आदर्श विद्या मंदिर में एक दिवसीय पूर्व छात्र कार्यकर्ता वर्ग आयोजित, समाज निर्माण में योगदान का लिया संकल्प
भीनमाल (मुकेश सोलंकी)। स्थानीय आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय में जालोर जिले में संचालित 32 आदर्श विद्या मंदिरों के पूर्व छात्रों का एक दिवसीय कार्यकर्ता वर्ग आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिलेभर से पहुंचे पूर्व छात्रों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और विद्यालय से प्राप्त शिक्षा एवं संस्कारों के आधार पर समाज के लिए किए जा रहे कार्यों और भविष्य की योजनाओं को साझा किया।
दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला सचिव दिनेश चंद गौड, पूर्व प्रधानाचार्य नरेंद्र आचार्य एवं नरेंद्र सिंह गोहिल ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों ने मां सरस्वती का पूजन कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
कार्यक्रम में पूर्व छात्रों को संबोधित करते हुए पूर्व प्रधानाचार्य नरेंद्र आचार्य ने कहा कि पूर्व छात्र विद्या मंदिर की असली धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय से शिक्षा एवं संस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थी आज देश और दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे हैं तथा संस्थान का नाम रोशन कर रहे हैं।
“संस्कार ही विद्या मंदिर का मुख्य लक्ष्य”
नरेंद्र आचार्य ने कहा कि विद्या मंदिर में विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान नहीं दिया जाता, बल्कि उन्हें संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी का बोध भी कराया जाता है। यही संस्कार आगे चलकर विद्यार्थियों को समाज के लिए सकारात्मक कार्य करने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने पूर्व छात्रों से आह्वान किया कि वे अपने अनुभव और क्षमताओं का उपयोग समाज के हित में करें तथा नई पीढ़ी को भी शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करें।
पूर्व छात्रों ने साझा किए अनुभव
कार्यकर्ता वर्ग में जालोर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए पूर्व विद्यार्थियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यालय से प्राप्त शिक्षा, संस्कार और मार्गदर्शन को अपने जीवन में महत्वपूर्ण बताते हुए अपने अनुभव साझा किए।
पूर्व छात्रों ने भविष्य में समाजहित के लिए किए जाने वाले कार्यों और योजनाओं पर भी विचार-विमर्श किया। कार्यक्रम में पूर्व छात्रों के बीच आपसी संपर्क और समन्वय को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
75 वर्ष पूरे करने जा रही विद्या भारती
प्रांतीय समिति सदस्य भंवरलाल कानूनगो ने कहा कि विद्या भारती जल्द ही अपने 75 वर्ष पूर्ण करने जा रही है। उन्होंने कहा कि संस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार प्रदान करना है।
उन्होंने बताया कि विद्यालय द्वारा संचालित संस्कार केंद्रों में विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है। इन केंद्रों के माध्यम से शिक्षा से वंचित वर्ग तक पहुंचने और बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा देने का प्रयास किया जा रहा है।

सामाजिक परिवर्तन में पूर्व छात्रों की भूमिका
जिला सचिव दिनेश चंद गौड ने कहा कि विद्या मंदिर से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य किया है। उन्होंने पूर्व छात्रों से सामाजिक जिम्मेदारियों को समझते हुए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि समाज में व्याप्त विकृतियों को दूर करने, सामाजिक समरसता बढ़ाने और सकारात्मक वातावरण तैयार करने में पूर्व छात्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
समाजहित में सक्रिय भागीदारी का आह्वान
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि पूर्व छात्र अपने-अपने क्षेत्रों में रहते हुए शिक्षा, सेवा, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में योगदान दे सकते हैं। पूर्व छात्रों के अनुभव और कार्यक्षमता का लाभ समाज और नई पीढ़ी को मिलना चाहिए।
कार्यकर्ता वर्ग के दौरान पूर्व छात्रों ने भी संस्था की गतिविधियों में सहयोग देने तथा समाजोपयोगी कार्यों में अपनी सहभागिता बढ़ाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
गणमान्य लोग और पूर्व छात्र रहे मौजूद
कार्यक्रम में कांतिलाल सूर्या, सह संयोजक संदीप देसाई, मीरा देवासी, रघु पारीक, भरत वैष्णव, हनुमान प्रसाद दवे, नितिन ठाकुर, रमाकांत दास और देवीसिंह चुंडावत सहित कई गणमान्य नागरिक, पदाधिकारी एवं पूर्व छात्र उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में जिला संयोजक भरत सिंह राव ने सभी अतिथियों, पूर्व छात्रों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। एक दिवसीय कार्यकर्ता वर्ग में पूर्व छात्रों ने आपसी संवाद, अनुभव साझा करने और समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाने का
