इंदौर आबकारी विभाग की बड़ी कार्रवाई: बंद मकान से 234 बल्क लीटर अवैध शराब बरामद
मसाला शराब की 11 और प्लेन शराब की 15 पेटियां जब्त, बरामद माल की कीमत करीब 1.17 लाख रुपये
इंदौर। जिले में अवैध शराब के निर्माण, विक्रय, परिवहन और भंडारण के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत इंदौर आबकारी विभाग ने महू क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। विभागीय टीम ने मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर सुपर सिटी कॉलोनी स्थित एक बंद मकान की तलाशी लेकर कुल 26 पेटी शराब जब्त की। बरामद शराब की मात्रा करीब 234 बल्क लीटर है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग एक लाख 17 हजार रुपये बताई गई है।
आबकारी विभाग की यह कार्रवाई 9 सितंबर 2026 की सुबह महू गांव की सुपर सिटी कॉलोनी, शांति नगर क्षेत्र में की गई। विभाग को सूचना मिली थी कि यहां स्थित मकान नंबर 28-डी में बड़ी मात्रा में शराब का अवैध रूप से भंडारण किया गया है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए अधिकारियों ने टीम गठित कर मौके पर भेजी।
बंद मकान में रखी मिलीं शराब की पेटियां
आबकारी विभाग की टीम जब बताए गए पते पर पहुंची तो संबंधित मकान बंद मिला। विभागीय अधिकारियों ने नियमानुसार मकान की तलाशी की कार्रवाई की। तलाशी के दौरान अलग-अलग स्थानों पर रखी मसाला और प्लेन शराब की पेटियां बरामद हुईं।
टीम ने मौके से मसाला शराब की 11 पेटियां और प्लेन शराब की 15 पेटियां जब्त कीं। इस प्रकार कुल 26 पेटियों में लगभग 234 बल्क लीटर शराब मिली। अधिकारियों ने बरामद शराब की जांच करने के बाद उसे विधिवत जब्त कर लिया। जब्त की गई शराब की अनुमानित बाजार कीमत करीब 1.17 लाख रुपये आंकी गई है।
मुखबिर की सूचना पर तत्काल कार्रवाई
आबकारी अधिकारियों को 9 सितंबर की सुबह बंद मकान में अवैध शराब रखे होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद उसकी प्रारंभिक जांच की गई और फिर विभागीय टीम को कार्रवाई के लिए भेजा गया।
इस कार्रवाई में सहायक जिला आबकारी अधिकारी पवन टीकेकर एवं निधि शर्मा, आबकारी उपनिरीक्षक जयेश वास्केल और उनकी टीम शामिल रही। अधिकारियों ने मौके पर उपलब्ध सामग्री का निरीक्षण करने के साथ ही शराब की मात्रा का आकलन किया और आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की।
आबकारी विभाग अब यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि बंद मकान में इतनी बड़ी मात्रा में शराब किस व्यक्ति ने रखी थी। इसके साथ ही शराब कहां से लाई गई, किसके माध्यम से मकान तक पहुंची और इसे किन क्षेत्रों में बेचने की तैयारी थी, इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में चल रहा अभियान
आबकारी आयुक्त मध्यप्रदेश द्वारा दिए गए निर्देशों के परिपालन में इंदौर जिले में अवैध मदिरा के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर शिवम वर्मा के आदेश और सहायक आयुक्त आबकारी अभिषेक तिवारी के निर्देशन में विभाग की अलग-अलग टीमें अवैध शराब से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रख रही हैं।
अभियान का संचालन कंट्रोलर कमलेश सोलंकी, डिप्टी कंट्रोलर मनोज अग्रवाल और सहायक जिला आबकारी अधिकारी पवन टीकेकर के नेतृत्व में किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों को अवैध शराब के संभावित निर्माण स्थलों, संग्रहण केंद्रों और परिवहन मार्गों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
शराब के अवैध भंडारण से जुड़े लोगों की तलाश
मकान बंद मिलने के कारण कार्रवाई के दौरान किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है। आबकारी विभाग संबंधित मकान के स्वामित्व, वहां रहने वाले लोगों और शराब के अवैध भंडारण में उनकी संभावित भूमिका की जांच कर रहा है।
अधिकारियों द्वारा आसपास के लोगों से जानकारी जुटाने के साथ ही शराब की आपूर्ति से जुड़े संभावित नेटवर्क का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जांच में जिस व्यक्ति की संलिप्तता सामने आएगी, उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जब्त शराब के बैच नंबर, लेबल और अन्य विवरणों की भी जांच की जा सकती है। इससे इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि शराब किसी अधिकृत दुकान या गोदाम से निकाली गई थी अथवा इसके अवैध परिवहन और बिक्री के पीछे कोई अन्य नेटवर्क सक्रिय है।
अवैध शराब के विरुद्ध लगातार हो रही कार्रवाई
जिला आबकारी विभाग द्वारा इंदौर शहर के साथ ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में भी अवैध शराब की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। विभाग की टीमें संदिग्ध स्थानों पर दबिश देकर अवैध रूप से रखी शराब जब्त कर रही हैं।
अवैध शराब का कारोबार शासन के राजस्व को नुकसान पहुंचाने के साथ आम लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है। अनधिकृत स्थानों से बिकने वाली शराब की गुणवत्ता और स्रोत की पुष्टि नहीं होती। इसलिए विभाग द्वारा अवैध विक्रय तथा भंडारण से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है।
सूचना देने वालों की पहचान रखी जाएगी गोपनीय
आबकारी विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि उनके क्षेत्र में अवैध शराब का निर्माण, परिवहन, संग्रहण या बिक्री होने की जानकारी मिले तो संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। विभागीय अभियान में मुखबिरों से मिलने वाली जानकारी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
अधिकारियों के अनुसार, अवैध शराब के कारोबार से जुड़ी सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाती है। सूचना प्राप्त होने के बाद उसकी पुष्टि कर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
जिला आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि इंदौर जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री, परिवहन और भंडारण के खिलाफ अभियान आगे भी निरंतर तथा प्रभावी रूप से जारी रहेगा। विभागीय टीमें संदिग्ध ठिकानों पर निगरानी रखते हुए आवश्यकता के अनुसार दबिश और तलाशी की कार्रवाई करेंगी।
