मुख्यमंत्री की ₹20 करोड़ की घोषणा को धरातल पर उतारने की तैयारी, टीम ने भैंसवा माताजी में किया स्थल सर्वे
मां बिजासन धाम में मंदिर विकास, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, इंडोर योग केंद्र, पार्किंग और भक्त निवास बनाने का प्रस्ताव
भैंसवा माताजी। मां बिजासन धाम भैंसवा माताजी में श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं का विस्तार करने और प्रस्तावित विकास कार्यों को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा धाम के विकास के लिए घोषित ₹20 करोड़ की राशि से कराए जाने वाले विभिन्न निर्माण कार्यों के संबंध में बुधवार को तकनीकी अधिकारियों और इंजीनियरों की टीम ने स्थल सर्वे किया।
निरीक्षण के दौरान सांसद रोडमल नागर, तहसीलदार कपिल शर्मा, ग्रामीण विकास विभाग के एसडीओ कृपाल पैरवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। तकनीकी टीम ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण कर प्रस्तावित निर्माण कार्यों की संभावनाओं, उपलब्ध भूमि, श्रद्धालुओं की सुविधाओं तथा आवश्यक बुनियादी ढांचे का आकलन किया।
मुख्यमंत्री ने की थी ₹20 करोड़ की घोषणा
गंगा जल संवर्धन अभियान के समापन अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मां बिजासन धाम भैंसवा माताजी पहुंचे थे। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक एवं मध्यप्रदेश सरकार में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार गौतम टेटवाल और सांसद रोडमल नागर ने धाम में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार करने की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी थी।
मांग पत्र पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने मां बिजासन धाम के विकास और भक्तों की सुविधाओं के लिए ₹20 करोड़ देने की घोषणा की थी। अब मुख्यमंत्री की इस घोषणा को अमलीजामा पहनाने की दिशा में प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर काम प्रारंभ कर दिया गया है।
इंजीनियरों ने किया प्रस्तावित स्थलों का निरीक्षण
मुख्यमंत्री की घोषणा के अंतर्गत प्रस्तावित विभिन्न विकास कार्यों के लिए तकनीकी मार्गदर्शन एवं निर्माण कार्यों की रूपरेखा तैयार करने के उद्देश्य से सिविल वर्क इंजीनियरों की टीम भैंसवा माताजी पहुंची। टीम में कंटूर सर्वेयर मिथुन पाटिल और इंजीनियर पावन नागर भी शामिल रहे।
अधिकारियों ने प्रस्तावित निर्माण स्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया। सर्वे के दौरान भूमि की स्थिति, निर्माण के लिए उपलब्ध स्थान, श्रद्धालुओं की आवाजाही, वाहनों की पार्किंग, आवासीय व्यवस्था और अन्य सुविधाओं से जुड़े बिंदुओं पर चर्चा की गई। तकनीकी दल द्वारा तैयार किए जाने वाले सर्वे और प्रारंभिक प्रस्ताव के आधार पर विकास कार्यों की विस्तृत योजना बनाई जाएगी।
प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र खोलने का प्रस्ताव
सांसद रोडमल नागर ने बताया कि मां बिजासन धाम के समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य प्रस्तावित हैं। मंदिर परिसर के विकास के साथ यहां विभिन्न प्रकार की बीमारियों के उपचार के लिए प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र खोलने की योजना बनाई जा रही है।
प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र के लिए एक बहुउद्देशीय सामुदायिक भवन बनाए जाने का प्रस्ताव है। इस केंद्र के माध्यम से लोगों को प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों की जानकारी देने के साथ स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इसके निर्माण से स्थानीय नागरिकों के साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी लाभ मिल सकेगा।
योग प्रेमियों के लिए बनेगा इंडोर योग केंद्र
विकास योजना में योग और स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। बाहर से आने वाले योग प्रेमियों और साधकों के लिए परिसर में सर्वसुविधायुक्त इंडोर योग केंद्र बनाने का प्रस्ताव रखा गया है।
इस योग केंद्र में मौसम की परिस्थितियों से प्रभावित हुए बिना नियमित योगाभ्यास और स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियां आयोजित की जा सकेंगी। धाम के धार्मिक वातावरण में योग केंद्र बनने से यह स्थान आस्था के साथ स्वास्थ्य और आध्यात्मिक साधना का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग और भक्त निवास की सुविधा
मां बिजासन के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाहर से पहुंचते हैं। विशेष धार्मिक अवसरों और त्योहारों के दौरान धाम में श्रद्धालुओं तथा वाहनों की संख्या काफी बढ़ जाती है। इसे देखते हुए सुव्यवस्थित और सर्वसुविधायुक्त पार्किंग क्षेत्र विकसित करने का प्रस्ताव है।
पार्किंग स्थल के चारों ओर बाउंड्री निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे वाहनों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके। इसके अलावा दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं के रात्रि विश्राम के लिए भक्त निवास बनाने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है। भक्त निवास बनने से श्रद्धालुओं को धाम में ठहरने के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक व्यवस्था मिल सकेगी।
वैदिक पाठशाला के निर्माण कार्यों का लिया जायजा
स्थल सर्वे के दौरान सांसद रोडमल नागर एवं अधिकारियों ने वैदिक पाठशाला का भी निरीक्षण किया। पाठशाला की लगभग पांच हेक्टेयर भूमि पर किए जा रहे तार फेंसिंग कार्य की प्रगति की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने निर्माणाधीन भव्य प्रवेश द्वार का निरीक्षण करते हुए संबंधित लोगों से कार्य की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की।
वैदिक पाठशाला को क्षेत्र में धार्मिक शिक्षा और भारतीय संस्कृति के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके लिए परिसर की सुरक्षा, सुगम प्रवेश और आवश्यक आधारभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
गुरु गोरक्षनाथ अखाड़े में विकास कार्यों का निरीक्षण
वैदिक पाठशाला के निरीक्षण के बाद सांसद और अधिकारियों की टीम गुरु गोरक्षनाथ अखाड़ा पहुंची। यहां गुरुजी की धूनी के दर्शन करने के बाद परिसर में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का जायजा लिया गया।
अधिकारियों ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और भविष्य की आवश्यकताओं के संबंध में स्थानीय समिति के सदस्यों से जानकारी प्राप्त की। सांसद रोडमल नागर ने कहा कि सभी प्रस्तावित कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि मां बिजासन धाम आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
जनप्रतिनिधि और समिति सदस्य रहे मौजूद
स्थल निरीक्षण के दौरान सरपंच कुलदीप नागर, हेमराज सिंह पटेल, बिट्ठल नागर, समाजसेवी पन्नालाल नागर, दुर्गेश पंडाजी, राजेश भंडारी, सचिव पंकज नागर, पटवारी कन्हैयालाल फुलेरिया, डॉ. विष्णु अरनिया और रामेश्वर नागर सहित मंदिर समिति के सदस्य एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री की घोषणा पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रस्तावित विकास कार्य पूरे होने से मां बिजासन धाम की धार्मिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए आवास, पार्किंग, चिकित्सा और योग जैसी सुविधाएं उपलब्ध होने से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
