खरगोन गोपालपुरा नागपंचमी 2026 पर सुनील बाबा के सानिध्य में विशाल भंडारा आयोजित हुआ। करीब 7 हजार श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की और भिलट बाबा की गादी पर विशेष पूजन किया।
खरगोन के गोपालपुरा में नागपंचमी पर आस्था का महासंगम, सुनील बाबा के सानिध्य में भव्य भंडारा, 7 हजार श्रद्धालुओं ने ग्रहण की प्रसादी
खरगोन। रिपोर्टर – कौशिक पण्डित
खरगोन गोपालपुरा नागपंचमी 2026 के पावन अवसर पर ग्राम गोपालपुरा में आस्था, भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। यहां सुनील बाबा एवं भक्त मंडली के सानिध्य में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्रभर से पहुंचे करीब सात हजार श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक प्रसादी ग्रहण की। सुबह से शुरू हुआ भक्तों के पहुंचने का सिलसिला देर तक जारी रहा और पूरा गोपालपुरा गांव भक्ति एवं धार्मिक उल्लास से सराबोर नजर आया।
सुनील बाबा के कुशल मार्गदर्शन, प्रेरणा और स्नेहपूर्ण नेतृत्व में समस्त भक्तगणों ने तन-मन-धन से समर्पित होकर आयोजन में अपनी सहभागिता निभाई। भक्तों के अथक प्रयास, सेवा-भाव, आपसी सहयोग और श्रद्धा के फलस्वरूप यह विशाल धार्मिक आयोजन पूर्ण भव्यता, गरिमा एवं विधि-विधान के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
खरगोन गोपालपुरा नागपंचमी 2026 पर विशेष रुद्राभिषेक
गोपालपुरा स्थित प्राचीन भिलट बाबा की गादी पर नागपंचमी के अवसर पर विशेष धार्मिक आयोजन किए गए। अलसुबह सुनील बाबा, महेश सोलंकी, सोहन कुशवाह, विक्रम सोलंकी, राजेश चौहान, अभिजीत माली, रवि वर्मा और प्रकाश वर्मा (हवाई) के सानिध्य में नाग देवता का विशेष रुद्राभिषेक एवं पूजन संपन्न हुआ।
पूजन के दौरान विश्व कल्याण, क्षेत्र की सुख-समृद्धि और समस्त श्रद्धालुओं की मंगलकामना की गई। धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर पूजा-अर्चना की और बाबा का आशीर्वाद लिया।
नागपंचमी के कारण सुबह से ही धार्मिक वातावरण बना हुआ था। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से श्रद्धालु परिवार सहित गोपालपुरा पहुंचे। पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं की विशेष सहभागिता देखने को मिली।
7 हजार श्रद्धालुओं ने विशाल भंडारे में ग्रहण की प्रसादी
खरगोन गोपालपुरा नागपंचमी 2026 के अवसर पर आयोजित विशाल भंडारा आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा, जिसमें करीब सात हजार भक्तों ने प्रसादी ग्रहण की। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं के बावजूद भक्त मंडली और ग्रामीणों ने व्यवस्थाओं को संभालते हुए भंडारे का संचालन किया।
भंडारे को सफल बनाने में श्रद्धालुओं ने अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार बढ़-चढ़कर सहयोग किया। किसी ने खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई तो किसी ने व्यवस्था संभाली और बड़ी संख्या में भक्तों ने सेवा कार्य में भाग लेकर आयोजन को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।
आयोजन में सेवा और सहयोग की भावना प्रमुख रूप से दिखाई दी। श्रद्धालुओं ने प्रसादी वितरण से लेकर अन्य व्यवस्थाओं में अपनी भूमिका निभाई। सामूहिक सहयोग के कारण हजारों श्रद्धालुओं के लिए आयोजित विशाल भंडारा सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
भिलट बाबा की गादी पर श्रद्धालुओं की बढ़ रही आस्था
गोपालपुरा की भिलट बाबा की गादी से जुड़े सुनील बाबा के प्रति क्षेत्र के श्रद्धालुओं की आस्था लगातार बढ़ती जा रही है। नागपंचमी के अवसर पर दूर-दराज के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी परेशानियां और समस्याएं लेकर गादी पर पहुंचे।
दिनभर बाबा की गादी पर बैठक का दौर चलता रहा, जहां श्रद्धालुओं ने अपनी समस्याएं सुनील बाबा के समक्ष रखीं। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि भिलट बाबा की गादी पर अपनी परेशानियां लेकर आने से उन्हें मानसिक संबल और समाधान की राह मिलती है।
सुनील बाबा द्वारा श्रद्धालुओं की बातें सुनकर उन्हें मार्गदर्शन दिया गया। यही वजह है कि समय के साथ इस गादी से जुड़ने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और सुनील बाबा की प्रसिद्धि पूरे क्षेत्र में दिनों-दिन बढ़ रही है।
दूर-दराज के गांवों से गोपालपुरा पहुंचे श्रद्धालु
नागपंचमी के धार्मिक महत्व को देखते हुए गोपालपुरा में सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। आसपास के गांवों के अलावा दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग भिलट बाबा की गादी पर पहुंचे।
श्रद्धालुओं ने नाग देवता और बाबा के समक्ष पूजा-अर्चना कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। दिनभर गादी पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। धार्मिक आयोजन और विशाल भंडारे के कारण पूरे गांव में उत्सव जैसा वातावरण दिखाई दिया।
भक्त मंडली के सदस्यों ने श्रद्धालुओं के स्वागत, पूजन और प्रसादी वितरण सहित विभिन्न व्यवस्थाओं में सक्रिय सहयोग दिया। इससे आयोजन धार्मिक आस्था के साथ सामूहिक सेवा और सहयोग का भी उदाहरण बना।
नांगलवाड़ी के प्राचीन भीलटदेव मंदिर में भी उमड़ी आस्था
नागपंचमी के अवसर पर नांगलवाड़ी स्थित प्राचीन भीलटदेव मंदिर में भी आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे। यहां नागराज का पंचद्रव्यों से अभिषेक कर आकर्षक श्रृंगार किया गया।
श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने हलवा प्रसादी ग्रहण की, वहीं महिलाओं द्वारा भजन-कीर्तन प्रस्तुत किए गए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
रात्रि में तालाब में दीपदान एवं महाप्रसादी का आयोजन भी किया गया। दीपदान के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और धार्मिक परंपराओं के अनुसार कार्यक्रम संपन्न हुए।
सेवा, सहयोग और सामूहिक सहभागिता की बनी मिसाल
गोपालपुरा में आयोजित नागपंचमी का यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सेवा, सहयोग और सामूहिक सहभागिता की मिसाल भी बना। सुनील बाबा के सानिध्य में आयोजित भंडारे में जिस तरह हजारों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसादी ग्रहण की और अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग किया, उससे आयोजन की भव्यता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
भक्तों के सहयोग से भोजन तैयार करने, प्रसादी वितरण और श्रद्धालुओं के लिए अन्य व्यवस्थाओं को संभाला गया। आयोजन से जुड़े लोगों ने अपनी जिम्मेदारियां निभाते हुए व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग किया।
धार्मिक आयोजन के दौरान गांव में दिनभर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। भक्ति और सेवा के इस माहौल में ग्रामीणों ने भी बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं का सहयोग किया।
नागपंचमी पर दिनभर बहती रही भक्ति, सेवा और श्रद्धा की त्रिवेणी
खरगोन गोपालपुरा नागपंचमी 2026 के पावन अवसर पर गोपालपुरा में दिनभर भक्ति, सेवा और श्रद्धा की त्रिवेणी बहती रही। विशाल भंडारे, विशेष पूजन और बाबा की गादी पर हुई बैठक में श्रद्धालुओं की बड़ी सहभागिता रही।
भक्त मंडली, ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के सामूहिक सहयोग से आयोजित यह धार्मिक आयोजन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा और सुनील बाबा के प्रति श्रद्धालुओं की बढ़ती आस्था एक बार फिर प्रमुखता से सामने आई।
करीब सात हजार श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने आयोजन को और भव्य बनाया। नाग देवता के विशेष रुद्राभिषेक से लेकर भंडारे और प्रसादी वितरण तक पूरे आयोजन में श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। गोपालपुरा में नागपंचमी का यह धार्मिक आयोजन आस्था के साथ सामाजिक सहयोग और सेवा भावना का संदेश देकर संपन्न हुआ।


