सहारा मिला, आत्मविश्वास बढ़ा—दिव्यांगजन एवं वरिष्ठजनों के जीवन को मिला संबल
दमोह कलेक्ट्रेट परिसर में निःशुल्क सहायक उपकरण वितरित, हितग्राहियों के चेहरों पर दिखी खुशी
कोमल अहिरवार, जिला ब्यूरो चीफ | दैनिक स्वराज वाणी
दमोह। भारत सरकार की राष्ट्रीय वयोश्री योजना और एडिप योजना के अंतर्गत दमोह कलेक्ट्रेट परिसर में वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पात्र हितग्राहियों को उनकी शारीरिक आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण प्रदान किए गए। उपकरण मिलने के बाद दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के चेहरों पर खुशी एवं आत्मविश्वास स्पष्ट दिखाई दिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों और उम्र से जुड़ी शारीरिक परेशानियों का सामना कर रहे वरिष्ठ नागरिकों को दैनिक जीवन में अधिक आत्मनिर्भर बनाना था। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने हितग्राहियों को उपकरण प्रदान करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना शासन एवं प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही उपस्थिति
कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार धर्मेंद्र सिंह लोधी, आनंद विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार लखन पटेल और दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, दमोह विधायक जयंत कुमार मलैया, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटेल और दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव भी मौजूद रहे। इनके अतिरिक्त अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी, हितग्राही, उनके परिजन एवं नागरिक कार्यक्रम में शामिल हुए।
अतिथियों ने पात्र हितग्राहियों को सहायक उपकरण सौंपे और उनसे संवाद कर उनकी आवश्यकताओं की जानकारी ली। कार्यक्रम के दौरान हितग्राहियों और उनके परिजनों ने शासन की इस पहल को उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसे उपकरण रोजमर्रा के जीवन में बड़ी सहायता प्रदान करते हैं।
दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल
एडिप योजना का उद्देश्य जरूरतमंद दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उनकी शारीरिक क्षमता और गतिशीलता में सुधार करना है। सहायक उपकरण मिलने से उन्हें दैनिक गतिविधियां पूरी करने, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेने में सुविधा मिल सकती है।
दिव्यांगजनों को कई बार साधारण कार्यों के लिए भी अपने परिवार के सदस्यों अथवा अन्य लोगों पर निर्भर रहना पड़ता है। उपयुक्त सहायक उपकरण मिलने से यह निर्भरता कम हो सकती है। इसके साथ ही उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे सामाजिक जीवन में अधिक सक्रियता के साथ भाग ले सकते हैं।
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की क्षमता या प्रतिभा को सीमित नहीं करती। यदि समाज और शासन की ओर से आवश्यक सुविधाएं एवं अवसर उपलब्ध कराए जाएं तो दिव्यांगजन भी प्रत्येक क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
वरिष्ठ नागरिकों को मिला आवश्यक सहयोग
राष्ट्रीय वयोश्री योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वरिष्ठ नागरिकों को उम्र से संबंधित शारीरिक परेशानियों के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाते हैं। बढ़ती उम्र में चलने-फिरने, सुनने, देखने अथवा दैनिक कार्य करने में आने वाली कठिनाइयों को कम करने में ये उपकरण उपयोगी साबित होते हैं।
कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पात्र वरिष्ठ नागरिकों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप उपकरण दिए गए। उपकरण प्राप्त करने के बाद कई हितग्राहियों ने प्रसन्नता व्यक्त की। उनके परिजनों ने भी कहा कि इससे वरिष्ठजनों को दैनिक जीवन में सुविधा मिलने के साथ उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा।
चेहरों पर दिखी खुशी और आत्मविश्वास
सहायक उपकरण प्राप्त करने के बाद दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठजनों के चेहरों पर संतोष और खुशी नजर आई। हितग्राहियों ने शासन, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सहायता उनके लिए केवल एक उपकरण नहीं, बल्कि स्वतंत्रता और आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने का माध्यम है।
कुछ हितग्राही अपने परिवार के सदस्यों के साथ कार्यक्रम में पहुंचे थे। उपकरण मिलने के बाद परिजनों ने भी राहत महसूस की। उन्होंने बताया कि आवश्यक सहायक साधन उपलब्ध होने से हितग्राही अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों को पहले की तुलना में अधिक आसानी से पूरा कर सकेंगे।
योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने पर जोर
कार्यक्रम में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी पात्र लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति जानकारी या प्रक्रिया के अभाव में योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
इसके लिए स्थानीय निकायों, सामाजिक संस्थाओं और नागरिकों से भी सहयोग की अपेक्षा की गई। समाज के जागरूक लोग अपने आसपास रहने वाले पात्र दिव्यांगजनों एवं वरिष्ठ नागरिकों को योजनाओं की जानकारी देकर आवेदन प्रक्रिया पूरी कराने में सहायता कर सकते हैं।
दमोह कलेक्ट्रेट में आयोजित सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम ने सेवा और संवेदनशीलता का संदेश दिया। इस पहल से हितग्राहियों को दैनिक जीवन में आवश्यक सहारा मिलने के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर भी प्राप्त हुआ।
