ओसियम एसईसीएल में वर्षों से कार्यरत करीब 100 ड्राइवरों की कथित छंटनी
करणी सेना ने सात दिन में बहाली और बकाया भुगतान नहीं होने पर दी चक्का जाम की चेतावनी
रिपोर्ट: संभागीय ब्यूरो चीफ सुनील रैदास, दैनिक स्वराज वाणी
शहडोल ओसियम एसईसीएल में वर्षों से कार्यरत करीब 100 ड्राइवरों को आरकेटीसी कंपनी द्वारा अचानक काम से हटाए जाने का मामला सामने आया है। प्रभावित कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी ने उन्हें बिना पूर्व सूचना, गलती अथवा स्पष्ट कारण बताए नौकरी से निकाल दिया। इस कार्रवाई के बाद कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
कर्मचारियों के अनुसार वे कई वर्षों से कंपनी में एचपीसी भुगतान के आधार पर कार्य कर रहे थे। आरोप है कि कंपनी ने उनके सामने नई शर्त रखते हुए ₹25 हजार मासिक वेतन पर काम करने को कहा। कर्मचारियों का दावा है कि उन्हें बताया गया कि यदि वे इस वेतन पर काम नहीं करना चाहते तो आरकेटीसी कंपनी में उनके लिए कोई स्थान नहीं है। विरोध दर्ज कराने पर कथित रूप से अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें कार्यस्थल से हटा दिया गया।
बकाया भुगतान नहीं मिलने का भी आरोप
प्रभावित कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कंपनी द्वारा कई श्रमिकों का चार, आठ और दस दिन तक का भुगतान भी रोक लिया गया है। इसके अतिरिक्त कर्मचारियों को केवल दो दिन का समय देकर कैंप खाली करने का निर्देश दिया गया। कर्मचारियों का कहना है कि अचानक रोजगार समाप्त होने से उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है।
करणी सेना ने जताया विरोध
श्री राजपूत करणी सेना के प्रदेश मंत्री देवी सिंह ने मामले का विरोध करते हुए प्रभावित कर्मचारियों को तत्काल दोबारा काम पर रखने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों को बिना कारण और पूर्व सूचना के हटाना अन्यायपूर्ण है।
देवी सिंह के अनुसार नौकरी से हटाए गए अधिकांश कर्मचारियों के परिवार उनकी आय पर निर्भर हैं। कई कर्मचारियों के बच्चों की पढ़ाई और परिवार के अन्य सदस्यों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर है। रोजगार समाप्त होने से इन परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है।
सात दिन में बहाली नहीं तो चक्का जाम की चेतावनी
करणी सेना ने आरकेटीसी कंपनी से सभी प्रभावित कर्मचारियों को पुनः काम पर रखने और उनका लंबित भुगतान तत्काल करने की मांग की है। देवी सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर कर्मचारियों को वापस काम पर नहीं रखा गया तो संगठन विशाल चक्का जाम आंदोलन करेगा। उन्होंने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर कर्मचारियों को न्याय दिलाने की मांग भी की है।
इस संबंध में आरकेटीसी कंपनी अथवा एसईसीएल प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर समाचार में प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी शेष है।
