मंदसौर में 100 ग्राम एमडी ड्रग और 4.7 किलो डोडाचूरा जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार
नई आबादी थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर की कार्रवाई, बाइक और दो मोबाइल भी जब्त; एक अन्य आरोपी फरार
दैनिक स्वराज वाणी
रिपोर्टर: प्रियंका गुजराती
मंदसौर। जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना नई आबादी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कथित रूप से 100 ग्राम एमडी ड्रग और 4.7 किलोग्राम डोडाचूरा बरामद किया है। कार्रवाई के दौरान एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने मामले में एक अन्य व्यक्ति को फरार आरोपी के रूप में नामजद किया है, जिसकी तलाश की जा रही है।
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मंदसौर विनोद कुमार मीना के निर्देशन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वीर सिंह बघेल और नगर पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह भास्कर के मार्गदर्शन में थाना नई आबादी प्रभारी उप निरीक्षक कुलदीप सिंह राठौर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
मुखबिर से मिली थी मादक पदार्थों की सूचना
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 15 सितंबर 2026 को थाना नई आबादी पुलिस को एक विश्वसनीय मुखबिर से मादक पदार्थों के संबंध में सूचना मिली थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल टीम गठित कर बताए गए स्थान पर निगरानी शुरू की।
मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए और अन्य जानकारियों के आधार पर पुलिस ने दो संदिग्ध युवकों को रोका। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से एमडी ड्रग और डोडाचूरा मिलने का दावा किया गया है। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तथा मादक पदार्थों को विधिवत जब्त किया।
खानपुरा के दो युवक गिरफ्तार
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोईन पिता इरफान मेवाती, उम्र 21 वर्ष, निवासी खानपुरा, मंदसौर और शेरू पिता यूनुस खान, उम्र 21 वर्ष, निवासी नारायण नगर, खानपुरा, मंदसौर के रूप में की है।
पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों के कब्जे से कुल 100 ग्राम एमडी ड्रग एवं 4.7 किलोग्राम डोडाचूरा बरामद किया गया। कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों को थाना नई आबादी लाया गया, जहां उनसे मादक पदार्थों की खरीदी, बिक्री और परिवहन से जुड़े पहलुओं को लेकर पूछताछ की गई।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जब्त मादक पदार्थ कहां से लाए गए थे और इन्हें किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था। आरोपियों के संपर्कों और संभावित नेटवर्क के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन जब्त
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल क्रमांक MP14ZA1036 जब्त की है। पुलिस ने मोटरसाइकिल की अनुमानित कीमत करीब 70 हजार रुपये बताई है।
इसके अतिरिक्त वीवो और ओप्पो कंपनी के दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत करीब 20 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस मोबाइल फोन में उपलब्ध कॉल रिकॉर्ड, संदेश और अन्य तकनीकी जानकारी की जांच कर सकती है। इससे मादक पदार्थों के कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों के बारे में जानकारी सामने आने की संभावना है।
कार्रवाई में जब्त सामग्री में:
- 100 ग्राम एमडी ड्रग
- 4.7 किलोग्राम डोडाचूरा
- हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल क्रमांक MP14ZA1036
- वीवो एवं ओप्पो कंपनी के दो मोबाइल फोन
शामिल हैं।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
थाना नई आबादी पुलिस ने मामले में अपराध क्रमांक 159/26 दर्ज किया है। आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/15, 22 और 29 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई है।
पुलिस के अनुसार जब्त मादक पदार्थों के नमूने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच के लिए भेजे जाएंगे। प्रकरण से संबंधित दस्तावेजी और तकनीकी साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं। आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मजीद खान की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस ने मामले में मजीद खान पिता इफ्तीकार खान, निवासी काजी चौक, मंदसौर को फरार आरोपी बताया है। पुलिस टीम उसकी संभावित लोकेशन और संपर्कों के आधार पर तलाश कर रही है।
पुलिस का मानना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद मादक पदार्थों की आपूर्ति एवं वितरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। उसके संबंध में संबंधित थाना क्षेत्रों को भी सूचना दिए जाने की बात कही गई है।
नशे के कारोबार के खिलाफ अभियान जारी
मंदसौर पुलिस के अनुसार जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन और बिक्री के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखने के साथ मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि क्षेत्र में मादक पदार्थों की खरीदी-बिक्री अथवा संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। पुलिस का कहना है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। इस मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद होगी।
