सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ कल से, नागदा और खाचरौद में लगेंगे रक्तदान शिविर
जन्मेजय अस्पताल नागदा और शासकीय अस्पताल खाचरौद में सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक होगा रक्तदान, अभियान 17 अक्टूबर तक चलेगा
प्रमोद कुमार जैन
नागदा। नागदा-खाचरौद विकासखंड में गुरुवार से सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ किया जाएगा। एक महीने तक चलने वाला यह अभियान 17 अक्टूबर को संपन्न होगा। अभियान के पहले दिन नागदा और खाचरौद में एक साथ रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र के स्वस्थ एवं पात्र नागरिकों से शिविर में पहुंचकर स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील की है।
नागदा में रक्तदान शिविर का आयोजन जन्मेजय अस्पताल में किया जाएगा, जबकि खाचरौद में शासकीय अस्पताल में शिविर लगेगा। दोनों स्थानों पर सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक रक्तदान की व्यवस्था रहेगी।
शिविर का आयोजन जिला चिकित्सालय उज्जैन के ब्लड बैंक, स्वास्थ्य विभाग और जन्मेजय अस्पताल नागदा के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। एक ही समय पर दोनों स्थानों पर शिविर आयोजित करने के लिए चिकित्सा दल, आवश्यक उपकरण और रक्त संग्रह से संबंधित व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
आपातकाल में रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना उद्देश्य
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव कुमरावत ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित रक्तदान शिविर का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन चिकित्सा परिस्थितियों में जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
इसके साथ ही नागरिकों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए जागरूक किया जाएगा। रक्तदान को लेकर लोगों के बीच मौजूद भ्रम और आशंकाओं को दूर करने के लिए चिकित्सा कर्मचारी आवश्यक जानकारी प्रदान करेंगे।
डॉ. कुमरावत ने क्षेत्र के सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, युवाओं, व्यापारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों से अभियान में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पात्र व्यक्ति द्वारा किया गया स्वैच्छिक रक्तदान संकट के समय किसी मरीज के जीवन की रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
दुर्घटना और सर्जरी के दौरान रहती है रक्त की जरूरत
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल मरीजों, जटिल शल्य क्रियाओं, गंभीर बीमारियों और प्रसव के दौरान रक्त की आवश्यकता पड़ सकती है। थैलेसीमिया और रक्त से जुड़ी कुछ दूसरी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को नियमित अंतराल पर रक्त अथवा उसके घटकों की जरूरत होती है।
कई बार अस्पताल में मरीज के परिजन रक्तदाता की व्यवस्था नहीं कर पाते। ऐसे समय में अधिकृत ब्लड बैंक में उपलब्ध रक्त मरीज के उपचार में मददगार साबित होता है। इसलिए समय-समय पर आयोजित होने वाले स्वैच्छिक रक्तदान शिविर ब्लड बैंक का सुरक्षित भंडार बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
जानकारी के अनुसार भारत में प्रतिवर्ष लगभग डेढ़ करोड़ यूनिट रक्त की आवश्यकता होती है। मध्य प्रदेश में प्रतिदिन करीब चार हजार यूनिट रक्त की मांग रहने का अनुमान है। मांग की तुलना में स्वैच्छिक रक्तदान कम होने पर अस्पतालों को आपात परिस्थितियों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
एक यूनिट रक्त से तीन मरीजों को मिल सकती है मदद
चिकित्सकों के अनुसार रक्तदान के बाद एकत्रित रक्त को चिकित्सकीय आवश्यकता के आधार पर अलग-अलग घटकों में विभाजित किया जा सकता है। इनमें लाल रक्त कोशिकाएं, प्लाज्मा और प्लेटलेट्स शामिल हैं।
इन घटकों का उपयोग अलग-अलग मरीजों के उपचार में किया जा सकता है। इस तरह एक यूनिट रक्त से जरूरत के अनुसार तीन मरीजों तक को सहायता मिल सकती है। किस मरीज को कौन-सा रक्त घटक दिया जाएगा, इसका निर्णय डॉक्टर मरीज की स्थिति और जांच के आधार पर करते हैं।
रक्तदान से प्राप्त रक्त को मरीज तक पहुंचाने से पहले निर्धारित जांच प्रक्रियाओं से गुजारा जाता है। अधिकृत ब्लड बैंक द्वारा रक्त का परीक्षण, सुरक्षित भंडारण और अस्पताल तक आपूर्ति की जाती है।
रक्तदान से पहले होगी स्वास्थ्य जांच
शिविर में रक्तदान करने के इच्छुक व्यक्ति का पहले पंजीयन और सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। चिकित्सा दल रक्तदाता की उम्र, वजन, रक्तचाप, हीमोग्लोबिन और स्वास्थ्य से जुड़ी आवश्यक जानकारी की जांच करेगा।
व्यक्ति रक्तदान के लिए पात्र है अथवा नहीं, इसका अंतिम निर्णय शिविर में उपस्थित चिकित्सक करेंगे। बुखार, संक्रमण, अत्यधिक कमजोरी या किसी गंभीर बीमारी की स्थिति में रक्तदान नहीं करना चाहिए। नियमित दवा लेने वाले व्यक्ति डॉक्टर को इसकी जानकारी अवश्य दें।
रक्तदाता को पहचान संबंधी दस्तावेज साथ लाने की सलाह दी गई है। रक्तदान से पहले सामान्य भोजन करना और पर्याप्त पानी पीना उपयोगी होता है। खाली पेट रक्तदान नहीं करना चाहिए। रक्तदान के बाद कुछ समय तक चिकित्सा दल की निगरानी में आराम करने और दिए गए जलपान का सेवन करने की सलाह दी जाती है।
युवाओं और सामाजिक संगठनों से सहभागिता की अपील
सेवा संकल्प अभियान को सफल बनाने के लिए नागदा और खाचरौद के सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक और व्यावसायिक संगठनों से संपर्क किया जा रहा है। युवाओं को विशेष रूप से स्वैच्छिक रक्तदान से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
आयोजकों का कहना है कि रक्त किसी कारखाने में नहीं बनाया जा सकता और जरूरतमंद मरीजों के लिए इसकी उपलब्धता स्वैच्छिक रक्तदाताओं पर निर्भर रहती है। ऐसे में स्वस्थ और पात्र नागरिक नियमित रूप से रक्तदान करके समाज के प्रति महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा सकते हैं।
पहली बार रक्तदान करने वाले लोगों के लिए शिविर में चिकित्सकीय मार्गदर्शन उपलब्ध रहेगा। उन्हें रक्तदान की प्रक्रिया और उसके बाद रखी जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी जाएगी।
17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान
गुरुवार को रक्तदान शिविरों के साथ प्रारंभ होने वाला सेवा संकल्प अभियान 17 अक्टूबर तक संचालित किया जाएगा। अभियान के दौरान स्वास्थ्य, जनसेवा और जागरूकता से संबंधित विभिन्न गतिविधियां आयोजित किए जाने की संभावना है।
अभियान के कार्यक्रमों में आम नागरिकों की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभागीय अधिकारियों और सामाजिक संगठनों के बीच समन्वय किया जाएगा। रक्तदान शिविर इसकी पहली प्रमुख गतिविधि होगी।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे गुरुवार सुबह 8 से दोपहर 12 बजे के बीच जन्मेजय अस्पताल नागदा अथवा शासकीय अस्पताल खाचरौद पहुंचकर रक्तदान करें। रक्तदाता की पात्रता स्वास्थ्य परीक्षण के बाद डॉक्टर द्वारा निर्धारित की जाएगी।
