बिजुरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 516 ग्राम अवैध गांजे के साथ युवक गिरफ्तार, कथित सप्लायर भी नामजद
अभिषेक द्विवेदी, कोतमा।
बिजुरी (अनूपपुर)। जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बिजुरी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 516 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। पुलिस ने मौके से एक युवक को गिरफ्तार किया है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 7 हजार रुपये बताई गई है। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने कथित सप्लायर को भी मामले में सह-आरोपी बनाया है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अनूपपुर विक्रान्त मुराब के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम तथा एसडीओपी कोतमा आरती शाक्य के मार्गदर्शन में बिजुरी पुलिस द्वारा की गई।
गश्त के दौरान संदिग्ध युवक पर नजर
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 17 अगस्त 2026 को बिजुरी पुलिस की टीम गश्त एवं कस्बा भ्रमण पर थी। इसी दौरान पुलिस टीम को यात्री प्रतीक्षालय के पास एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया। पुलिस को देखकर युवक कथित तौर पर घबरा गया और वहां से भागने का प्रयास करने लगा।
संदिग्ध गतिविधि को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी की और युवक को पकड़ लिया। इसके बाद नियमानुसार उसकी तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान युवक के पास मौजूद प्लास्टिक के झोले से मादक पदार्थ बरामद हुआ।
पुलिस द्वारा जांच किए जाने पर बरामद पदार्थ गांजा पाया गया। इसका वजन 516 ग्राम निकला। पुलिस ने गांजे को जब्त करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया।
आरोपी की हुई पहचान
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवक की पहचान इरफान अली, उम्र 21 वर्ष, पिता लियाकत अली, निवासी ग्राम छतई, थाना बिजुरी के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपी से बरामद गांजे के संबंध में पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान पुलिस के अनुसार आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि उसने यह मादक पदार्थ लाला तिवारी, निवासी खोडरी नंबर 01, थाना कोतमा से खरीदा था।
आरोपी द्वारा बताए गए नाम के आधार पर पुलिस ने कथित सप्लायर लाला तिवारी को भी मामले में सह-आरोपी बनाया है। पुलिस अब मामले की आगे की जांच कर रही है।
मादक पदार्थ के स्रोत की जांच जारी
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच केवल गांजा बरामद होने तक सीमित नहीं है। विवेचना के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मादक पदार्थ कहां से लाया गया था और इसकी आपूर्ति किन लोगों के माध्यम से की जा रही थी।
पुलिस आरोपी से गांजे की खरीद, बिक्री और परिवहन से जुड़े संभावित नेटवर्क के संबंध में पूछताछ कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मादक पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी पर रोक लगाने के लिए जिले में पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
NDPS Act के तहत प्रकरण दर्ज
बिजुरी पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी और कथित सप्लायर के विरुद्ध स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) की धारा 8/20(बी) के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
मामले में जब्त गांजे को पुलिस ने जांच के लिए आवश्यक प्रक्रिया के तहत लिया है। आगे की विवेचना के दौरान पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मादक पदार्थ के स्रोत एवं संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस द्वारा मामले में सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
इस कार्रवाई को सफल बनाने में बिजुरी थाना प्रभारी निरीक्षक विकास सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम में उपनिरीक्षक विपुल शुक्ला, आरक्षक विश्वजीत मिश्रा, लक्ष्मण डांगी, प्रभाकर त्रिपाठी, अभिषेक शर्मा तथा महिला आरक्षक संगम तोमर शामिल रहे।
पुलिस टीम ने गश्त के दौरान संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखते हुए त्वरित कार्रवाई की। संदिग्ध युवक के भागने के प्रयास के बावजूद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया और तलाशी के दौरान गांजा बरामद किया।
जिले में जारी है नशे के खिलाफ अभियान
अनूपपुर जिले में पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री और परिवहन पर रोक लगाने के साथ युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना भी है।
बिजुरी पुलिस की इस कार्रवाई को इसी अभियान की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस द्वारा संदिग्ध स्थानों पर निगरानी और गश्त बढ़ाने के साथ सूचना तंत्र को भी सक्रिय रखा जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अवैध मादक पदार्थों से जुड़ी किसी भी गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए आम लोगों से भी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने की अपील की जाती है।
कथित सप्लायर की भूमिका की भी जांच
पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के आधार पर जिस व्यक्ति को कथित सप्लायर के रूप में मामले में सह-आरोपी बनाया है, उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी और कथित सप्लायर के बीच मादक पदार्थ की खरीद-बिक्री किस प्रकार हुई।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं। यदि विवेचना के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
फिलहाल पुलिस ने बरामद 516 ग्राम गांजा को जब्त कर प्रकरण दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
पुलिस की कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप
बिजुरी क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई के बाद अवैध मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है। पुलिस द्वारा लगातार गश्त और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के कारण मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस की कार्रवाई में बरामद गांजे की कीमत करीब 7 हजार रुपये आंकी गई है। हालांकि, जांच का मुख्य उद्देश्य केवल बरामद मादक पदार्थ की मात्रा तक सीमित न रहकर इसके पीछे के स्रोत और नेटवर्क तक पहुंचना है।
पुलिस द्वारा मामले में आगे की विवेचना जारी है। आरोपियों के विरुद्ध दर्ज प्रकरण में न्यायालयीन प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बिजुरी पुलिस की इस कार्रवाई में थाना प्रभारी विकास सिंह सहित पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा
