भोपाल के रोहित नगर में खुदाई के दौरान गैस पाइपलाइन क्षतिग्रस्त, THINK Gas ने आपूर्ति बहाल की
जय भवानी फेज-1 में नाली सफाई के दौरान पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने से हुआ गैस रिसाव; कंपनी ने ठेकेदारों और एजेंसियों से ‘खुदाई से पहले सूचित करें’ नियम का पालन करने की अपील की
भोपाल। राजधानी भोपाल के रोहित नगर स्थित जय भवानी फेज-1 क्षेत्र में खुदाई के दौरान THINK Gas की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से गैस रिसाव की स्थिति बन गई। इसके चलते आसपास की कई आवासीय सोसाइटी और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की आपूर्ति प्रभावित हुई। घटना की सूचना मिलने के बाद कंपनी की इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम मौके पर पहुंची और प्रभावित हिस्से को अलग कर मरम्मत शुरू की। कंपनी के अनुसार कुछ समय बाद गैस आपूर्ति बहाल कर दी गई।
THINK Gas का कहना है कि पाइपलाइन जय भवानी फेज-1 में सोसाइटी की नाली की सफाई के लिए की जा रही खुदाई के दौरान क्षतिग्रस्त हुई। कंपनी का दावा है कि खुदाई शुरू करने से पहले उसे इसकी जानकारी नहीं दी गई थी।
सूचना मिलते ही पहुंची इमरजेंसी टीम
पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के बाद गैस रिसाव की सूचना मिलते ही THINK Gas की आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम घटनास्थल पर पहुंची। सबसे पहले प्रभावित पाइपलाइन सेक्शन को अलग किया गया, ताकि गैस का रिसाव रोका जा सके और स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
इसके बाद तकनीकी टीम ने क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत शुरू की। कंपनी के अनुसार सुरक्षा संबंधी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद गैस सप्लाई को फिर से शुरू कर दिया गया।
कंपनी का कहना है कि त्वरित कार्रवाई का उद्देश्य आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ उपभोक्ताओं को होने वाली असुविधा को न्यूनतम रखना था।
कई सोसाइटी और प्रतिष्ठानों की PNG सप्लाई हुई प्रभावित
पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने का असर आसपास की कई आवासीय सोसाइटी और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर पड़ा। इन क्षेत्रों में पाइप्ड नेचुरल गैस की सप्लाई कुछ समय के लिए बाधित रही।
मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में गैस आपूर्ति दोबारा शुरू कर दी गई।
बिना पूर्व सूचना खुदाई करने का आरोप
THINK Gas के मुताबिक भोपाल जिले में घरेलू उपभोक्ताओं को PNG और परिवहन क्षेत्र के लिए CNG उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गैस पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किया गया है।
कंपनी का कहना है कि पाइपलाइन के मार्ग पर रूट मार्कर, चेतावनी संकेत और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट बोर्ड लगाए गए हैं। इसके बावजूद संबंधित खुदाई कार्य शुरू करने से पहले कंपनी को सूचना नहीं दी गई।
कंपनी ने यह भी दावा किया कि घटना के बाद संबंधित पक्ष की ओर से पाइपलाइन को हुए नुकसान की सूचना नहीं दी गई। THINK Gas ने मामले में जिम्मेदार पक्ष के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी है।
‘खुदाई से पहले सूचित करें’ पर कंपनी का जोर
इस घटना के बाद THINK Gas ने ठेकेदारों, निर्माण एजेंसियों, सोसाइटियों और आम नागरिकों से भूमिगत गैस पाइपलाइन वाले क्षेत्रों में खुदाई से पहले संबंधित एजेंसी को सूचना देने की अपील की है।
कंपनी ने कहा कि नाली निर्माण, सड़क निर्माण, केबल बिछाने, पानी की पाइपलाइन डालने या अन्य किसी कार्य के लिए खुदाई करते समय भूमिगत गैस पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने का जोखिम रहता है।
ऐसी स्थिति न केवल गैस आपूर्ति बाधित कर सकती है, बल्कि गैस रिसाव होने पर गंभीर सुरक्षा जोखिम भी पैदा हो सकता है। इसलिए खुदाई से पहले पाइपलाइन की वास्तविक स्थिति और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया की जानकारी लेना जरूरी है।
टोल-फ्री नंबर भी जारी
THINK Gas ने किसी भी खुदाई गतिविधि से पहले जानकारी देने अथवा पाइपलाइन से जुड़ी सहायता प्राप्त करने के लिए अपना टोल-फ्री नंबर 1800-102-5107 साझा किया है।
कंपनी ने ठेकेदारों और एजेंसियों से आग्रह किया है कि गैस नेटवर्क वाले क्षेत्र में काम शुरू करने से पहले संपर्क कर पाइपलाइन की स्थिति की जानकारी लें। इससे पाइपलाइन को होने वाले नुकसान और संभावित दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है।
भोपाल में PNG और CNG नेटवर्क का संचालन

THINK Gas भोपाल जिले में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस और वाहनों के लिए कंप्रेस्ड नेचुरल गैस उपलब्ध कराने के लिए सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क संचालित कर रही है।
कंपनी के अनुसार उसका उद्देश्य घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और औद्योगिक इकाइयों तक PNG पहुंचाने के साथ वाहनों के लिए CNG नेटवर्क विकसित करना है।
10 राज्यों के 49 जिलों में नेटवर्क का दावा
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक THINK Gas, AG&P Pratham और THINK Gas का संयुक्त ब्रांड है। कंपनी के पास पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) द्वारा दिए गए 19 सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंस हैं।
इसके तहत कंपनी आंध्र प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु के कुल 49 जिलों में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और प्राकृतिक गैस उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
कंपनी की दी गई जानकारी के अनुसार आने वाले वर्षों में उसके नेटवर्क में करीब 24 हजार इंच-किलोमीटर स्टील पाइपलाइन और 2 हजार से अधिक CNG स्टेशन शामिल करने की योजना है।
पाइपलाइन सुरक्षा के लिए जागरूकता जरूरी
रोहित नगर की घटना के बाद कंपनी ने एक बार फिर भूमिगत गैस पाइपलाइन की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई है।
THINK Gas का कहना है कि संबंधित एजेंसी को पूर्व सूचना देकर खुदाई करने से पाइपलाइन का स्थान चिह्नित करने और सुरक्षा उपाय अपनाने में मदद मिल सकती है। इससे गैस रिसाव, आपूर्ति बाधित होने और संभावित दुर्घटनाओं के खतरे को कम किया जा सकता है।
कंपनी ने सभी निर्माण एजेंसियों, ठेकेदारों, सोसाइटियों और नागरिकों से अपील की है कि गैस पाइपलाइन वाले क्षेत्र में किसी भी तरह की खुदाई से पहले निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया का पालन करें और संबंधित सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी को जानकारी जरूर दें।
