Indore Special Train: रेलवे की लेटलतीफी से बेकार हुई विस्तार की अनुमति, 27 दिन बाद मंजूरी मिली तब तक बंद हो चुकी थी ट्रेन
दैनिक स्वराज वाणी, इंदौर। यात्रियों की सुविधा के लिए चलाई जाने वाली स्पेशल ट्रेनों के संचालन में रेलवे की प्रशासनिक प्रक्रिया ही परेशानी का कारण बन गई। लक्ष्मीबाई नगर-श्रीगंगानगर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन के फेरे बढ़ाने का प्रस्ताव समय पर भेजे जाने के बावजूद पश्चिम रेलवे से इसकी अनुमति मिलने में 27 दिन लग गए। जब तक मंजूरी जारी हुई, तब तक दोनों दिशाओं में ट्रेन के पहले से निर्धारित फेरे पूरे हो चुके थे और उसका संचालन बंद कर दिया गया था।
इस देरी के कारण यात्रा की योजना बनाने वाले लोगों को ट्रेन के विस्तार का समय पर लाभ नहीं मिल सका। रेलवे की अनुमति मिलने और दोबारा ट्रेन चलाने की प्रक्रिया पूरी होने तक सेवा में अंतर आ गया। मामले ने अलग-अलग रेलवे जोन के बीच प्रस्ताव भेजने और उसे मंजूर करने की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
27 और 28 अगस्त को बंद हो गया था संचालन
लक्ष्मीबाई नगर और श्रीगंगानगर के बीच यह साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन इंदौर क्षेत्र के यात्रियों को राजस्थान के कई शहरों से जोड़ती है। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार श्रीगंगानगर से चलने वाली ट्रेन का अंतिम फेरा 27 अगस्त को पूरा हुआ था। वहीं लक्ष्मीबाई नगर से इसका अंतिम संचालन 28 अगस्त को किया गया।
इन तारीखों के बाद ट्रेन के आगे के फेरे घोषित नहीं होने के कारण इसका संचालन बंद हो गया। यात्री लगातार इसके विस्तार की घोषणा का इंतजार करते रहे, लेकिन संबंधित रेलवे जोन से समय पर अनुमति नहीं मिल सकी।
स्पेशल ट्रेन का संचालन बंद होने के बाद इस मार्ग पर यात्रा करने वाले लोगों को दूसरी ट्रेनों, वैकल्पिक मार्गों अथवा बस सेवाओं पर निर्भर होना पड़ा। त्योहारों और छुट्टियों के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या के बीच ट्रेन का बंद होना अधिक परेशानी का कारण बना।
दोनों दिशाओं में 13-13 फेरे बढ़ाने का था प्रस्ताव
जानकारी के अनुसार, उत्तर पश्चिम रेलवे ने लक्ष्मीबाई नगर-श्रीगंगानगर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन के दोनों दिशाओं में 13-13 अतिरिक्त फेरे संचालित करने का प्रस्ताव तैयार किया था। चूंकि ट्रेन का कुछ हिस्सा पश्चिम रेलवे के अधिकार क्षेत्र से होकर गुजरता है, इसलिए प्रस्ताव को मंजूरी के लिए पश्चिम रेलवे के पास भेजा गया।
स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ाने के लिए संबंधित रेलवे जोन के बीच समय, मार्ग, प्लेटफॉर्म, रैक और परिचालन व्यवस्था को लेकर सहमति आवश्यक होती है। इसके बाद ही विस्तारित फेरों की आधिकारिक घोषणा और टिकटों की बुकिंग शुरू की जा सकती है।
इस मामले में प्रस्ताव भेजे जाने के बाद अनुमति जारी होने में 27 दिन लग गए। इस दौरान पुराने कार्यक्रम के सभी फेरे पूरे हो गए और ट्रेन का संचालन रुक गया। यदि स्वीकृति निर्धारित सेवा समाप्त होने से पहले मिल जाती, तो ट्रेन बिना किसी अंतराल के आगे भी चलाई जा सकती थी।
अनुमति के इंतजार में नहीं खुल सकी बुकिंग
किसी स्पेशल ट्रेन के फेरे बढ़ाने की घोषणा के बाद रेलवे आरक्षण प्रणाली में नई तारीखें उपलब्ध कराता है। अनुमति लंबित रहने के कारण लक्ष्मीबाई नगर-श्रीगंगानगर स्पेशल ट्रेन के प्रस्तावित अतिरिक्त फेरों की बुकिंग समय पर शुरू नहीं हो सकी।
इससे यात्रियों को यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि ट्रेन आगे चलेगी या पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। यात्रा की तारीख नजदीक आने के कारण कई लोगों को दूसरी ट्रेनों में टिकट बुक करना पड़ा होगा। रेलवे से औपचारिक घोषणा नहीं आने तक यात्री संभावित विस्तार के आधार पर अपनी यात्रा तय नहीं कर सकते।
स्पेशल ट्रेनों के मामले में यह समस्या अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि इनका संचालन सीमित समय और निर्धारित फेरों के लिए किया जाता है। यदि विस्तार की स्वीकृति अंतिम फेरा पूरा होने के बाद मिलती है तो रैक की दोबारा व्यवस्था करने और आरक्षण खोलने में अतिरिक्त समय लग सकता है।
सात स्पेशल ट्रेनों का भेजा गया था प्रस्ताव
रिपोर्ट के अनुसार उत्तर पश्चिम रेलवे ने लक्ष्मीबाई नगर-श्रीगंगानगर सहित कुल सात स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ाने का प्रस्ताव पश्चिम रेलवे को भेजा था। इन सेवाओं का विस्तार यात्रियों की मांग और संबंधित मार्गों पर बढ़ते यातायात को ध्यान में रखकर प्रस्तावित किया गया था।
अलग-अलग रेलवे जोन से होकर गुजरने वाली ट्रेनों के संचालन के लिए सभी संबंधित जोन की मंजूरी आवश्यक होती है। किसी एक स्तर पर अनुमति लंबित रहने से पूरी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इस प्रकरण में 27 दिन की देरी होने से यात्रियों को प्रस्तावित अतिरिक्त सेवा का समय पर लाभ नहीं मिल पाया।
रेलवे प्रशासन की ओर से अनुमति में देरी का विस्तृत कारण सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं किया गया है। यह भी देखना होगा कि ट्रेन का संचालन दोबारा किस तारीख से शुरू होता है और यात्रियों के लिए आरक्षण कब उपलब्ध कराया जाता है।
राजस्थान जाने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण ट्रेन
लक्ष्मीबाई नगर-श्रीगंगानगर स्पेशल ट्रेन इंदौर और आसपास के यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण रेल सेवा मानी जाती है। यह ट्रेन मध्य प्रदेश को राजस्थान के कई क्षेत्रों से जोड़ती है। नौकरी, व्यवसाय, शिक्षा और पारिवारिक कारणों से बड़ी संख्या में लोग दोनों राज्यों के बीच यात्रा करते हैं।
ट्रेन नंबर 04736 लक्ष्मीबाई नगर से श्रीगंगानगर की ओर और 04735 श्रीगंगानगर से लक्ष्मीबाई नगर की ओर संचालित होती रही है। साप्ताहिक सेवा होने के कारण इसकी सीटों की मांग भी बनी रहती है। इस ट्रेन के बंद होने से यात्रियों को अन्य नियमित सेवाओं में अधिक प्रतीक्षा सूची का सामना करना पड़ सकता है।
समय पर मंजूरी मिलती तो नहीं आता संचालन में अंतराल
रेलवे मामलों के जानकारों के अनुसार, किसी स्पेशल ट्रेन के फेरे बढ़ाने का प्रस्ताव मौजूदा संचालन समाप्त होने से पर्याप्त समय पहले मंजूर हो जाना चाहिए। इससे रेलवे आरक्षण प्रणाली में नई तारीखें जोड़ सकता है और यात्रियों को अग्रिम बुकिंग का अवसर मिलता है।
इस मामले में प्रस्ताव को 27 दिन बाद अनुमति मिलने से ट्रेन का संचालन पहले ही समाप्त हो चुका था। परिणामस्वरूप ट्रेन का निरंतर संचालन बनाए रखने का उद्देश्य पूरा नहीं हो सका। यह स्थिति रेलवे के अलग-अलग जोन के बीच बेहतर और तेज समन्वय की आवश्यकता को सामने लाती है।
यात्रा से पहले आधिकारिक स्थिति जांचें यात्री
रेलवे से अनुमति मिलने के बाद ट्रेन के अतिरिक्त फेरों की तारीखें और बुकिंग से संबंधित जानकारी अलग से जारी की जा सकती है। यात्रियों को सलाह है कि वे यात्रा की योजना बनाने से पहले ट्रेन नंबर, संचालन की तारीख और सीटों की उपलब्धता की आधिकारिक पुष्टि करें।
जानकारी के लिए यात्री भारतीय रेलवे की NTES सेवा, IRCTC वेबसाइट, रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 या नजदीकी आरक्षण केंद्र का उपयोग कर सकते हैं। सोशल मीडिया पर प्रसारित तारीखों के आधार पर टिकट या यात्रा की योजना बनाने के बजाय रेलवे की आधिकारिक सूचना को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
