मनावर सिविल अस्पताल के लिए पृथक 33 केवी विद्युत लाइन की मांग, बिजली कटौती से जांच और उपचार प्रभावित
ग्रामीण डीपी से हो रही अस्पताल में बिजली आपूर्ति, मशीनें बंद होने से मरीज और स्वास्थ्य कर्मचारी परेशान; विद्युत कंपनी से शीघ्र कार्रवाई की अपील
दैनिक स्वराज वाणी | मनावर। नवीन सिविल अस्पताल मनावर में बार-बार होने वाली बिजली कटौती और कम वोल्टेज के कारण चिकित्सा सेवाएं प्रभावित होने का मामला सामने आया है। अस्पताल की विद्युत आपूर्ति फिलहाल ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित विद्युत डीपी और लाइन से की जा रही है। इस व्यवस्था के कारण बिजली आपूर्ति में बार-बार व्यवधान आने से मरीजों, चिकित्सकों और अस्पताल कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
समस्या के समाधान के लिए मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के मुख्य अभियंता के नाम आवेदन देकर नवीन सिविल अस्पताल को पृथक 33 केवी विद्युत लाइन से जोड़ने की मांग की गई है। आवेदन में कहा गया है कि अस्पताल जैसी आवश्यक सेवा से जुड़ी संस्था में चौबीसों घंटे पर्याप्त और निर्बाध बिजली उपलब्ध रहना जरूरी है।
ग्रामीण डीपी से जुड़ा है अस्पताल का कनेक्शन
आवेदन में बताया गया कि नवीन सिविल अस्पताल की वर्तमान विद्युत आपूर्ति ग्रामीण क्षेत्र की डीपी से ली गई है। इस फीडर पर कटौती या तकनीकी खराबी आने पर अस्पताल की बिजली भी बंद हो जाती है। इसके अतिरिक्त कम वोल्टेज की समस्या से विभिन्न विद्युत उपकरणों को संचालित करने में कठिनाई आती है।
अस्पताल में प्रतिदिन मनावर नगर के अलावा आसपास के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज उपचार एवं जांच के लिए पहुंचते हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने पर मरीजों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। इससे अस्पताल की नियमित व्यवस्थाओं के साथ आपातकालीन सेवाओं पर भी असर पड़ने की आशंका बनी रहती है।
जांच मशीनें बंद होने से मरीज परेशान
नवीन सिविल अस्पताल में मरीजों की जांच के लिए विभिन्न मशीनों, प्रयोगशाला उपकरणों, कम्प्यूटर और अन्य विद्युत संचालित संसाधनों का उपयोग किया जाता है। बिजली बंद होने पर जांच मशीनें अचानक रुक जाती हैं, जिससे मरीजों की जांच समय पर पूरी नहीं हो पाती।
कई बार दूरदराज के गांवों से आए मरीजों को बिजली आने तक अस्पताल में प्रतीक्षा करनी पड़ती है। जांच नहीं होने की स्थिति में उन्हें निजी केंद्रों या दूसरे शहरों में जाना पड़ सकता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को यात्रा तथा निजी जांच के रूप में अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है।
गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए शासकीय अस्पताल उपचार का प्रमुख माध्यम होता है। ऐसे में बिजली के अभाव में सेवाएं प्रभावित होना उनके लिए गंभीर समस्या बन सकता है।
आपातकालीन और प्रसूति सेवाओं के लिए जरूरी निर्बाध बिजली
अस्पताल में केवल सामान्य जांच और ओपीडी ही नहीं, बल्कि आपातकालीन एवं प्रसूति सेवाओं के संचालन के लिए भी निरंतर बिजली की आवश्यकता होती है। रात्रिकालीन उपचार, पैथोलॉजी प्रयोगशाला, दवाइयों का सुरक्षित भंडारण, मरीजों की निगरानी और आवश्यक चिकित्सा उपकरणों का संचालन बिजली पर निर्भर रहता है।
