सोहनगढ़ में ‘माटी के गणेश’ अभियान के तहत सेक्टर स्तरीय प्रशिक्षण संपन्न
सोहनगढ़। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाने के उद्देश्य से संचालित ‘माटी के गणेश’ अभियान के तहत तहसील पिपलोदा के ग्राम सोहनगढ़ में सेक्टर स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद के अंतर्गत नवांकुर संस्था ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति शेरपुर एवं टॉप शिक्षण संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
पर्यावरण-अनुकूल गणेश उत्सव का संदेश
प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्राकृतिक मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं के उपयोग के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम में बताया गया कि मिट्टी की प्रतिमाओं का विसर्जन अपेक्षाकृत पर्यावरण-अनुकूल होता है और इससे जल स्रोतों में प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सकती है। आयोजन के माध्यम से गणेश उत्सव को आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का संदेश दिया गया।
मिट्टी से प्रतिमा बनाने का दिया प्रशिक्षण
कार्यक्रम में विकासखंड समन्वयक रतन चरपोटा ने प्राकृतिक मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन से होने वाले पर्यावरणीय लाभों की जानकारी दी। उन्होंने जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी निभाने पर जोर दिया।
मास्टर ट्रेनर विक्रम शर्मा ने प्रतिभागियों को प्राकृतिक मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिमा निर्माण की प्रक्रिया को सरल तरीके से समझाया गया, ताकि ग्रामीण स्तर पर अधिक से अधिक लोग स्वयं मिट्टी की प्रतिमाएं तैयार कर सकें।
पर्यावरण संरक्षण की दिलाई शपथ
कार्यक्रम के दौरान राकेश पाटीदार ने उपस्थित प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए दैनिक जीवन में छोटे-छोटे बदलाव अपनाने और धार्मिक आयोजनों को भी पर्यावरण हितैषी बनाने का आह्वान किया।
बड़ी संख्या में पदाधिकारी और नवांकुर सखियां रहीं मौजूद
कार्यक्रम का संचालन कन्हैयालाल पाटीदार ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन कांतिलाल पाटीदार ने किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के पदाधिकारी, नवांकुर सखियां एवं अन्य ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
‘माटी के गणेश’ अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक मिट्टी की प्रतिमाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और स्वच्छ धार्मिक आयोजनों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सोहनगढ़ में आयोजित प्रशिक्षण को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
संवाददाता: अर्जुन कुमावत बछोड़िया
