उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक और वाई4डी फाउंडेशन की पहल से 100 युवाओं को मिला रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण
‘स्किल टू एम्प्लॉयबिलिटी’ प्रोजेक्ट के तहत 86 युवाओं को मिली नौकरी, भोर और शिरवल के औद्योगिक क्षेत्रों में रोजगार के अवसर
पुणे, सितंबर 2026। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) के अंतर्गत युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से वाई4डी फाउंडेशन के सहयोग से ‘स्किल टू एम्प्लॉयबिलिटी’ प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से बेरोजगार युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार तकनीकी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर स्थायी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
इस परियोजना के तहत अब तक 100 उम्मीदवारों को रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इनमें से 86 युवाओं को विभिन्न कंपनियों में नौकरी भी मिल गई है। प्रशिक्षण पूरा करने और रोजगार प्राप्त करने वाले लाभार्थियों की मेहनत एवं उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कौशल से खुलते हैं आर्थिक आत्मनिर्भरता के रास्ते
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के मुख्य परिचालन अधिकारी मार्टिन पम्पिल्ली एस. ने कहा कि ‘स्किल टू एम्प्लॉयबिलिटी’ प्रोजेक्ट इस विश्वास को मजबूत करता है कि सही कौशल मिलने पर युवाओं के लिए बेहतर और स्थायी आमदनी के रास्ते खुल सकते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कई युवा ऐसे परिवारों से आते हैं, जिनके यहां वे पहली बार नियमित नौकरी करने जा रहे हैं। इन युवाओं के लिए यह प्रशिक्षण केवल एक प्रमाणपत्र प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि सम्मानजनक रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ने का माध्यम है।
उन्होंने बताया कि बैंक इस पहल का लाभ अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। विशेष रूप से भोर और शिरवल क्षेत्र के युवाओं को बेहतर करियर बनाने तथा उन्हें औद्योगिक इकाइयों में रोजगार दिलाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
दो महीने तक दिया गया तकनीकी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण
युवाओं को प्रशिक्षण भोर स्किलिंग सेंटर में दिया जा रहा है। दो महीने की प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रतिभागियों को पीसीबी असेंबली ऑपरेटर और ऑटोमोटिव असेंबली ऑपरेटर के रूप में काम करने के लिए आवश्यक कौशल सिखाए गए।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) से प्रमाणित तकनीकी प्रशिक्षण के साथ व्यावहारिक अभ्यास को भी शामिल किया गया है। युवाओं को मशीनों और उपकरणों के इस्तेमाल, कार्यस्थल की आवश्यकताओं तथा संबंधित औद्योगिक प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई।
इसके अतिरिक्त उन्हें इंटरव्यू की तैयारी, कार्यस्थल पर व्यवहार, संवाद कौशल, समय प्रबंधन और टीम के साथ काम करने जैसी आवश्यक सॉफ्ट स्किल्स का भी प्रशिक्षण दिया गया। इससे उम्मीदवारों को नौकरी हासिल करने के साथ कार्यस्थल की चुनौतियों का आत्मविश्वास से सामना करने में मदद मिलती है।
भोर और शिरवल की कंपनियों में मिला रोजगार
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उम्मीदवारों को भोर और शिरवल के औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित कंपनियों से जोड़ा गया। उनकी योग्यता और प्रशिक्षण के आधार पर कंपनियों में नौकरी के अवसर उपलब्ध कराए गए।
परियोजना का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं को वास्तविक रोजगार तक पहुंचाना भी है। इसी का परिणाम है कि प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले 100 उम्मीदवारों में से 86 को नौकरी मिल चुकी है।
यह उपलब्धि कार्यक्रम की प्रभावशीलता को दर्शाती है। शेष उम्मीदवारों को भी उनकी योग्यता एवं उपलब्ध अवसरों के अनुसार रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया जारी है।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं को लाभ
इस परियोजना से लाभान्वित होने वाले अधिकांश युवा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। इनमें से कई युवा अपने परिवार के पहले सदस्य हैं, जिन्हें किसी संस्थान अथवा औद्योगिक इकाई में नियमित नौकरी मिली है।
नियमित रोजगार मिलने से इन युवाओं की अस्थायी और अनियमित काम पर निर्भरता कम होगी। इसके साथ ही परिवार की आय में सुधार तथा आर्थिक स्थिरता आने की उम्मीद है।
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक और वाई4डी फाउंडेशन की यह संयुक्त पहल युवाओं को प्रशिक्षण, आत्मविश्वास और रोजगार प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। संस्था का लक्ष्य आने वाले समय में कार्यक्रम का विस्तार कर अधिक युवाओं को उद्योगों की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण और स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है।