विद्युत आपूर्ति अचानक बंद होने से मरीजों की सुरक्षा और उपचार व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके साथ ही वोल्टेज में लगातार उतार-चढ़ाव होने से महंगी जांच मशीनों और अन्य चिकित्सा उपकरणों में तकनीकी खराबी आने की आशंका भी रहती है। उपकरण खराब होने पर अस्पताल की सेवाएं लंबे समय तक प्रभावित हो सकती हैं।
ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्र के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र
मनावर सिविल अस्पताल नगर के साथ आसपास के अनेक ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण शासकीय स्वास्थ्य केंद्र है। बड़ी संख्या में लोग प्राथमिक उपचार, जांच, प्रसव और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इसी अस्पताल पर निर्भर हैं।
नवीन अस्पताल भवन शुरू होने के बाद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने की उम्मीद थी। हालांकि, विद्युत आपूर्ति की समस्या के कारण उपलब्ध मशीनों और सुविधाओं का पूरा लाभ मरीजों तक नहीं पहुंच पा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अस्पताल की आवश्यकताओं को देखते हुए इसे सामान्य ग्रामीण बिजली व्यवस्था पर निर्भर रखने के बजाय अलग और पर्याप्त क्षमता वाली लाइन उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
तकनीकी सर्वे कर कार्ययोजना बनाने की मांग
विद्युत वितरण कंपनी से नवीन सिविल अस्पताल के लिए पृथक 33 केवी लाइन उपलब्ध कराने हेतु तत्काल तकनीकी सर्वे कराने की मांग की गई है। विभागीय अधिकारियों और तकनीकी दल द्वारा अस्पताल के विद्युत भार, उपलब्ध उपकरणों, भविष्य की आवश्यकताओं और प्रस्तावित लाइन के मार्ग का आकलन किया जाए।
सर्वे के आधार पर प्राक्कलन तैयार कर आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृति शीघ्र जारी करने का अनुरोध किया गया है। इसके बाद लाइन, ट्रांसफॉर्मर, केबल तथा आवश्यक विद्युत सुरक्षा उपकरण लगाने की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पूरी की जाए।
स्थायी समाधान होने तक अंतरिम व्यवस्था की जरूरत
पृथक 33 केवी लाइन स्थापित करने में विभागीय प्रक्रियाओं और निर्माण कार्य के कारण समय लग सकता है। इसलिए स्थायी व्यवस्था पूरी होने तक अस्पताल को प्राथमिकता के आधार पर बिजली उपलब्ध कराने की अंतरिम व्यवस्था करने की भी मांग उठाई गई है।
वर्तमान लाइन पर होने वाली कटौती को कम करने, कम वोल्टेज की समस्या दूर करने और तकनीकी खराबी आने पर तत्काल सुधार दल भेजने की व्यवस्था की जा सकती है। इससे स्थायी विद्युत लाइन शुरू होने तक अस्पताल की आवश्यक सेवाओं को सुचारु रखने में सहायता मिलेगी।
जनहित में शीघ्र निर्णय लेने की अपील
आवेदन में कहा गया है कि यह मामला मरीजों की सुविधा, स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता और चिकित्सा उपकरणों की सुरक्षा से सीधे जुड़ा हुआ है। इसलिए विद्युत वितरण कंपनी और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को इसे प्राथमिकता के आधार पर लेकर समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए।
पृथक 33 केवी विद्युत लाइन शुरू होने से अस्पताल को पर्याप्त और स्थिर बिजली मिल सकेगी। इससे जांच मशीनें नियमित रूप से संचालित होंगी तथा मरीजों को बिजली कटौती के कारण जांच और उपचार के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
स्थानीय नागरिकों ने मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड से आवश्यक विभागीय प्रक्रियाएं शीघ्र पूरी कर नवीन सिविल अस्पताल मनावर के लिए 33 केवी लाइन का काम प्रारंभ कराने की मांग की है।
