गर्भवती महिला को रक्त की जरूरत पड़ी तो मदद के लिए पहुंचे आरक्षक गोविन्द बघेल
जिला चिकित्सालय में स्वेच्छा से किया एबी पॉजिटिव रक्तदान, इससे पहले भी दुर्घटना में घायल व्यक्ति के लिए दे चुके हैं रक्त
ब्यूरो रिपोर्ट: खलील मंसूरी, दैनिक स्वराज वाणी
अलीराजपुर। पुलिस अधीक्षक कार्यालय अलीराजपुर में पदस्थ आरक्षक गोविन्द बघेल ने जिला चिकित्सालय में भर्ती एक गर्भवती महिला को रक्तदान कर मानवीय सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। महिला को तत्काल एबी पॉजिटिव रक्त की आवश्यकता होने की सूचना मिलते ही आरक्षक बघेल बिना किसी विलंब के जिला चिकित्सालय पहुंचे और ब्लड बैंक में स्वेच्छा से रक्तदान किया।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार, 12 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय अलीराजपुर की रीडर शाखा में कार्यरत आरक्षक गोविन्द बघेल को मोबाइल फोन पर सूचना मिली थी कि जिला चिकित्सालय में भर्ती एक गर्भवती महिला को तत्काल एबी पॉजिटिव रक्त की आवश्यकता है। मामला गर्भवती महिला के उपचार से जुड़ा होने और रक्त की तत्काल जरूरत को देखते हुए उन्होंने सहायता करने का निर्णय लिया।
सूचना मिलते ही जिला चिकित्सालय पहुंचे
महिला को रक्त की आवश्यकता की जानकारी मिलने के बाद आरक्षक गोविन्द बघेल ने समय गंवाए बिना जिला चिकित्सालय अलीराजपुर की ब्लड बैंक इकाई का रुख किया। अस्पताल पहुंचने के बाद रक्तदान से पहले की आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी की गई। इसके पश्चात उन्होंने स्वेच्छा से एबी पॉजिटिव रक्तदान किया।
उनकी तत्परता के कारण जरूरत के समय महिला और उसके परिजनों को सहायता मिल सकी। आरक्षक द्वारा किए गए इस कार्य ने यह संदेश दिया कि आपात स्थिति में समय पर लिया गया मानवीय निर्णय किसी जरूरतमंद मरीज और उसके परिवार के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन सकता है।
पुलिस की वर्दी के साथ निभाया मानवता का दायित्व
पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी सामान्यतः कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों की रोकथाम और नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ी मानी जाती है। इसके साथ ही सामाजिक एवं मानवीय परिस्थितियों में जरूरतमंद लोगों की सहायता करना भी पुलिस सेवा की संवेदनशील छवि को सामने लाता है।
आरक्षक गोविन्द बघेल ने अपनी नियमित जिम्मेदारियों के बीच जिला चिकित्सालय पहुंचकर रक्तदान किया। उनके इस कार्य को पुलिस विभाग में निहित मानवीय संवेदना, सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारी के उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है। रक्तदान के माध्यम से उन्होंने जरूरतमंद मरीज की सहायता करने के साथ अन्य लोगों को भी इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित किया।
पहले भी घायल व्यक्ति के लिए कर चुके हैं रक्तदान
यह पहला अवसर नहीं है जब आरक्षक गोविन्द बघेल ने किसी जरूरतमंद के लिए रक्तदान किया है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार इससे पहले भी एक वाहन दुर्घटना में घायल व्यक्ति को रक्त की आवश्यकता पड़ने पर उन्होंने जिला चिकित्सालय पहुंचकर रक्तदान किया था।
जरूरत पड़ने पर लगातार रक्तदान के लिए आगे आने का उनका प्रयास सामाजिक सरोकारों के प्रति उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। किसी मरीज को रक्त की तत्काल आवश्यकता होने पर रक्तदाता की उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। ऐसे समय में स्वेच्छा से सहायता के लिए सामने आने वाले व्यक्ति मरीज के परिजनों की परेशानी कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अधिकारियों एवं कार्यालय स्टाफ ने की प्रशंसा
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अलीराजपुर ज्योति उमठ बघेल और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समस्त स्टाफ ने आरक्षक गोविन्द बघेल के मानवीय और सराहनीय कार्य की प्रशंसा की। कार्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनके सेवाभाव को अन्य पुलिसकर्मियों और नागरिकों के लिए प्रेरणादायक बताया।
विभागीय स्तर पर उनके कार्य की सराहना करते हुए कहा गया कि समाज के प्रति संवेदनशीलता और सेवा भावना पुलिस बल की वास्तविक शक्ति है। वर्दीधारी कर्मचारी द्वारा जरूरतमंद महिला के लिए रक्तदान करने का यह कार्य पुलिस और जनता के बीच विश्वास एवं सहयोग की भावना को भी मजबूत करता है।
रक्तदान के लिए आगे आने की अपील
अलीराजपुर पुलिस ने इस अवसर पर पुलिसकर्मियों सहित आम नागरिकों से भी आवश्यकता पड़ने पर रक्तदान कर मानवता की सेवा में सक्रिय योगदान देने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि स्वस्थ और पात्र व्यक्ति चिकित्सकीय परामर्श एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार स्वैच्छिक रक्तदान कर सकते हैं।
रक्तदान को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है, ताकि अस्पतालों में भर्ती मरीजों को आपात स्थिति में आवश्यक रक्त समय पर उपलब्ध कराया जा सके। गंभीर बीमारी, दुर्घटना, ऑपरेशन और प्रसव से संबंधित परिस्थितियों में मरीज को अलग-अलग रक्त समूह की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदाताओं की उपलब्धता मरीजों और उनके परिवारों के लिए महत्वपूर्ण होती है।
जरूरत के समय रक्तदान बन सकता है बड़ा सहारा
अस्पतालों में कई बार ऐसी परिस्थितियां सामने आती हैं, जब मरीज के परिजन रक्तदाता की तलाश में परेशान रहते हैं। विशेष रक्त समूह की आवश्यकता होने पर यह परेशानी और बढ़ सकती है। ऐसे समय में रक्तदाता का तत्काल आगे आना मरीज के उपचार में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करता है।
आरक्षक गोविन्द बघेल द्वारा गर्भवती महिला के लिए किया गया एबी पॉजिटिव रक्तदान इसी मानवीय सहयोग का उदाहरण है। उनके इस प्रयास ने यह संदेश दिया कि समाज का प्रत्येक पात्र व्यक्ति जरूरत के समय रक्तदान कर किसी परिवार को सहायता प्रदान कर सकता है।
अलीराजपुर पुलिस ने “रक्तदान जीवनदान है” का संदेश देते हुए नागरिकों से मानवता की सेवा के लिए आगे आने की अपील की। विभाग ने कहा कि समाज के प्रति संवेदनशीलता, सहयोग और सेवा भावना से ही जरूरतमंदों को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है। आरक्षक गोविन्द बघेल का यह कार्य पुलिस सेवा के साथ सामाजिक दायित्व निभाने का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया है।
