एमपी कैबिनेट का बड़ा फैसला: 90 हजार करोड़ के विकास कार्यों को 2031 तक विस्तार, किसानों और शिक्षकों को राहत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में सिंचाई, शिक्षा, कृषि और न्याय क्षेत्र से जुड़े प्रस्ताव मंजूर
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने प्रदेश के किसानों, शिक्षकों और आम नागरिकों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में भोपाल में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में विकास और बुनियादी ढांचे से संबंधित लगभग 90 हजार करोड़ रुपये के कार्यों को वर्ष 2031 तक जारी रखने की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में सिंचाई, शिक्षा, कृषि और न्याय व्यवस्था से जुड़े प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई गई।
कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने बताया कि राज्य सरकार प्रदेश में चल रही महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को निर्धारित अवधि में पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से लगभग 90 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं और विकास कार्यों की अवधि वर्ष 2031 तक बढ़ाने का फैसला किया गया है। सरकार के इस निर्णय से प्रदेश में जारी विभिन्न परियोजनाओं को निरंतरता मिलेगी और अधूरे निर्माण एवं बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों को पूरा किया जा सकेगा।
13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सिंचाई परियोजनाएं मंजूर
कैबिनेट बैठक में किसानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण निर्णय सिंचाई परियोजनाओं को लेकर लिया गया। मंत्रिमंडल ने 13 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। कई क्षेत्रों में खेती आज भी मानसूनी बारिश पर आधारित है। बारिश कम होने अथवा समय पर नहीं होने के कारण किसानों को फसलों में नुकसान उठाना पड़ता है। नई सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से किसानों को नियमित रूप से पानी उपलब्ध कराने, कृषि उत्पादन बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने का प्रयास किया जाएगा।
सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से किसानों को एक से अधिक फसल लेने का अवसर भी मिल सकता है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि आधारित आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है। सरकार का मानना है कि जल संसाधनों के बेहतर उपयोग से खेती की लागत और जोखिम को कम करने में सहायता मिलेगी।
जनजातीय कार्य विभाग के शिक्षकों को नियमित वेतनमान
कैबिनेट ने जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों के हित में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मंत्रिमंडल ने संबंधित शिक्षकों को नियमित वेतनमान प्रदान करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस फैसले से लंबे समय से नियमित वेतनमान की प्रतीक्षा कर रहे पात्र शिक्षकों को लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।
शिक्षकों के वेतनमान से जुड़ा विषय लंबे समय से चर्चा में था। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद संबंधित विभाग द्वारा नियमों और पात्रता के अनुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। सरकार के इस निर्णय से जनजातीय क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों का मनोबल बढ़ने और शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
प्रदेश के दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में इन शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। नियमित वेतनमान मिलने से उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्राप्त होगी और सेवा से जुड़ी अनिश्चितताओं में कमी आने की संभावना है।
विकास परियोजनाओं को मिलेगी निरंतरता
लगभग 90 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्यों को वर्ष 2031 तक जारी रखने की अनुमति मिलने से विभिन्न विभागों की योजनाओं को आवश्यक समय और वित्तीय निरंतरता प्राप्त होगी। बड़ी परियोजनाओं के क्रियान्वयन में भूमि अधिग्रहण, तकनीकी स्वीकृति, निर्माण प्रक्रिया और अन्य प्रशासनिक कारणों से समय लग सकता है। अवधि बढ़ाए जाने से ऐसी परियोजनाओं को बीच में रुकने से बचाने में सहायता मिलेगी।
इन विकास कार्यों में प्रदेश की आधारभूत संरचना को मजबूत करने वाली योजनाएं शामिल हैं। परियोजनाओं के पूरा होने पर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार होने के साथ रोजगार के अवसर उत्पन्न होने की भी संभावना है। सरकार ने संबंधित विभागों को कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और निर्धारित समय में परियोजनाएं पूरी करने पर ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
शिक्षा, न्याय और कृषि क्षेत्र के प्रस्तावों पर भी मुहर
मंत्रिमंडल की बैठक में सिंचाई और शिक्षकों के वेतनमान के अतिरिक्त शिक्षा, न्याय और कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य प्रस्तावों को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इन फैसलों का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी बनाना और जनता तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाना बताया गया है।
सरकार का कहना है कि किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने, शिक्षकों के हितों की रक्षा करने और विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। कैबिनेट के ताजा निर्णयों को राज्य की विकास योजनाओं को दीर्घकालीन गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
