रायपुर में विवाहिता की पेट्रोल डालकर हत्या, पुलिस ने कथित प्रेमी को किया गिरफ्तार
शादी नहीं हो पाने और महिला के दूसरे लोगों से संपर्क रखने से नाराज था आरोपी; मोबाइल घर पर छोड़कर वारदात को अंजाम देने का पुलिस का दावा
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के माना थाना क्षेत्र में एक विवाहिता पर पेट्रोल डालकर आग लगाने और इलाज के दौरान उसकी मौत होने के मामले में पुलिस ने 26 वर्षीय वीरू धीवर को गिरफ्तार किया है। मृतका की पहचान राजकुमारी साहू के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी और महिला एक-दूसरे को करीब पांच वर्षों से जानते थे। पूछताछ में आरोपी ने कथित रूप से वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की है।
पुलिस का दावा है कि आरोपी महिला के अन्य लोगों से बातचीत करने और संपर्क रखने से नाराज था। वह राजकुमारी से शादी करना चाहता था, लेकिन दोनों के बीच चल रहे विवाद तथा विवाह नहीं हो पाने के कारण उसने महिला को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। मामले में पुलिस आरोपी से पूछताछ कर घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है।
मोबाइल बंद कर घर पर छोड़ने का दावा
पुलिस जांच में सामने आई जानकारी के अनुसार आरोपी ने वारदात से पहले कथित रूप से पूरी योजना तैयार की थी। अपनी गतिविधियों और लोकेशन का पता न चल सके, इसके लिए उसने मोबाइल फोन बंद कर घर पर छोड़ दिया था।
इसके बाद आरोपी ने एक पेट्रोल पंप से बोतल में पेट्रोल लिया और उसे अपनी गाड़ी की डिक्की में रख दिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी घटनास्थल तथा आसपास के क्षेत्र से पहले से परिचित था। उसने राजकुमारी को बातचीत के बहाने एयरपोर्ट के पीछे स्थित निर्माणाधीन और सुनसान रास्ते पर ले जाने की योजना बनाई थी।
पुलिस अब आरोपी के बताए घटनाक्रम की उपलब्ध साक्ष्यों, पेट्रोल पंप के रिकॉर्ड और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से पुष्टि करने का प्रयास कर सकती है।
सुनसान रास्ते पर दोनों के बीच हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार घटना वाले दिन आरोपी राजकुमारी को एयरपोर्ट के पीछे बरोदा गांव की ओर जाने वाले निर्माणाधीन मार्ग पर लेकर पहुंचा। वहां दोनों के बीच बातचीत के दौरान पुराने विवादों को लेकर बहस शुरू हो गई।
आरोपी कथित रूप से राजकुमारी के दूसरे लोगों के संपर्क में रहने और अपनी शादी में आ रही बाधा को लेकर नाराज था। विवाद बढ़ने के बाद उसने गाड़ी की डिक्की से पेट्रोल की बोतल निकाली और महिला पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। घटना के बाद आरोपी महिला को गंभीर हालत में छोड़कर मौके से फरार हो गया।
यह पूरा घटनाक्रम फिलहाल पुलिस की जांच और आरोपी से हुई पूछताछ में सामने आए दावों पर आधारित है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्यों से स्थिति और स्पष्ट होगी।
एटीसी टावर के सुरक्षा गार्ड ने पुलिस को दी सूचना
आग लगने के बाद राजकुमारी जान बचाने के लिए सहायता मांगते हुए सड़क की ओर भागी। एयरपोर्ट के पीछे स्थित एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर पर तैनात एक सुरक्षा गार्ड की नजर महिला पर पड़ी। उसने तत्काल पुलिस को घटना की सूचना दी।
महिला की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग भी मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। सूचना मिलने के बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और गंभीर रूप से झुलसी महिला को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। डॉक्टरों ने महिला को बचाने का प्रयास किया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर वीरू धीवर को गिरफ्तार किया गया।
आठ वर्ष पहले हुई थी राजकुमारी की शादी
पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक राजकुमारी मूल रूप से समोदा क्षेत्र की रहने वाली थी। करीब आठ वर्ष पहले उसकी शादी आरंग क्षेत्र के मोखला गांव में हुई थी। उसके दो बच्चे हैं, जो वर्तमान में अपने पिता के साथ रहते हैं।
बताया गया है कि करीब पांच वर्ष पहले राजकुमारी और वीरू धीवर के बीच संपर्क हुआ था। इसके बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। जब परिवार के लोगों को इस संबंध की जानकारी मिली तो विवाद होने लगे।
पुलिस के अनुसार राजकुमारी अपने पति से सामाजिक रीति-रिवाज के अनुसार अलग होने के बाद पिछले करीब डेढ़ वर्ष से शदाणी दरबार के पास स्थित एक कॉलोनी में रह रही थी। वह अपने एक रिश्तेदार के साथ किराए के मकान में रहती थी और घरेलू काम करके जीवनयापन कर रही थी।
वर्ष 2021 में सास पर हमले का भी आरोप
जांच के दौरान आरोपी वीरू धीवर से जुड़ा एक पुराना आपराधिक मामला भी सामने आया है। पुलिस के मुताबिक वर्ष 2021 में इसी संबंध से जुड़े विवाद के दौरान उसने राजकुमारी की सास पर जानलेवा हमला किया था। उस मामले में आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज किया गया था और उसे जेल भी जाना पड़ा था।
जेल से बाहर आने के बाद भी आरोपी और राजकुमारी के बीच संपर्क बना रहा। पुलिस पुराने मामले की जानकारी को वर्तमान घटना की जांच से जोड़कर भी देख रही है। इससे यह समझने का प्रयास किया जा रहा है कि दोनों के बीच विवाद कब से चल रहा था और आरोपी ने वर्तमान वारदात की योजना कब तैयार की।
तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटा रही पुलिस
पुलिस अब मामले में तकनीकी एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्य एकत्र कर रही है। घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ आरोपी की गाड़ी, पेट्रोल की बोतल, मोबाइल फोन और उसके आने-जाने वाले मार्ग की जांच की जा सकती है। पेट्रोल पंप तथा रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। आरोपी के कथित कबूलनामे और पुलिस के आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
