Congress की नई राष्ट्रीय टीम की तैयारी, राहुल गांधी ने 120 नेताओं के इंटरव्यू शुरू किए
राष्ट्रीय सचिवों के चयन पर फोकस, राहुल-प्रियंका गांधी ने करीब 30 नेताओं से की बातचीत
नई दिल्ली। Congress संगठन में बड़े बदलाव की तैयारियों के बीच पार्टी अब राष्ट्रीय स्तर पर नई टीम तैयार करने की कवायद में जुट गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी संगठन में नए और युवा चेहरों को जिम्मेदारी देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इसी क्रम में राष्ट्रीय सचिव के पदों के लिए करीब 120 नेताओं को शॉर्टलिस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इन नेताओं के इंटरव्यू की प्रक्रिया शुरू हो गई है और पार्टी नेतृत्व उम्मीदवारों की संगठनात्मक क्षमता, राजनीतिक अनुभव और जमीनी सक्रियता का आकलन कर रहा है। बताया जा रहा है कि चयन प्रक्रिया में केवल वरिष्ठता या राजनीतिक सिफारिश को आधार बनाने के बजाय संगठन के लिए किए गए काम और कार्यकर्ताओं के बीच सक्रियता को भी महत्व दिया जा रहा है।
राहुल और प्रियंका गांधी ने लिए इंटरव्यू
राष्ट्रीय सचिव पद के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए नेताओं के इंटरव्यू अलग-अलग समूहों में किए जा रहे हैं। सोमवार को राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने करीब 30 नेताओं से बातचीत की।
इस चयन प्रक्रिया में कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल भी शामिल बताए जा रहे हैं। इंटरव्यू के दौरान नेताओं से उनके पुराने संगठनात्मक अनुभव, पार्टी के लिए किए गए कार्यों और विभिन्न स्तरों पर निभाई गई जिम्मेदारियों को लेकर चर्चा की जा रही है।
पार्टी नेतृत्व के पास उम्मीदवारों की संगठनात्मक गतिविधियों और उनके काम से जुड़ी जानकारी पहले से मौजूद होने की बात भी सामने आई है। ऐसे में इंटरव्यू के जरिए नेताओं की क्षमता और संगठन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को और करीब से समझने का प्रयास किया जा रहा है।
120 नेताओं में से चुने जाएंगे नए राष्ट्रीय सचिव
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव पदों के लिए करीब 120 नेताओं को प्रक्रिया में शामिल किए जाने की जानकारी है। इंटरव्यू और मूल्यांकन के बाद इनमें से चयनित नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।
सूत्रों के हवाले से यह भी बताया जा रहा है कि पार्टी ऐसे नेताओं को प्राथमिकता देने पर विचार कर रही है, जिन्होंने कांग्रेस के ‘संगठन सृजन’ कार्यक्रम में ऑब्जर्वर के तौर पर काम किया है।
इस कार्यक्रम से जुड़े नेताओं को संगठन को जमीनी स्तर पर समझने और कार्यकर्ताओं के साथ काम करने का अनुभव प्राप्त हुआ है। ऐसे नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में जिम्मेदारी देने से पार्टी को उम्मीद है कि संगठनात्मक गतिविधियों को अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
मौजूदा राष्ट्रीय सचिवों में बड़े बदलाव की चर्चा
रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस अपने मौजूदा राष्ट्रीय सचिवों में 60 प्रतिशत से अधिक बदलाव करने की तैयारी कर सकती है। हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व द्वारा चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लिया जाएगा।
यदि बड़े पैमाने पर बदलाव होता है तो यह कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन में महत्वपूर्ण पीढ़ीगत परिवर्तन माना जाएगा। पार्टी में लंबे समय से संगठन को अधिक सक्रिय और युवा बनाने पर चर्चा होती रही है।
राहुल गांधी भी समय-समय पर संगठन में ऐसे नेताओं को आगे लाने की आवश्यकता पर जोर देते रहे हैं, जो कार्यकर्ताओं के साथ सीधे संवाद रखते हों और जमीन पर सक्रिय रूप से काम करते हों।
युवा चेहरों को आगे लाने पर जोर
कांग्रेस की नई रणनीति में युवा नेताओं को अधिक जिम्मेदारी देने का प्रयास दिखाई दे रहा है। पार्टी का उद्देश्य ऐसे नेताओं को संगठन में आगे बढ़ाना है, जो केवल राजनीतिक पदों तक सीमित न रहकर कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच लगातार सक्रिय रहें।
राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक जिम्मेदारी के लिए नेताओं के चयन में उनके पिछले काम, संगठन के प्रति सक्रियता और राजनीतिक परिस्थितियों को समझने की क्षमता जैसे पहलुओं को महत्व दिए जाने की चर्चा है।
इस प्रक्रिया के जरिए पार्टी राष्ट्रीय संगठन में नई ऊर्जा लाने के साथ-साथ राज्यों और जिलों में संगठन को मजबूत करने की दिशा में भी आगे बढ़ना चाहती है।
पहले भी इंटरव्यू आधारित चयन का प्रयोग
राहुल गांधी के राजनीतिक सफर में संगठन में युवाओं को आगे बढ़ाने और चयन प्रक्रिया में नए प्रयोग करने की कोशिशें पहले भी देखी गई हैं। यूथ कांग्रेस और NSUI जैसे संगठनों में इंटरव्यू आधारित चयन प्रक्रिया का प्रयोग किया जा चुका है।
हालांकि अतीत में कांग्रेस के भीतर वरिष्ठ नेताओं और युवा नेतृत्व को लेकर मतभेद भी सामने आते रहे हैं। अब संगठन में लगातार हो रहे बदलावों के बीच पार्टी एक ऐसी टीम तैयार करने की कोशिश कर रही है, जिसमें अनुभव और युवा नेतृत्व के बीच संतुलन बनाया जा सके।
प्रदेश से राष्ट्रीय स्तर तक बदलाव की कवायद
कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव की प्रक्रिया केवल राष्ट्रीय स्तर तक सीमित नहीं है। प्रदेश से लेकर जिला स्तर तक भी नए चेहरों को जिम्मेदारी देने की कवायद चल रही है।
ऐसे में राष्ट्रीय सचिवों का चयन संगठनात्मक बदलाव की व्यापक प्रक्रिया की अगली कड़ी माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व की कोशिश ऐसे नेताओं की पहचान करने की है, जिन्होंने लंबे समय तक संगठन के लिए काम किया है और कार्यकर्ताओं के बीच अपनी सक्रिय भूमिका बनाई है।
इंटरव्यू के बाद तय होगी नई टीम
फिलहाल करीब 120 नेताओं के इंटरव्यू की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद पार्टी नेतृत्व द्वारा उम्मीदवारों का मूल्यांकन किया जाएगा और राष्ट्रीय सचिव पदों के लिए अंतिम नामों पर फैसला लिया जा सकता है।
इस पूरी प्रक्रिया पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और राजनीतिक विश्लेषकों की नजर है। यदि बड़े पैमाने पर युवा नेताओं को राष्ट्रीय संगठन में जगह मिलती है, तो इसे पार्टी की कार्यशैली और संगठनात्मक प्राथमिकताओं में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा सकता है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इंटरव्यू प्रक्रिया के बाद कांग्रेस की नई राष्ट्रीय टीम में किन नेताओं को जगह मिलती है और राष्ट्रीय संगठन में प्रस्तावित बदलाव किस स्वरूप में सामने आता है। आने वाले दिनों में पार्टी की नई टीम को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
