कुक्षी में जय माँ नर्मदा कावड़ यात्रा का जयस संगठन ने भव्य स्वागत किया। विधायक सुरेंद्र सिंह “हनी” बघेल के नेतृत्व में कोटेश्वर से पवित्र नर्मदा जल लेकर पहुँचे हजारों श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की गई।
कुक्षी में जय माँ नर्मदा कावड़ यात्रा का भव्य स्वागत, जयस ने पुष्पवर्षा कर दिया एकता का संदेश
रिपोर्ट: नरेन्द्र सिरवी
लोकेशन: कुक्षी, धार
कुक्षी में जय माँ नर्मदा कावड़ यात्रा का भव्य स्वागत जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) संगठन द्वारा किया गया। कुक्षी विधायक श्री सुरेंद्र सिंह “हनी” बघेल के नेतृत्व में निकली जय माँ नर्मदा कावड़ यात्रा कोटेश्वर से माँ नर्मदा का पवित्र जल लेकर पैदल यात्रा करते हुए कुक्षी पहुँची। हजारों श्रद्धालुओं की आस्था, माता-बहनों के उत्साह और युवाओं की ऊर्जा से पूरा यात्रा मार्ग भक्तिमय नजर आया। भगवान महाकाल और माँ नर्मदा के जयकारों से क्षेत्र गूंज उठा।
यात्रा के कुक्षी पहुँचने पर जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) के नेतृत्व में भव्य मंच लगाकर कावड़ यात्रियों का स्वागत किया गया। इस दौरान पुष्पवर्षा की गई और पुष्पमालाओं से यात्रियों का अभिनंदन किया गया। बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं और युवाओं ने कावड़ यात्रा का स्वागत करते हुए धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का परिचय दिया।
कुक्षी में जय माँ नर्मदा कावड़ यात्रा को लेकर दिखा उत्साह
कोटेश्वर से माँ नर्मदा का पवित्र जल लेकर निकले कावड़ यात्रियों के कुक्षी पहुँचने पर पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा वातावरण दिखाई दिया। यात्रा में शामिल श्रद्धालु भगवान महाकाल और माँ नर्मदा के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। यात्रा के मार्ग में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने उपस्थित होकर कावड़ यात्रियों का अभिनंदन किया।
माता-बहनों की भागीदारी और युवाओं का उत्साह यात्रा में विशेष रूप से देखने को मिला। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने इस धार्मिक आयोजन को और भव्य बना दिया। यात्रा जिस मार्ग से गुजरी, वहां लोगों ने श्रद्धा के साथ कावड़ यात्रियों का स्वागत किया।
विधायक सुरेंद्र सिंह “हनी” बघेल के नेतृत्व में निकली यात्रा
जय माँ नर्मदा कावड़ यात्रा कुक्षी विधायक श्री सुरेंद्र सिंह “हनी” बघेल के नेतृत्व में निकाली गई। यात्रा कोटेश्वर से माँ नर्मदा का पवित्र जल लेकर पैदल कुक्षी पहुँची। कावड़ यात्रा के माध्यम से श्रद्धालुओं ने माँ नर्मदा के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
लंबी पैदल यात्रा के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बना रहा। भगवान महाकाल के जयकारों के साथ श्रद्धालु अपने गंतव्य की ओर बढ़ते रहे। धार्मिक आस्था के साथ यात्रा में सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे की झलक भी देखने को मिली।
जयस संगठन ने पुष्पवर्षा और पुष्पमालाओं से किया स्वागत
कुक्षी में जय माँ नर्मदा कावड़ यात्रा के स्वागत के लिए जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) संगठन द्वारा भव्य मंच लगाया गया। यात्रा के पहुँचते ही जयस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा कर कावड़ यात्रियों का अभिनंदन किया।
यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को पुष्पमालाएं पहनाकर स्वागत किया गया। जयस संगठन के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय युवा भी स्वागत कार्यक्रम में शामिल हुए। धार्मिक आयोजन के माध्यम से समाज में एकता, सहयोग और भाईचारे का संदेश दिया गया।
स्वागत में ये साथी रहे शामिल
इस अवसर पर अंतिम मुझाल्दा, गेंदालाल रणदा, रविराज बघेल, मोहन बडोले, संदीप बामनिया, अरविन्द मुजाल्दा, सौरभ पटेल, कमल बमनिया, हरिओम डोडवा, तूफान निंगवाल, रवि सोलंकी, प्रवीण बघेल, पप्पू जैन, अंकित पाटीदार और लिंकन पाटीदार सहित अन्य साथी मौजूद रहे।
सभी ने कावड़ यात्रा का स्वागत किया और श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया। स्वागत कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और धार्मिक जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
सभी समाजों ने जगह-जगह किया स्वागत
यात्रा के दौरान सभी समाजों के श्रद्धालुओं ने जगह-जगह कावड़ यात्रियों का स्वागत किया। कहीं पुष्पवर्षा की गई तो कहीं श्रद्धालुओं ने यात्रियों का अभिनंदन किया। अलग-अलग समाजों के लोगों की भागीदारी ने यात्रा को सामाजिक समरसता का भी स्वरूप दिया।
कावड़ यात्रा के स्वागत में समाज के विभिन्न वर्गों की मौजूदगी ने आस्था के साथ एकता और भाईचारे का अद्भुत संदेश दिया। लोगों ने धार्मिक भावना के साथ एक-दूसरे का सहयोग करते हुए यात्रा को सफल बनाने में सहभागिता निभाई।
भगवान महाकाल के जयकारों से गूंजा कुक्षी
कावड़ यात्रा के कुक्षी पहुँचने के दौरान भगवान महाकाल के जयकारे लगातार गूंजते रहे। श्रद्धालुओं के हाथों में कावड़ और धार्मिक उत्साह के बीच पूरा वातावरण शिवमय नजर आया। युवाओं ने जोश के साथ जयकारे लगाए, वहीं माता-बहनों ने भी उत्साहपूर्वक यात्रा में सहभागिता की।
यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने आयोजन की भव्यता को बढ़ाया। जगह-जगह स्वागत के कारण पूरे मार्ग पर धार्मिक और उत्सवी माहौल बना रहा।
आस्था के साथ एकता और भाईचारे का संदेश
कुक्षी में जय माँ नर्मदा कावड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने सामाजिक एकता और भाईचारे का भी संदेश दिया। सभी समाजों द्वारा मिलकर यात्रा का स्वागत किया जाना क्षेत्र की सामाजिक समरसता की तस्वीर पेश करता नजर आया।
माँ नर्मदा के प्रति श्रद्धा और भगवान महाकाल के प्रति भक्ति के साथ निकली यात्रा में युवाओं, महिलाओं और विभिन्न समाजों के लोगों की भागीदारी रही। यात्रा के दौरान अनुशासन और उत्साह के साथ श्रद्धालु आगे बढ़ते रहे।
जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) द्वारा किए गए स्वागत ने आयोजन को और भव्य बनाया। पुष्पवर्षा, पुष्पमालाओं और धार्मिक जयकारों के बीच यात्रियों का अभिनंदन किया गया। इस दौरान मौजूद लोगों ने भी श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाया।
कोटेश्वर से माँ नर्मदा का पवित्र जल लेकर पैदल कुक्षी पहुँची जय माँ नर्मदा कावड़ यात्रा ने पूरे क्षेत्र में धार्मिक वातावरण निर्मित किया। हजारों श्रद्धालुओं की आस्था, माता-बहनों का उत्साह, युवाओं की ऊर्जा और सभी समाजों के सहयोग ने इस यात्रा को विशेष बना दिया। जगह-जगह हुए स्वागत के माध्यम से आस्था, एकता और भाईचारे का संदेश भी सामने आया।


