संत कमलकिशोर नागर को कथित धमकी भरा पत्र मिलने के मामले में सरदारपुर में भक्तों ने रैली निकालकर ज्ञापन सौंपा। मामले की जांच, कार्रवाई और संत की सुरक्षा की मांग की गई।
संत कमलकिशोर नागर को धमकी भरे पत्र पर सरदारपुर में आक्रोश, भक्तों ने निकाली रैली; कड़ी कार्रवाई और सुरक्षा की मांग
रिपोर्ट: नरेंद्र सिरवी
लोकेशन: सरदारपुर
सरदारपुर। परम पूज्य संत श्री कमलकिशोर जी नागर को कथित रूप से धमकी भरा पत्र मिलने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मंगलवार को सरदारपुर में बड़ी संख्या में भक्तगणों ने विरोध दर्ज कराते हुए रैली निकाली और एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। भक्तों ने धमकी भरे पत्र की गंभीरता से जांच, पत्र भेजने वाले व्यक्ति अथवा व्यक्तियों की पहचान कर वैधानिक कार्रवाई करने और संत श्री कमलकिशोर जी नागर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
अम्बेडकर चौराहे से एसडीएम कार्यालय तक निकाली रैली
संत श्री कमलकिशोर जी नागर के समर्थन में भक्तगण अम्बेडकर चौराहे पर एकत्रित हुए। यहां से रैली के रूप में एसडीएम कार्यालय पहुंचे। एसडीएम कार्यालय में जिला पुलिस अधीक्षक झाबुआ के नाम तहसीलदार महेश सौलंकी को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन का वाचन सरदारपुर विधायक प्रताप ग्रेवाल ने किया। ज्ञापन के माध्यम से भक्तगणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष और गंभीर जांच की मांग उठाई।
4 सितंबर को कार्यक्रम के दौरान मिला था धमकी भरा पत्र
ज्ञापन में बताया गया कि 4 सितंबर 2026 को गुरुकृपा गवरी गौशाला, भूरा डाबरा, जिला झाबुआ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के अवसर पर रात्रिकालीन कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
ज्ञापन के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं द्वारा भेंट स्वरूप प्रदान की गई सामग्री के बीच एक धमकी भरा पत्र प्राप्त हुआ। पत्र की भाषा एवं विषयवस्तु को गंभीर बताते हुए भक्तगणों ने संत श्री कमलकिशोर जी नागर की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की।
संत कमलकिशोर नागर की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग
ज्ञापन में बताया गया कि संत श्री कमलकिशोर जी नागर लंबे समय से धर्मांतरण एवं गौ-तस्करी जैसी गतिविधियों के विरुद्ध जनजागरण तथा गौ-संरक्षण के कार्यों से जुड़े हुए हैं। उनके द्वारा क्षेत्र में धार्मिक एवं सामाजिक जनजागरण के विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते रहे हैं।
भक्तगणों ने प्रशासन एवं झाबुआ पुलिस से मांग की कि धमकी भरे पत्र की गंभीरता से जांच की जाए। पत्र भेजने वाले व्यक्ति अथवा व्यक्तियों की पहचान तत्काल कर उनके विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही भक्तों ने संत श्री कमलकिशोर जी नागर की सुरक्षा को लेकर आवश्यक कदम उठाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी।
बड़ी संख्या में भक्तगण रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान पूर्व विधायक वेलसिंह भूरिया, जनभागीदारी समिति अध्यक्ष धर्मेन्द्र मण्डलोई, भागीरथ बाकरेचा, विजय पाटीदार, अमृतलाल पायल, हरिराजसिंह राठौर (पप्पु बना), पप्पालाल पटेल, कैलाश मेडा, शंभुलाल पटेल, गोपाल पारीक, उमरावसिंह, सरदार डामर, विष्णु भाबर, रमेश कप्तान, गोकुल टेलर, राजाराम भईडिया, संजय जायसवाल, मुन्नालाल खराड़ी, प्रतापसिंह जामनिया, महेश मारू और नितेश चांदोरा सहित सरदारपुर तहसील के बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे।
भक्तगणों ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से शीघ्र जांच और कार्रवाई की अपेक्षा जताई।
