इंदौर में NGT के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई: कान्ह नदी किनारे बने 7 मकान और 45 कारखाने हटाए
तोड़ा क्षेत्र में बुलडोजर लेकर पहुंची नगर निगम की टीम, कार्रवाई के विरोध में हंगामा; पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया
इंदौर। शहर में कान्ह नदी को अतिक्रमण मुक्त बनाने और मास्टर प्लान के तहत प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण के लिए नगर निगम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की। निगम की टीम ने तोड़ा क्षेत्र में नदी किनारे बने कथित अवैध निर्माणों को हटाया। कार्रवाई के दौरान सात मकानों और 45 कारखानों सहित 50 से अधिक निर्माणों पर बुलडोजर चलाया गया। मौके पर विरोध और हंगामे की स्थिति बनने के बाद पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया।
नगर निगम के अनुसार, यह कार्रवाई राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशों का पालन करने और कान्ह नदी के किनारे सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के उद्देश्य से की गई। इस क्षेत्र में मास्टर प्लान के अंतर्गत सड़क का निर्माण एवं चौड़ीकरण भी प्रस्तावित है। सड़क की निर्धारित सीमा में आने वाले निर्माणों को हटाने के लिए संबंधित लोगों को पहले नोटिस दिए गए थे।
भारी अमले के साथ पहुंची नगर निगम की टीम
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए नगर निगम का बड़ा अमला सुबह तोड़ा क्षेत्र में पहुंचा। संभावित विरोध को देखते हुए मौके पर पर्याप्त संख्या में पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया था। निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने चिह्नित निर्माणों को खाली कराने के बाद उन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू की।
कार्रवाई के दौरान मशीनों की सहायता से मकानों, दुकानों, शेड और कारखानों के कथित अवैध हिस्सों को तोड़ा गया। अधिकारियों का कहना है कि नदी के आसपास अतिक्रमण के कारण पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों और प्रस्तावित सड़क निर्माण में बाधा उत्पन्न हो रही थी।
विरोध के दौरान एडिशनल डीसीपी से धक्का-मुक्की
नगर निगम की कार्रवाई शुरू होते ही कई स्थानीय रहवासी और कारोबारी विरोध करने लगे। कुछ लोगों ने कार्रवाई रोकने की मांग करते हुए निगम और पुलिस अधिकारियों के सामने नाराजगी जताई। इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे एडिशनल डीसीपी और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की हुई।
धक्का लगने से एडिशनल डीसीपी का संतुलन बिगड़ गया और वह जमीन पर गिर गए। इसके बाद पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और हंगामा करने वाले कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटनाक्रम की जांच के बाद संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दो महीने पहले जारी किए गए थे नोटिस
नगर निगम का कहना है कि संबंधित मकानों, दुकानों और कारखानों के संचालकों को करीब दो महीने पहले नोटिस जारी किए गए थे। उन्हें निर्धारित अवधि के भीतर सड़क और नदी क्षेत्र में आने वाले कथित अतिक्रमण को स्वयं हटाने का समय दिया गया था।
अधिकारियों के मुताबिक, समयसीमा समाप्त होने के बावजूद अधिकांश निर्माण नहीं हटाए गए। इसके बाद संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई गई और बुधवार को पुलिस एवं प्रशासन की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाया गया। पूरी कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
दुकानदारों ने रोजगार छिनने की जताई चिंता
कार्रवाई का विरोध कर रहे दुकानदारों और स्थानीय लोगों का कहना था कि वे लंबे समय से इस क्षेत्र में व्यापार कर रहे हैं। दुकानों और कारखानों को हटाए जाने के कारण उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। प्रभावित लोगों ने आरोप लगाया कि नगर निगम द्वारा उन्हें वैकल्पिक स्थान उपलब्ध नहीं कराया गया और न ही मुआवजे को लेकर स्थिति स्पष्ट की गई।
दुकानदारों ने प्रशासन से मानवीय आधार पर उनकी समस्याओं पर विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्माण को हटाने से पहले वहां कारोबार कर रहे परिवारों के पुनर्वास तथा वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था की जानी चाहिए।
दूसरी ओर, निगम अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के अंतर्गत और पूर्व सूचना देने के बाद की गई है। जिन निर्माणों को हटाया गया, वे नदी क्षेत्र अथवा प्रस्तावित सड़क की सीमा में बाधा बन रहे थे।
कान्ह नदी को अतिक्रमण मुक्त करने की कवायद
कान्ह नदी के संरक्षण और उसके आसपास के क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए प्रशासन एवं नगर निगम समय-समय पर अभियान चलाते रहे हैं। एनजीटी के निर्देशों के तहत नदी में प्रदूषण रोकने, जल प्रवाह को बेहतर बनाने और किनारों पर हुए अतिक्रमण हटाने की दिशा में विभिन्न विभागों को कार्रवाई करनी है।
अधिकारियों के अनुसार, नदी किनारे अनियोजित एवं अवैध निर्माण होने से न केवल जल प्रवाह प्रभावित होता है, बल्कि बारिश के दौरान जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियों का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए चिह्नित क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए नदी के प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहा है।
मास्टर प्लान के तहत होगा सड़क चौड़ीकरण
तोड़ा क्षेत्र में अतिक्रमण हटाए जाने के बाद मास्टर प्लान के अनुरूप सड़क निर्माण और चौड़ीकरण का काम किया जाना प्रस्तावित है। प्रशासन का मानना है कि सड़क बनने से क्षेत्र की यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और आसपास के इलाकों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।
नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन, नदी क्षेत्र और प्रस्तावित विकास कार्यों की सीमा में किए गए अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान जारी रहेगा। वहीं, स्थानीय लोगों ने पुनर्वास, मुआवजे और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग करते हुए प्रशासन से संवाद स्थापित करने की अपील की है।
