महिला मंडल एवं जैन मिलन महिला ने उत्साह से मनाई हरियाली तीज, मल्हार गीतों पर महिलाओं ने किया सामूहिक नृत्य
लहरिया परिधानों और मेहंदी से सजी महिलाएं, प्रतियोगिताओं व तंबोला ने बढ़ाया उत्सव का आनंद
30 से 70 वर्ष तक की महिलाओं ने एक साथ मनाया पर्व, भारतीय संस्कृति और सामाजिक एकता का दिया संदेश
रिपोर्टर: मनोज जैन नायक
मुरैना सावन की हरियाली, पारंपरिक मल्हार गीतों और उत्साह से भरे माहौल के बीच पल्लिवाल महिला मंडल एवं जैन मिलन महिला के संयुक्त तत्वावधान में हरियाली तीज महोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन सरिता जैन के निज निवास पर किया गया, जिसमें दोनों महिला संगठनों की सदस्यों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। आयोजन में भक्ति, संगीत, नृत्य, प्रतियोगिताओं और मनोरंजन का सुंदर संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम की खास बात यह रही कि करीब 30 वर्ष से लेकर 70 वर्ष तक की महिलाओं ने एक साथ शामिल होकर हरियाली तीज की खुशियां साझा कीं। उम्र के अलग-अलग पड़ाव पर होने के बावजूद महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। सभी ने एक साथ पारंपरिक गीत गाए, नृत्य किया और विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों में भाग लेकर पर्व को यादगार बनाया।
सामूहिक भजन से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ

हरियाली तीज महोत्सव की शुरुआत सामूहिक भजन के साथ हुई। महिलाओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ भजनों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्वरूप प्रदान किया। इसके बाद सावन और हरियाली तीज से जुड़े पारंपरिक गीतों का दौर शुरू हुआ।
महिलाओं ने मल्हार गीतों और तीज के पारंपरिक गीतों की प्रस्तुतियां दीं। गीतों की धुन पर महिलाओं ने सामूहिक नृत्य कर आयोजन में उत्सव का रंग भर दिया। सावन के गीतों और महिलाओं के नृत्य ने पूरे वातावरण को उल्लासमय बना दिया।
आयोजन में महिलाओं ने पुरानी परंपराओं और आधुनिक मनोरंजन के बीच सुंदर सामंजस्य प्रस्तुत किया। इससे नई पीढ़ी को भी भारतीय पर्वों और उनसे जुड़ी सांस्कृतिक परंपराओं को जानने का अवसर मिला।
लहरिया परिधानों में दिखी हरियाली तीज की पारंपरिक रंगत
हरियाली तीज के अवसर पर कार्यक्रम में शामिल महिलाएं आकर्षक लहरिया परिधानों में पहुंचीं। रंग-बिरंगे लहरिया वस्त्रों ने आयोजन में राजस्थानी और भारतीय पारंपरिक संस्कृति की खूबसूरत झलक प्रस्तुत की। महिलाओं ने हाथों में सुंदर मेहंदी रचाकर तीज पर्व की परंपरा को भी निभाया।
सजे-धजे परिधानों, मेहंदी और पारंपरिक गीत-संगीत ने कार्यक्रम को विशेष आकर्षण प्रदान किया। महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और हरियाली तीज की शुभकामनाएं देकर खुशियां साझा कीं।
मनोरंजक प्रतियोगिताओं में महिलाओं ने दिखाई प्रतिभा
कार्यक्रम की संयोजिका सरिता जैन द्वारा महिलाओं के मनोरंजन के लिए विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इनमें महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिताओं को लेकर सभी आयु वर्ग की महिलाओं में उत्साह दिखाई दिया। विजेता महिलाओं को आकर्षक उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त करने वाली महिलाओं के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई, वहीं अन्य प्रतिभागियों ने भी पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिताओं का आनंद लिया।
