहरा दुख सहन करने की शक्ति मिलने की कामना की।
परिवार और परिचितों ने साझा कीं स्मृतियां
शोक मुलाकात के दौरान परिवार के सदस्यों ने हनुमान प्रसाद गर्ग के सार्वजनिक और पारिवारिक जीवन से जुड़ी यादें साझा कीं। उपस्थित लोगों ने कहा कि उन्होंने राजनीतिक जिम्मेदारियों के साथ सामाजिक संबंधों को भी हमेशा महत्व दिया। क्षेत्र के लोगों से उनका जुड़ाव और सहयोग की भावना उनके व्यक्तित्व की विशेष पहचान रही।
दिग्विजय सिंह ने परिजनों की बातें ध्यानपूर्वक सुनीं और उनके साथ बिताए समय को याद किया। इस अवसर पर राजनीतिक चर्चा के स्थान पर गर्ग के व्यक्तित्व, पुराने रिश्तों और पारिवारिक स्मृतियों पर बातचीत केंद्रित रही।
शोकसभा में स्थानीय लोग भी रहे उपस्थित
दिग्विजय सिंह के आगमन के दौरान गर्ग निवास पर परिवार के सदस्यों के साथ कई स्थानीय नागरिक और परिचित भी मौजूद थे। सभी ने दिवंगत हनुमान प्रसाद गर्ग के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। उनके निधन को परिवार के साथ-साथ सार्वजनिक और राजनीतिक क्षेत्र के लिए भी बड़ी क्षति बताया गया।
इस अवसर पर रघुराज राणा, चंचल मंगल, अरुण मित्तल और कविश गोयल सहित गर्ग परिवार के सदस्य तथा अन्य परिचित उपस्थित रहे। सभी ने हनुमान प्रसाद गर्ग को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके कार्यों और स्मृतियों को याद किया। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
