501 साधर्मी बंधु करेंगे प्रमुख जैन तीर्थ क्षेत्रों की वंदना, तैयारियां अंतिम चरण में
मुरैना (मनोज जैन नायक)। विगत वर्षों की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्री शांतिनाथ सेवा संघ, दिल्ली द्वारा इस वर्ष भी 501 साधर्मी बंधुओं को देश के प्रमुख जैन तीर्थ क्षेत्रों की वंदना कराने के उद्देश्य से पावन जैन तीर्थ यात्रा-2026 का आयोजन किया जा रहा है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह धार्मिक यात्रा 24 दिसंबर 2026 को दिल्ली एवं ग्वालियर से ट्रेनों के माध्यम से रवाना होगी। यात्रा को लेकर संघ की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं।
यात्रियों की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं
श्री शांतिनाथ सेवा संघ द्वारा तीर्थ यात्रियों की सुविधा और यात्रा को सुगम, व्यवस्थित एवं आनंदमय बनाने के लिए लगभग सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे दिया गया है। रेलवे टिकट की व्यवस्था को छोड़कर अन्य तैयारियां पूरी होने की जानकारी दी गई है। रेलवे टिकट की प्रक्रिया भी जल्द पूरी होने की संभावना है।
यात्रा संयोजक दीपक जैन एवं विशाल जैन तथा कोषाध्यक्ष अजय जैन (अजिया) ने बताया कि यात्रा में शामिल होने वाले सभी साधर्मी बंधुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। यात्रियों के लिए शुद्ध एवं सात्त्विक भोजन, उत्तम आवास और तीर्थ क्षेत्रों तक आवागमन के लिए बसों सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

इन प्रमुख जैन तीर्थों के होंगे दर्शन
24 दिसंबर से प्रारंभ होने वाली इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को देश के कई प्रसिद्ध जैन तीर्थ क्षेत्रों की वंदना एवं दर्शन का अवसर मिलेगा। यात्रा में उज्जैन, महावीर तपोभूमि, मक्सी पार्श्वनाथ, पुष्पगिरि, सिद्धवरकूट, पापौरा जी, बावनगजा, गोम्मटगिरि और इंदौर सहित अनेक प्रमुख तीर्थ शामिल हैं।
यात्रा के दौरान साधर्मी बंधु विभिन्न जिनालयों में दर्शन, पूजन, वंदन और धार्मिक आयोजनों में शामिल होकर आध्यात्मिक लाभ अर्जित करेंगे। सामूहिक रूप से तीर्थ वंदना करने का यह अवसर श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष माना जा रहा है।
यात्रा को लेकर साधर्मियों में उत्साह
यात्रा की अधिकांश व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद धर्मप्रेमी साधर्मी बंधुओं में उत्साह और उमंग का वातावरण है। श्रद्धालुओं को उस मंगल अवसर का इंतजार है, जब ‘जय जिनेंद्र’ के मंगल उद्घोष के साथ 501 साधर्मी बंधु तीर्थभूमि की ओर प्रस्थान करेंगे।
संघ का कहना है कि इस यात्रा का उद्देश्य केवल प्रमुख जैन तीर्थों के दर्शन कराना नहीं, बल्कि साधर्मी बंधुओं को सामूहिक धार्मिक वातावरण में आध्यात्मिक चिंतन, भक्ति और आत्मिक शांति का अवसर प्रदान करना भी है।

संयम और सहयोग के साथ यात्रा में शामिल होने की अपील
श्री शांतिनाथ सेवा संघ, दिल्ली के पदाधिकारियों ने यात्रा में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं से संयम, धैर्य, सामाजिकता और सहयोग की भावना के साथ यात्रा में सहभागिता करने की अपील की है। संघ ने सभी साधर्मी बंधुओं से धार्मिक अनुशासन का पालन करते हुए यात्रा को सफल एवं मंगलमय बनाने का आह्वान किया।
श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन न्यास के संस्थापक अध्यक्ष गोकुल चंद जैन, अध्यक्ष हरीश चंद जैन, कार्याध्यक्ष उमेश जैन, उपाध्यक्ष प्रदीप जैन, महामंत्री दिनेश जैन टीटू, मंत्री राजकुमार जैन, कोषाध्यक्ष अजय जैन सहित सभी सदस्यों ने यात्रा के सफल और निर्विघ्न संपन्न होने की मंगलकामना की है।
24 दिसंबर को शुरू होने वाली यह तीर्थ यात्रा 501 साधर्मी बंधुओं के लिए धर्म, भक्ति और आध्यात्मिक अनुभूति से जुड़ा विशेष अवसर बनेगी