आयोजकों का उद्देश्य प्रतियोगिताओं के माध्यम से केवल मनोरंजन करना नहीं, बल्कि महिलाओं को एक-दूसरे के साथ संवाद और सहभागिता का अवसर प्रदान करना भी रहा।
तंबोला प्रतियोगिता बनी आकर्षण का केंद्र
हरियाली तीज महोत्सव में आयोजित तंबोला प्रतियोगिता महिलाओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। तंबोला में महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और पुरस्कार जीतने के लिए कार्यक्रम के अंतिम क्षण तक उत्सुकता बनी रही।
तंबोला के मुख्य पुरस्कार करुणा जैन, शशि जैन, शोभा जैन, रितिका जैन, रेखा जैन, मुन्नी जैन, निधि जैन, बबिता जैन, सपना जैन, संगीता जैन एवं बरफी जैन ने जीते। पुरस्कार मिलने पर विजेता महिलाओं में खुशी का माहौल रहा और उपस्थित सदस्यों ने उनका उत्साहवर्धन किया।
सामाजिक रिश्तों को मजबूत करते हैं ऐसे आयोजन
कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने कहा कि हरियाली तीज जैसे पारंपरिक पर्व भारतीय संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। आधुनिक जीवन की व्यस्तता के बीच इस तरह के सामूहिक आयोजन महिलाओं को एक-दूसरे से मिलने, संवाद करने और खुशियां साझा करने का अवसर देते हैं।
महिलाओं का कहना था कि त्योहार केवल धार्मिक या सांस्कृतिक परंपरा तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज को जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे आयोजनों से महिलाओं के बीच आपसी प्रेम, सहयोग, सौहार्द और सामाजिक एकता की भावना मजबूत होती है।
विशेष रूप से अलग-अलग आयु वर्ग की महिलाओं का एक मंच पर आना इस बात का उदाहरण रहा कि भारतीय त्योहार पीढ़ियों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने का माध्यम भी बनते हैं।
भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का मिला अवसर
आयोजन के दौरान महिलाओं ने हरियाली तीज के सांस्कृतिक महत्व पर भी चर्चा की। सावन के महीने में मनाया जाने वाला हरियाली तीज पर्व प्रकृति, हरियाली, खुशहाली और पारिवारिक सुख-समृद्धि से जुड़ा माना जाता है।
पारंपरिक परिधान, मेहंदी, भजन, मल्हार गीत और सामूहिक नृत्य के माध्यम से महिलाओं ने भारतीय संस्कृति की विभिन्न परंपराओं को जीवंत किया। आयोजन ने महिलाओं को मनोरंजन के साथ अपनी संस्कृति और सामाजिक परंपराओं से जुड़े रहने का अवसर प्रदान किया।
सामूहिक भोजन और फोटोग्राफी के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी महिलाओं ने सामूहिक फोटोग्राफी कर आयोजन की यादों को संजोया। इसके बाद सामूहिक भोजन का आयोजन किया गया। महिलाओं ने एक साथ भोजन किया और एक-दूसरे को हरियाली तीज की शुभकामनाएं दीं।
भक्ति, उल्लास और आत्मीयता से भरे वातावरण में कार्यक्रम का समापन हुआ। महिलाओं ने भविष्य में भी इस प्रकार के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता जताई।
दोनों महिला संगठनों की सदस्य रहीं मौजूद
इस अवसर पर पल्लिवाल महिला मंडल की अध्यक्ष करुणा जैन, सचिव शशि जैन, जैन मिलन महिला की अध्यक्ष बबिता जैन, सचिव शीतल जैन सहित दोनों संगठनों की सदस्य महिलाएं प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।
संयुक्त रूप से आयोजित हरियाली तीज महोत्सव ने महिलाओं के बीच सामाजिक एकता और आपसी सौहार्द को मजबूत करने के साथ भारतीय संस्कृति और पारंपरिक त्योहारों के प्रति जुड़ाव का प्रभावशाली संदेश दिया। पूरे आयोजन में महिलाओं का उत्साह और सहभागिता यह दर्शाती रही कि पारंपरिक पर्व आज भी समाज को एक सूत्र में बांधने और नई पीढ़ी तक सांस्कृतिक विरासत पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
